योनि में बार-बार खुजली और जलन होना हो सकता है इस गंभीर बीमारी का लक्षण, जानें कारण और बचाव के उपाय

योनि में बार-बार खुजली और जलन होना हो सकता है इस गंभीर बीमारी का लक्षण, जानें कारण और बचाव के उपाय
कल्याण आयुर्वेद- कई महिलाओं को गर्मियों में ज्यादा पसीना निकलने के कारण से यीस्ट पनपने की पूरी पूरी संभावना बनी रहती है. वैसे तो बॉडी में हमेशा ही यीस्ट होता है. लेकिन कभी-कभी वजाइनल इन्फेक्शन हो जाता है. इसकी वजह है एंटीबायोटिक लेना या क्लोरीन का असर बढ़ना.
योनि में बार-बार खुजली और जलन होना हो सकता है इस गंभीर बीमारी का लक्षण, जानें कारण और बचाव के उपाय
क्या है कारण?
हर 5 महिलाओं में से एक महिला की वजाइना में कैंडिडा फंगस मौजूद होता है. लेकिन यह आमतौर पर बीमारी का कारण तब तक नहीं बनता है जब तक कि इसमें तेजी से बढ़ोतरी ना हो. फंगस के बढ़ने की प्रक्रिया को इम्यून सिस्टम और योनि में रहने वाले लाभदायक बैक्टीरिया काबू में रखते हैं. अगर इन बैक्टीरिया का सफाया एंटीबायोटिक से शुक्राणु नासी दवाओं से हो जाता है तो फंगस तेजी से बढ़ने लगती है. साथ ही बीमारी भी
डायबिटीज से ग्रसित महिलाओं को भी यह इंफेक्शन होने का खतरा अधिक होता है. यीस्ट इंफेक्शन के पीछे सबसे बड़ी भूमिका एंटीबायोटिक की होती है क्योंकि यह हानिकारक बैक्टीरिया के साथ-साथ अच्छे बैक्टीरिया का भी सफाया कर देता है. जिससे यीस्ट को फैलने का पूरा मौका मिल जाता है.
ब्रेस्टफीडिंग, प्रीमेंस्ट्रूअल सिंड्रोम और कुपोषण की स्थिति में हार्मोन्स में आने वाले बदलावों के कारण भी इस इन्फेक्शन का खतरा अधिक हो जाता है.
यीस्ट इन्फेक्शन का क्या है लक्षण?
* वजाइना और उसके आसपास के खुजली, खारिश व जलन रहती है. इसके इलाज में लापरवाही बरती जाए तो वजाइना और उसके आसपास की त्वचा में सूजन और लाली आ जाती है. जलन और त्वचा के फटने का भी खतरा बना रहता है.
* इन्फेक्शन के लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं. इसके मुख्य लक्षण है वजाइना मार्ग से गाढ़ा सफेद रंग का डिस्चार्ज जो देखने में पिज़्ज़ा, कच्चे पनीर के पानी जैसा होता है. इसमें से खट्टी या मछली जैसी दुर्गंध आती है.
योनि में बार-बार खुजली और जलन होना हो सकता है इस गंभीर बीमारी का लक्षण, जानें कारण और बचाव के उपाय
जानें बचाव के उपाय-
* स्विमिंग के बाद सूखे कपड़े पहनकर इस संक्रमण से बचा जा सकता है.
* ऐसे ऐसे में छिद्र वाली पैंटी का इस्तेमाल करने की आदत डालनी चाहिए.
* दही और काफी मात्रा में क्रेनबेरी जूस भी पीना फायदेमंद होगा. यह योनि को एसिडिक बना देता है और यीस्ट के प्रति प्रतिरोधी भी बनाता है.
* कुछ महिलाओं में चीनी व एल्कोहलिस्ट के लिए शक्तिशाली भोजन का काम करती है. इसलिए उनमें कमी करने से मदद मिल सकती है. यीस्ट एक ऐसा जीव है जो शरीर में मौजूद अतिरिक्त शुगर पर जिंदा रहता है. इसलिए खानपान में बहुत अधिक चीनी का इस्तेमाल इस इंफेक्शन का कारण बन सकता है. कई बार चीनी का इस्तेमाल ना के बराबर करने भर यीस्ट भूखों मर जाता है और समस्या खत्म हो जाती है. जहां तक संभव हो सॉफ्ट ड्रिंक सरवर कैंडी कुकी आदि से दूर रहें.
* योनि के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. सफाई के अभाव में कई तरह के बैक्टीरिया पनप सकते हैं जो इस इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं.
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