डायबिटीज को नियंत्रित करने के रामबाण घरेलू उपचार

कल्याण आयुर्वेद- आजकल के बदलते लाइफस्टाइल में डायबिटीज यानी मधुमेह का होना आम समस्या हो गया है. इससे बहुत से लोग प्रभावित हो रहे हैं. डायबिटीज महिला व पुरुषों में सामान्य रूप से होने वाली बीमारी है. इसे नियंत्रित करना आज एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है. लेकिन आयुर्वेद और घरेलू ज्ञान इतना प्रबल है कि इस पर विश्वास रखकर इसको निरंतर सेवन करते रहने से प्रबल रोग भी सही हो जाता है. अनेकों लोगों ने इसको अपनाकर अपनी मधुमेह को नियंत्रित किया होगा तो अब आपकी बारी है. इसके लिए जरूरत है बस निरंतरता और परहेज की.
डायबिटीज को नियंत्रित करने के रामबाण घरेलू उपचार
तो चलिए जानते हैं विस्तार से-
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मधुमेह यानी डायबिटीज रोग में खून में शर्करा का स्तर अधिक हो जाता है. भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या बड़ी तेजी से ही बढ़ती हुई देखने को मिल रही है. इस रोग का कारण प्रमुख रूप से इंसुलिन हार्मोन की कमी की गड़बड़ी को माना जाता है. तनाव और अनियंत्रित जीवनशैली इस रोग को बढ़ावा देते हैं.
मधुमेह यानी डायबिटीज होने के कारण-
एक्सरसाइज नहीं करना, हमेशा मानसिक तनाव में रहना, अत्यधिक नींद लेना, मोटापा होना, चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के अत्यधिक सेवन करना, वंशानुगत कारक.
डायबिटीज के लक्षण-
बार-बार पेशाब आते रहना,
आंखों के सामने धुंधलापन दिखना,
कमजोरी और थकान महसूस होना,
हाथ पैरों का सुन होना,
प्यास अधिक लगना पानी पीने के बाद तुरंत होंठ सूखने लगना,
घाव जल्दी ठीक नहीं होना,
भूख अधिक लगना,
वजन कम होना,
तू अच्छा पर रूखापन होना,
मधुमेह को नियंत्रित करने के रामबाण घरेलू उपचार-
अगर आप डायबिटीज से ग्रसित हैं तो आपको एक अच्छे हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेकर अपने ब्लड शुगर की जांच करवाना चाहिए. जिसके लिए आपको एक अच्छे एक्सपर्ट की तलाश करनी होगी. लेकिन अब आपको परेशान होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है क्योंकि आज हम कुछ घरेलू उपचार बताने जा रहे हैं. जिससे आप डायबिटीज नियंत्रित कर सकते हैं.
1 .3 ग्राम बबूल के शुद्ध गोंद का चूर्ण दूध के साथ सेवन करने से डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद मिलती है.
2 .बेल की जड़ों को कूट कर पाउडर बना लीजिए और छानकर रख दीजिए. एक चम्मच चूर्ण आधा चम्मच बेल के पत्तों का रस मिलाकर सुबह खाली पेट और शाम को खाली पेट खाएं. यह 5 दिन में ही आपको असर दिखाएगा.
3 .अमलतास के थोड़े से गुदे को लेकर गर्म करें और उसकी मटर के दाने के बराबर गोलियां बना लें. अब दो गोली सुबह और दो गोली शाम खाली पेट लेने से ब्लड शुगर नियंत्रित होती है.
4 .लहसुन की दो पोतियों का रस बेल के पत्तों के रस के साथ सुबह के समय सेवन करने से लाभ होता है.
5 .मेथी दाना 100 ग्राम, 100 ग्राम जामुन की गुठली, 100 ग्राम बेलपत्र के पत्ते ढाई सौ ग्राम सभी को कूट पीसकर चूर्ण बना लें और इसे सुरक्षित रख लें. अब एक चम्मच की मात्रा में सुबह खाना खाने के 1 घंटे पहले गर्म पानी के साथ ले. दो-तीन महीने तक इसका नियमित सेवन करने से मधुमेह की समस्या से छुटकारा मिलेगी.
6 .कलौंजी और मेथी दाना बराबर मात्रा में थोड़ा दरदरा पीसकर मिला लीजिए और दोनों को मिलाकर कांच की बरनी में सुरक्षित संभाल कर रख लीजिए. रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच यह चूर्ण डाल दीजिए. सुबह इसे पानी से निकालकर चबा- चबाकर खा लीजिए और यही पानी घुट- घुट कर पी लीजिए. किसी भी लेवल पर शुगर क्यों ना हो यह प्रयोग कारगर सिद्ध होगा. दो-तीन महीना लगातार लेने से काफी लाभ नजर आएगा.
7 .करेले में कैरेटीन नामक रसायन मौजूद होता है. इसलिए यह प्राकृतिक एस्ट्रॉयड के रूप में इस्तेमाल होता है. जिससे खून में शुगर लेबल नहीं बढ़ पाता है. करेले के 100 मिलीलीटर रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में दो तीन बार लेने से बढ़ा हुआ शुगर लेवल नियंत्रित होता है और नियंत्रित होने के बाद सुबह एक बार इसे सेवन करते रहने से हमेशा नियंत्रण में रहता है.
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