कोरोनावायरस से लड़ाई के लिए 4 मई से लागू होगी ये नई गाइडलाइंस, गृह मंत्रालय करेगा जरी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा है कि कोरोनावायरस से लड़ाई के लिए 4 मई से नई गाइडलाइंस लागू होगी. गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने अधिकारिक टि्वटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि इन गाइडलाइंस में कई जिलों में विभिन्न प्रकार की छूट दी जा सकती है. उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में जानकारियां दी जाएगी.
प्रवक्ता ने ट्वीट कर बताया है कि गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉक डॉउन की स्थिति की समीक्षा के लिए विस्तृत बैठक की. उन्होंने बताया है कि लॉकडाउन की शुरुआत से अब तक स्थिति में जबरदस्त सुधार हुआ है.
उन्होंने कहा है कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह सुधार बनी रहे. इसके लॉक डॉउन के दिशा निर्देशों का 3 मई तक सख्ती से पालन किया जाना चाहिए.

MHA held a comprehensive review meeting on the situation today. There've been tremendous gains & improvement in the situation due to lockdown till now.
To ensure that these gains are not squandered away, the lockdown guidelines should be strictly observed till 3rd May.
New guidelines to fight will come into effect from 4th May, which shall give considerable relaxations to many districts. Details regarding this shall be communicated in the days to come. Update @PMOIndia @HMOIndia @MoHFW_INDIA

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इन शर्तों के साथ दूसरे शहरों में फंसे लोगों को घर जाने की इजाजत-
वहीं बुधवार को ही देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों व अन्य लोगों को कुछ शर्तों के साथ उनके घर तक जाने की अनुमति दे दी गई. जिससे एक बड़े वर्ग को राहत मिल सकती है.
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने एक आदेश ने कहा है कि ऐसे फंसे हुए लोगों के समूह को ले जाने के लिए बसों का इस्तेमाल किया जाएगा और इन वाहनों को सैनिटाइज किया जाएगा तथा सीटों पर बैठते समय सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा.
शर्तों के बारे में खुलासा नहीं किया गया है.
गृह मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या किसी व्यक्ति या परिवार को निजी वाहन में जाने की इजाजत मिल सकती है और यदि अनुमति मिल सकती है तो इसके लिए क्या शर्ते होंगी. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे आदेश में उन्होंने कहा है लॉक डाउन के कारण प्रवासी मजदूर, तीर्थयात्री, सैलानी, छात्र और अन्य लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं उन्हें जाने की इजाजत दी जाएगी.
मंत्रालय ने शर्तें गिनाते हुए बताया है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस बाबत नोडल अधिकारी बनाने होंगे और ऐसे लोगों को रवाना करने तथा उनकी अगवानी करने के लिए मानक प्रोटोकॉल बनाने होंगे.
आदेश में कहा गया है कि नोडल अधिकारी अपने राज्यों में फंसे हुए लोगों का पंजीकरण भी करेंगे.
इसके अनुसार यदि फंसे हुए लोगों का समूह एक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से दूसरे राज्य केंद्र शासित प्रदेश के बीच यात्रा करना चाहते हैं तो दोनों राज्य एक दूसरे से सलाह मशवरा कर सकते हैं और सड़क के यात्रा के लिए आपसी सहमति जता सकते हैं.
स्रोत- news18 

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