इम्युनिटी कमजोर होने पर शरीर देता है ये संकेत, जानें बढ़ाने के घरेलू उपाय

कल्याण आयुर्वेद- आजकल की बदलती लाइफस्टाइल में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. जिसके वजह से उनके शरीर में कई तरह की बीमारियां होती रहती है और इंसान खुद को अस्वस्थ महसूस करता है. आज इसी विषय में हम इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे कि शरीर के कुछ ऐसे संकेत हैं जो बताते हैं कि इम्यून सिस्टम कमजोर है.
चलिए जानते हैं विस्तार से-
1 .घाव को भरने में देर होना-
छोटे-मोटे कट या शरीर में चोट लगते ही रहते हैं. यह घाव अपने आप भर जाते हैं और त्वचा अपने आप पहले जैसी हो जाती है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर है तो उसके घाव भरने में समय लगता है. इस संकेत को नजरअंदाज ना करें यह यूनिटी पावर कमजोर होने का संकेत है.
2 .थकावट महसूस होना-
ज्यादा काम करने के बाद और हेल्दी खाना ना खाने के बाद थकावट का होना आम बात है. लेकिन यदि आप प्रतिदिन भरपेट हेल्दी खाना खाते हैं. रात को नींद भी अच्छी लेते हैं. उसके बाद भी आपके शरीर में थकान महसूस होती है और थोड़ा सा भी काम करने के बाद आप थक जाते हैं तो यह भी इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका इम्यूनिटी पावर कमजोर है.
3 .बार- बार इन्फेक्शन होना-
इंफेक्शन यानी संक्रमण कई तरह के होते हैं त्वचा इंफेक्शन यानी खुजली और दाद होना, फेफड़ों का संक्रमण यानी खांसी, नाक बहना, सांस लेने में तकलीफ होना. ऐसे बहुत सारे इंफेक्शन है जिनका लोग कई बार शिकार होते रहते हैं. अगर आपको कोई एक या अलग-अलग संक्रमण जल्दी-जल्दी हो रहे हैं तो यह भी इस बात का संकेत है कि आपकी इम्यूनिटी पावर कमजोर है. ऐसी समस्या होने पर आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
4 .बार- बार सर्दी, जुकाम होना-
मौसम बदलने के साथ सर्दी, जुकाम होना आम समस्या है जो हर किसी को होती रहती है. लेकिन यदि आपको बेमौसम और बार- बार सर्दी, जुकाम की समस्या होती रहती है तो यह संकेत है कि आपकी इम्यूनिटी पावर कमजोर है इसे आप को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए बल्कि चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए.
इम्युनिटी पावर मजबूत के घरेलू उपाय-
* तनाव से रहें दूर-
तनाव आपकी इम्यूनिटी पावर को कमजोर करता है. इसलिए आपको तनाव से दूर रहना चाहिए.
* नींद भरपूर लें-
भरपूर नींद नहीं लेना आपको कई गंभीर बीमारियों का शिकार बनाता है और आप बार-बार बीमार पड़ते हैं. इससे आपकी इम्यूनिटी पावर कमजोर हो जाती है. इसलिए आपको नींद भरपूर लेना चाहिए.
* भरपूर पिएं पानी-
पानी एक प्राकृतिक औषधि है. प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद मिलती है. पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या फिर थोड़ा गर्म हो फ्रिज का पानी पीने से बचें.
* खाए रसदार फल-
संतरा, मौसमी आदि रसदार फलों में भरपूर मात्रा में खनिज लवण और विटामिन सी मौजूद होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. आप चाहे तो पूरे फल खाएं और चाहे तो इनका रस निकालकर सेवन करें, हां इस बात का ध्यान रखें कि रस में शकर या नमक न मिलाएं.
* करे अंकुरित अनाज का सेवन-
अंकुरित अनाज जैसे मूंग, मोठ, चना तथा भीगी हुई दालों का भरपूर मात्रा में सेवन करें. अनाज को अंकुरित करने से उसमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता अधिक हो जाती है. यह पचने में आसान पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं.
* करें चोकर सहित अनाज का सेवन-
गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का जैसे अनाज का सेवन चोकर सहित करें. इससे कब्ज नहीं होगी तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत रहेगी.
* तुलसी की चाय-
नियमित तुलसी की चाय पीना रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने का बेहतर तरीका है. तुलसी में एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुण मौजूद होते हैं. आप चाय की जगह 4-5 तुलसी के पत्ते खा सकते हैं.
* हंसना-
हंसना भी हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है. हंसने से रक्त संचार सुचारू होता है. वह हमारा शरीर अधिक मात्रा में ऑक्सीजन ग्रहण करता है. तनाव मुक्त होकर हंसने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद मिलती है.

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