लॉकडाउन में बड़े काम की चीज साबित हो सकती है अमृतधारा, जानें बनाने की विधि और फायदे

कल्याण आयुर्वेद- फिलहाल बढ़ती हुई कोरोनावायरस संक्रमण के कारण पूरे देश में लॉक डाउन की स्थिति है. ऐसे में छोटी-मोटी समस्याएं होने पर बाहर आना-जाना मुश्किल हो गया है और कई ऐसी छोटी- मोटी स्वास्थ्य समस्याएं हैं जो होती रहती है. ऐसे में छोटी-मोटी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में अमृतधारा बेहद ही गुणकारी चीज है.
लॉकडाउन में बड़े काम की चीज साबित हो सकती है अमृतधारा, जानें बनाने की विधि और फायदे
तो चलिए जानते हैं अमृतधारा बनाने और प्रयोग करने की विधि और इसके फायदों के बारे में-
अमृतधारा एक ऐसी चीज है जो लगभग हर प्रकार के रोगों में फायदेमंद है. गंभीर से गंभीर रोगों में भी इतना फायदा जरूर पहुंचा सकता है कि मरीज को सकुशल अस्पताल तक पहुंचाया जा सके. छोटे- छोटे लोगों को इसकी 2-4 बूंदे ही ठीक कर देती है. अमृतधारा बाजार में बनी बनाई भी मिलती है. लेकिन आप घर में भी इसको बहुत ही आसानी से बना सकते हैं.
अमृतधारा बनाने की विधि-
अमृतधारा बनाने के लिए आपको 10 ग्राम अजवाइन सत, 10 ग्राम पिपरमिंट और 10 ग्राम कपूर लेना है. अब इसे किसी शीशे की बोतल में मिलाकर कुछ देर के लिए रख देना है. यह अपने आप ही तरल रूप में यानी लिक्विड में बदल जाएगा. अब आपका अमृतधारा तैयार हो गया.
अमृतधारा के फायदे-
* यदि किसी को श्वास दमा खांसी या क्षय यानी टीबी की समस्या हो तो 3- 4 बूंद एक गिलास पानी में डालकर सुबह-शाम पीने से काफी लाभ होता है.
* दांत दर्द होना एक आम समस्या है जो किसी को और कभी भी हो सकता है. ऐसे में अमृतधारा इस समस्या से छुटकारा दिलाने में काफी मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए रुई के फाहे में कुछ बूंदे अमृतधारा लगाकर दर्द वाले जगह पर दवा लें दर्द से तुरंत राहत मिलेगा.
* एक चम्मच प्याज के रस में दो बूंद अमृतधारा डालकर पीने से हैजा में काफी लाभ होता है.
* खाना के बाद एक ग्लास पानी में दो-तीन बूंद अमृतधारा डालकर पीने से मंदाग्नि, अजीर्ण, बदहजमी, गैस आदि की समस्या से छुटकारा मिलती है.
* यदि कमजोरी महसूस हो रही है तो 10 ग्राम गाय के मक्खन में दो-तीन बूंद अमृतधारा डालकर प्रतिदिन सेवन करने से कमजोरी दूर हो जाती है.
* बताशे पर दो बूंद अमृतधारा डालकर खाने से पेट दर्द से तुरंत राहत मिलता है.
* आंवला के मुरब्बा में 3-4 बूंद अमृतधारा डालकर खाने से दिल के रोगी को काफी लाभ होता है.
* पानी में तीन चार बूंद अमृतधारा मिलाकर पीने से बदहजमी, दस्त, उल्टी व पेट दर्द में काफी लाभ होता है.
* तिल के तेल में अमृतधारा की 2-3 बुंदे डालकर मालिश करने से छाती के दर्द और अन्य दलों से भी लाभ होता है.
* अमृतधारा को नीम के तेल में मिलाकर लगाने से दाद, दिनाय, खुजली ठीक हो जाती है.
* अगर किसी को हिचकी की समस्या हो तो 1-2 बूंद अमृतधारा जीभ पर रखने से हिचकी दूर हो जाती है.
* मधुमक्खी ततैया, भराया, बिच्छू के काटने वाले स्थान पर अमृतधारा मलने से तुरंत राहत मिलता है.
* सुबह दो चम्मच शहद में 3-4 बूंद अमृतधारा और आधा कप पानी को अच्छी तरह से मिलाकर प्रतिदिन पीने से लू में निकलने पर भी लू का असर काफी कम हो जाता है.
यह जानकारी अच्छी लगे तो लाइक, शेयर करें और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां रोजाना पाने के लिए इस चैनल को अवश्य फॉलो कर लें. धन्यवाद.

Post a Comment

0 Comments