दाह संस्कार कर लौटते समय क्यों नहीं मुड़ कर देखना चाहिए पीछे, जानें वजह

दाह संस्कार कर लौटते समय क्यों नहीं मुड़ कर देखना चाहिए पीछे, जानें वजह
पुराणों में बताया गया है कि मौत के बाद भी आत्मा का अपने परिवार के सदस्यों, निवास स्थल, प्रिय वस्तु पर मोह बना रहता है. जिसके वजह से इन्हीं चीजों के आसपास मृत व्यक्ति की आत्मा भटकती रहती है. आपने सुना होगा कि दाह संस्कार करके आते समय लोगों को हिदायत दी जाती है कि वे पीछे की ओर मुड़कर नहीं देखें और सीधे चलते रहे. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है? इसके पीछे की वजह क्या है? अगर नहीं तो आज हम आपको इसके पीछे की वजह के बारे में बताने की कोशिश करेंगे.
* दाह संस्कार कर घर लौटते समय पीछे मुड़कर देखने पर आत्मा का अपने परिवार के प्रति मोह टूट नहीं पाता है. इसके साथ ही आत्मा को इस बात का संदेश भी पहुंचता है कि उसके प्रति अभी भी आपका मोह बना हुआ है इस वजह से कभी भी पीछे मुड़कर देखने की गलती से बचने को कहा जाता है.
* जब शव को जलाया जाता है तब इसके माध्यम से आत्मा को यह समझाया जाता है कि अब उसका इस संसार से कोई लेना देना नहीं है. उसका यहां का हिसाब पूरा हो चुका है, ना उस शरीर से अब उसका कोई संबंध है और ना ही उन लोगों से जो कि उनके परिवार के सदस्य हैं. उसकी अब एक अलग दुनिया है जहां लौट जाना ही उसके लिए अच्छा है.
* संसार की माया को त्याग करना आसान नहीं होता है. इससे आत्मा को मुक्ति मिलने में परेशानी होती है. उस पर अगर परिवार का सदस्य या कोई प्रिय जन दाह संस्कार पर लौटते समय पीछे मुड़कर देखता है तो आत्मा का लगाव उससे कम होने के बजाय और बढ़ जाता है और परलोक गमन करने में उसे कष्ट होता है. अगर कोई इस गलती को कर बैठता है तो मृतक की आत्मा अपने प्रिय जनों के साथ- साथ पीछे पीछे वापस आ जाती है.
* कभी-कभी उसकी आत्मा जीवित व्यक्ति के शरीर में भी प्रवेश कर उसे सताने लगती है. बच्चे या गर्भवती महिलाएं आत्माओं के प्रभाव में जल्दी आ जाते हैं. इसलिए शमशान से इन्हे दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है.
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