सिर्फ खांसी और जुकाम की वजह से लोगों से न करें भेदभाव, सरकार ने की है अपील

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि जब कोरोना वायरस लोगों को अपना शिकार बनाने में कोई भेदभाव नहीं करता है तो आखिर हमें क्यों करना चाहिए.
सरकार ने खांसी और जुकाम होने पर लोगों से भेदभाव नहीं करने की अपील की है क्योंकि ऐसा जरूरी नहीं है कि जिन लोगों को खांसी, जुकाम और छींक आए वह कोरोना संक्रमित हैं. इस तरह के बर्ताव से दूसरों को ठेस पहुंच सकती है और आपसी सामंजस्य खराब हो सकता है.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि जब कोरोना वायरस लोगों को अपना शिकार बनाने भेदभाव नहीं करता है तो आखिर हमें भेदभाव क्यों करना चाहिए. इस तरह के बर्ताव को छोड़ने की जरूरत है. मंत्रालय ने सबको साथ मिलकर कोरोना का मुकाबला करने की अपील की है.
मंत्रालय के अनुसार कोरोनावायरस ठीक हो जाएगा. लेकिन इसके कारण अगर किसी के साथ भेदभाव होता है तो उसके जख्म जिंदगी भर नहीं भरेंगे. अगर लोगों को कोई डर है तो भेदभाव से नहीं बल्कि सही जानकारी और तथ्यों के साथ इसका मुकाबला करना बेहतर होगा.

मंत्रालय ने अपील की है कि केवल किसी व्यक्ति को छींक आ जाती है या उसे खांसी और जुकाम है तो यह कतई नहीं मान लेना चाहिए कि उसे कोविड-19 ही है. उसने लोगों को कोरोना पर अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1075 या 011- 2397 8046 पर कॉल करने को कहा है. यह हेल्पलाइन 24 घंटे प्रतिदिन खुले रहते हैं.
कोरोनावायरस के खिलाफ जागरूकता की मुहिम में ईटीवी सरकार के साथ है. हम लगातार लोगों को इससे जुड़ी जानकारियां साझा कर रहे हैं. डॉक्टरों के हवाले से हमने 24 मार्च को बताया था कि फ्लू और कोरोना के लक्षण में क्या अंतर है.
डॉक्टरों का कहना है कि फ़्लू में जुकाम, नाक बहना, खांसी, सिरदर्द, आंखों का लाल होना और आंखों से पानी आना मुख्य लक्षण है. वही कोविड-19 में सूखी खांसी सांस लेने में परेशानी और बुखार प्रमुख लक्षण है. फ्लू में माइल्ड इन्फेक्शन रोकथाम के उपायों जैसे गर्म पानी पीने आदि से ठीक हो जाता है. लेकिन कोविड-19 के साथ ऐसा नहीं है और ना ही आपको गले में खराश होने से चिंता करनी चाहिए. हां यदि समस्या बढ़ती ही जा रही है तो आपको डॉक्टर से संपर्क जरूर करनी चाहिए.
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