कोरोनावायरस- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सर्वोत्तम रसायन है यह चीज, खुद खाएं बच्चों को भी खिलाएं

कल्याण आयुर्वेद- भारत में यदि लोगों को किसी मौसम का इंतजार रहता है तो वह है बारिश का मौसम. क्योंकि बारिश चिलचिलाती गर्मी से राहत देकर हमें फिर से तरोताजा कर देती है और हमारे भीतर नई ताजगी का संचार कर देती है. लेकिन दूसरी तरफ यही बारिश अपने साथ कई तरह की बीमारियों को भी लेकर आती है. ऐसे में यदि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो तो हम मौसमी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. खासकर बच्चे इससे प्रभावित होते हैं. तापमान में कमी और नमी के स्तर में बढ़ोतरी के कारण मानसून के दौरान संक्रमण का होना एक आम समस्या है.
कोरोनावायरस- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सर्वोत्तम रसायन है यह चीज, खुद खाएं बच्चों को भी खिलाएं
आमतौर पर इस मानसून में सर्दी, खांसी, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और निमोनिया जैसी बीमारियां फैलती है. गर्म, ठंडा और आर्द्र जलवायु के कारण कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर ज्यादा तेजी से फैलते हैं.
लेकिन फिलहाल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से हर किसी को जरूरी हो गया है. ताकि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हो सके. ऐसे में आज हम एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसका नियमित सेवन करते हैं तो यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकता है. हालांकि हम जिस चीज के बारे में बताने जा रहे हैं कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सेवन करने की सलाह भी दी गई है.
जी हां, हम जिस चीज के बारे में बात कर रहे हैं वह है च्यवनप्राश. च्यवनप्राश रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सबसे अच्छा रसायन माना जाता है. च्यवनप्राश एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक सूत्र है. जिसका इस्तेमाल कई दशकों से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है.
प्रतिदिन 2 चम्मच च्यवनप्राश ( बच्चों की आधी मात्रा )  का नियमित सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता, मौसम के दुष्प्रभाव, नासिका संबंधी एलर्जी एवं संक्रमण इत्यादि पर लाभकारी प्रभाव की पुष्टि करता है. च्यवनप्राश प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित त्रिदोष वात, पित्त और कफ को संतुलित करने में मदद करता है. यह रोगाणुओं से लड़ने वाले डेट्रिक सेल, एनके सेल और मैक्रोफेज को सक्रिय करने में मदद करता है.
कोरोनावायरस- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सर्वोत्तम रसायन है यह चीज, खुद खाएं बच्चों को भी खिलाएं
च्यवनप्राश में मुख्य घटक आंवला है जो विटामिन सी से समृद्ध होता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. इसके अलावा गुडूची, पीपली, कंटकारी, काकड़ासिंगी, आमलकी, वसाका, पुष्कर्मूल, शालपर्णी आदि लगभग 50 तरह की जड़ी- बूटियां के मिश्रण से बनी होती है. यह सामान्य संक्रमण एवं स्वसन तंत्र की एलर्जी को कम करने में मददगार होती है.
इसलिए आपको नियमित च्यवनप्राश का सेवन करना चाहिए. जिससे कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव किया जा सके.
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