डब्ल्यूएचओ- अब वैक्सीन ट्रायल के लिए स्वस्थ लोगों को कराया जाएगा कोरोना संक्रमित

डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उस विवादित ट्रायल को अपना समर्थन दिया है. जिसमें स्वस्थ लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित कराया जाएगा. इस दौरान वालंटियर करने वाले लोगों के गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा भी बना रह सकता है.
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार डब्ल्यूएचओ का कहना है कि स्वस्थ वॉलिंटियर्स को कोरोनावायरस संक्रमित कराने से वैक्सीन तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी. डब्ल्यूएचओ ने इसी वजह से इसे नैतिक रूप से भी सही करार दिया है.
डब्ल्यूएचओ ने वैक्सिंग के ट्रायल को लेकर 8 शर्तें निर्धारित की है. इसके तहत 18 से 30 साल के लोगों को शामिल किया जा सकेगा.
स्वस्थ लोगों को कोरोना वायरस संक्रमित कराने के बाद उन पर वैक्सिंग के असर देखने को चैलेंज ट्रायल भी कहते हैं. मलेरिया, टाइफाइड, फ्लू की वैक्सीन तैयार करने के लिए भी ऐसे प्रयोग किए गए हैं. हालांकि इन बीमारियों के इलाज के लिए दवाइयां मौजूद है. लेकिन कोरोनावायरस से बीमार पड़ने पर फिलहाल कोई दवाइयां उपलब्ध नहीं है. इसकी वजह से किसी व्यक्ति के संक्रमित कराए जाने के बाद उसके गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर ठीक करना मुश्किल हो सकता है.
आमतौर पर पहले से ही संक्रमित हो चुके लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाता है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और इंपीरियल कॉलेज लंदन की ओर से ऐसे लोगों पर ही ट्रायल शुरू किया गया है. हालांकि यह प्रक्रिया धीमी होती है और इसमें तेजी लाने की बात है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत सहित दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. भारत की बात करें तो मंगलवार सुबह तक तकरीबन 70756 कोरोनावायरस किए हैं वही 2293 लोगों की जान अभी तक जा चुकी है.
स्रोत- लीव टुडे.

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