खूनी खांसी को न करें नजरअंदाज, हो सकता है इन गंभीर बीमारियों का संकेत

कल्याण आयुर्वेद- खूनी खांसी, खांसी में खून का आना गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. खूनी खांसी को हेमोप्टाइसिस के नाम से भी जाना जाता है. जब कोई व्यक्ति खांसता या थूकता है या उसके खांसी या थूक में खून आता है तो उसे हेमोप्टाइसिस का संकेत माना जाता है. खून थूक में खून आना स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक हो सकता है.
अधिकांश मामलों में यह फेफड़ों या पेट की स्थिति के परिणाम स्वरूप होता है. रक्त के खांसी की गंभीरता उसकी अवधि, यानि की खांसी में रक्त कितने दिनों से आ रहा है और खांसी में आने वाली रक्त की मात्रा पर निर्भर करता है. यदि खूनी खांसी लंबे समय तक बना रहे या रक्त की मात्रा काफी अधिक रहे तो जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
खूनी खांसी होने के कारण-
1 .अधिक दिनों तक खांसी का बने रहना-
यदि खांसी लंबे समय तक बनी रहे तो यह गंभीर रूप ले सकती है. जिसमें खांसी में से खून आने की संभावना अधिक हो जाती है.
2 ,सीने में संक्रमण होना-
सीने में किसी प्रकार का संक्रमण होना और लंबे समय तक बने रहना भी खूनी खांसी होने का मुख्य कारण हो सकता है.
3 .फेफड़ों में कैंसर होना-
यह सामान्यतया वृद्ध व्यक्ति और धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में होता है.
4 .गले में कैंसर का होना-
खूनी खांसी होना गले में कैंसर होने का भी संकेत हो सकता है.
5 .टीबी होना-
यह एक गंभीर संक्रामक बीमारी है जो फेफड़ों को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाता है. टीबी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खासी अथवा छीक के द्वारा भी फैलता है या टीबी से पीड़ित व्यक्ति से बात करने से भी फैल सकता है. यह एक प्रकार का फेफड़ों का संक्रमण होता है. टीबी खांसी या बुखार के लंबे समय तक रहने के कारण होता है.
6 .नशीले पदार्थों का अधिक सेवन करना-
नशीले पदार्थों जैसे- कोकिन, एलएसडी इत्यादि के सेवन करने से भी खूनी खांसी की समस्या हो सकती है.
खूनी खांसी के लक्षण-
सांस संबंधी लक्षण जैसे- अत्यधिक खांसी होना या सांस लेने में तकलीफ होना, खांसी के साथ खून का आना, थकान महसूस होना, चक्कर आने पर गला सूखना, सामान्य काम करते समय भी सांस लेने में दिक्कत होना, पसीना ज्यादा आना और दिल का तेज धड़कना, सीने में दर्द उठना, वजन का कम होना.
खूनी खांसी से बचाव के उपाय-
नशीली पदार्थों के सेवन से दूर रहना, खांसी और बुखार को नजरअंदाज ना करना, अत्यधिक प्रदूषित स्थानों पर जाने से बचना, धुम्रपान, शराब से दूर रहना.
यदि खूनी खांसी दिखे तो इसे सामान्य ना समझें और जरूरी जांच करानी चाहिए जैसे-
* पेशाब की जांच कराना.
* आर्टिरियल ब्लड गैस.
* शारीरिक परीक्षण कराना.
* छाती का एक्स-रे कराना.
* कंपलीट ब्लड काउंट जांच कराना.
नोट- यदि कोई भी व्यक्ति खूनी खांसी से पीड़ित है या उसके लक्षणों को महसूस करता है तो उसे तत्काल डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. डॉक्टर ही यह जांच कर सकते हैं कि लक्षण मामूली है या गंभीर और उसके अनुसार उपचार का तरीका होना चाहिए.
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