यौन क्षमता व वीर्य स्तंभन शक्ति बढ़ाने के आश्चर्यजनक घरेलू नुस्खे, लड़के जरूर पढ़ें

कल्याण आयुर्वेद- स्तंभन शक्ति व यौन क्षमता सभी पुरुषों में अलग-अलग होती है. शारीरिक संबंध बनाते समय जीतने समय तक पुरुष का वीर्य स्वखलित नहीं होता है स्तंभन शक्ति कहलाता है.
यौन क्षमता व वीर्य स्तंभन शक्ति बढ़ाने के आश्चर्यजनक घरेलू नुस्खे, लड़के जरूर पढ़ें
सेक्स करते समय जब तक महिला पार्टनर चरम सीमा प्राप्त न कर ले तब तक पुरुष का स्वखलन नहीं होने और यौन क्रिया लगातार चलते रहने से संपूर्ण एवं सुख प्राप्त होता है. यदि वीर्य स्वखलित जल्दी हो जाता है तो यह असंतुष्टि का कारण बन सकता है.
इसके दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ सकते हैं जो दंपति के लिए शारीरिक, मानसिक व सामाजिक रूप से हानिकारक साबित हो सकते हैं. अन्य उपाय का विचार मन में आ सकता है, कुंठा व अवसाद हो सकते हैं. अतः शक्ति व यौन शक्ति बढ़ाने की जरूरत महसूस होती है. हालांकि आजकल इससे छुटकारा पाने के लिए बाजार में कई तरह की सेक्स वर्धक दवाइयां उपलब्ध है. लेकिन इसके सेवन से हानिकारक प्रभाव भी हो सकते हैं. ऐसे में घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना बेहतर साबित होता है क्योंकि घरेलू नुस्खों का किसी तरह का साइड- इफेक्ट नहीं होता है.
यौन क्षमता व स्तंभन शक्ति बढ़ाने के घरेलू नुस्खे-
1 .बबूल-
बबूल के पेड़ का गोंद, पत्ते और बिना बीज वाली कच्ची फली को बराबर मात्रा में लेकर छाया में सुखा लें. जब सूख जाए तो इसे उठकर पाउडर बना लें और सुरक्षित रख लें.
इसमें से एक चम्मच चूर्ण लेकर एक चम्मच पिसी हुई मिश्री मिलाकर सुबह खाली पेट खाकर गुनगुना मीठा दूध पी लें. इसी तरह रात को सोते समय भी इसका सेवन करें. लगातार दो महीने तक इस नुस्खे का सेवन करने से शुक्र धातु पुष्ट होती है. वीर्य गाढ़ा होता है. शीघ्रपतन की समस्या दूर होती है. स्तंभन शक्ति और यौन शक्ति बढ़ती है.
2 .कौंच के बीज, गोखरू और शतावर इत्यादि-
कौंच के बीज ( छिलके निकाले हुए ) शतावर, गोखरू, तालमखाना, नागबला, अतिबला, असगंध बराबर मात्रा में लें. अब सभी चीजों को अच्छी तरह से सुखाकर पीसकर पाउडर बना लें और सुरक्षित रख लें.
अब एक चम्मच की मात्रा में सुबह शाम गुनगुने मीठे दूध के साथ खाना खाने के आधे घंटे बाद नियमित सेवन करें. इसके लगातार दो महीने तक सेवन करने से यौन शक्ति बढ़ता है. काम उत्तेजना में बढ़ोतरी होती है तथा वीर्य बढ़ता है.
नोट- हर किसी के शरीर की कार्यविधि अलग-अलग होती है. अपनी पाचन क्षमता के आधार पर ही किसी नुस्खे का सेवन करना फायदेमंद होता है. बुखार या किसी और कारण से कमजोरी हो पाचन तंत्र में खराबी हो और एसिडिटी आकर आदि की समस्या हो तो इसे दूर कर ही इस नुस्खे का सेवन करना चाहिए.
इस नुस्खे के सेवन के दौरान तेज मिर्च मसाले वाला खाना, इमली, अमचूर आदि तेज खटाई, मांस, मदिरा आदि का परहेज रखना चाहिए. इससे शरीर में गर्मी बढ़ती है जो जल्दी स्वखलन का कारण बन जाती है. इसके अलावा इन चीजों के सेवन से शुक्राणु भी कमजोर हो सकते हैं. स्वस्थ संतान की उत्पत्ति के लिए शुक्राणु का स्वस्थ होना जरूरी होता है. अतः परहेज अवश्य करें.
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