मुंबई की कंपनी ग्लेनमार्क ने कोरोना की दवा का ट्रायल कर दिया शुरू, जुलाई तक मिल सकती है खुशखबरी

जुलाई-अगस्त तक कोरोनावायरस के इलाज को लेकर भारत से अच्छी खुशखबरी मिलने की उम्मीद जग गई है. मुंबई स्थित दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स ने नोबेल कोरोनावायरस से होने वाली बीमारी के इलाज के लिए बन रही एंटीवायरल दवा fevipiravir का क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है. इस दवा के ट्रायल के लिए कंपनी ने 10 बड़े सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटलों का रजिस्ट्रेशन किया है. बता दें कि इस समय भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए दवा और संक्रमण को रोकने के लिए वैक्सीन के बेसब्री से इंतजार हो रही है क्योंकि दुनिया भर में इसके संक्रमण बढ़ते ही जा रहे हैं और देश में आज इसका आंकड़ा 70000 पार कर चुका है तो वही 2400 से अधिक लोगों की जान भी जा चुकी है.
जुलाई-अगस्त तक अच्छी खबर मिलने की है उम्मीद-
अगर सब कुछ उम्मीद के अनुसार ही होता रहा तो देश में ही कोविड-19 के इलाज के लिए एंटीवायरल दवा  fevipiravir का भारत में ही क्लीनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है. इस एंटीवायरल दवा को कोविड-19 के संभावित इलाज के लिए कामयाब माना जा रहा है. कंपनी को पिछले महीने ही देश के दवा नियंत्रक से इसकी मंजूरी मिली है.
ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की फायलिंग में इस बात का जिक्र किया है कि वह देश की पहली कंपनी है जिसे कोविड-19 के मरीजों पर अपनी एंटीवायरल दवा  fevipiravir की ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से अनुमति मिली है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि  fevipiravir का निर्माण एवीगन के नाम से जापान की फ्यूजीफिल्म पोयामा केमिकल कंपनी लिमिटेड ने किया है और उसे वहां 2014 में एंटीफ्लू दवा के तौर पर मंजूरी मिली हुई है. ग्लेनमार्क का कहना है कि उसने जिन 10 बड़े सरकारी और निजी हॉस्पिटलों में इस दवा की ट्रायल शुरू की है वहां जुलाई से अगस्त तक इसकी स्टडी पूरी हो जाने की उम्मीद है. कंपनी के मुताबिक उसकी रिसर्च और डेवलपमेंट टीम एक्टिव फार्मासिटिकल्स इनग्रेडिएंट और इसके उत्पाद का योग सफलतापूर्वक विकसित कर लिया है. बी एस ई फाइलिंग में कंपनी की वीसी और क्लीनिकल डेवलपमेंट की हेड डॉक्टर मोनिका टंडन ने कहा है ग्लेनमार्क के अंदर के और बाहर के कई स्वास्थ्य और मेडिकल विशेषज्ञ कोविड-19 मरीजों पर fevipiravir का असर देखने को उतावले हैं. हमें विश्वास है कि स्टडी का महत्वपूर्ण परिणाम निकलेगा. क्योंकि अभी तक इस वायरस का कोई कारगर इलाज नहीं है.
भारत ही नहीं पूरी दुनिया कर रही है कोरोना की दवा और वैक्सीन का इंतजार-
मोनिका टंडन ने दावा किया है कि इस ट्रायल से हमें जो आंकड़े मिलेंगे वह हमें कोविड-19 के इलाज और उसके प्रबंधन में स्पष्ट दिशा की ओर ले जाएगा. बता दें कि देश में एक और दवा कंपनी स्ट्राइड्स फार्मा साइंस लिमिटेड ने पिछले सप्ताह कहा था कि उसने एंटीवायरल टेबलेट  fevipiravir को विकसित और उसे बेचने की तैयारी कर ली है और ट्रायल के लिए आवेदन भी दे दिया है. बता दें कि दुनिया में अभी इस तरह के ट्रायल कई जगहों पर चल रहे हैं लेकिन जब तक कोई ठोस नतीजे सामने नहीं आए हैं. पूरी दुनिया इसकी इंतजार में बैठी है.
बता देगी भारत में आज सुबह तक कोरोनावायरस की 70756 मामले हो चुके हैं. अब तक 22455 लोग अलग-अलग तरीकों से ठीक होकर भी घर जा चुके हैं.
स्रोत- वन इंडिया.

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