कोरोना संक्रमण और फ्लू या जुकाम में क्या अंतर है ? जानें विस्तार से

कल्याण आयुर्वेद- आज पूरी दुनिया कोरोना विश्वव्यापी महामारी के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में आमतौर पर सर्दी जुकाम और सामान्य कफ कोल्ड शुरू होते ही लोग घबरा जा रहे हैं. आखिर कॉमन कोल्ड यानी सामान्य वायरल इंफेक्शन और कोरोना वायरस संक्रमण में क्या अंतर है ?
कोरोना संक्रमण और फ्लू या जुकाम में क्या अंतर है ? जानें विस्तार से
चलिए जानते हैं विस्तार से-
हल्का-फुल्का सर्दी, जुकाम या सामान्य कफ कोल्ड होने से लोग तुरंत घबरा जा रहे हैं. लोगों को लगता है कि कहीं उन्हें कोरोनावायरस संक्रमण तो नहीं जकड़ लिया है. लोग तुरंत डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं. दरअसल ज्यादातर वायरल या मौसमी बीमारियों की शुरुआत खांसी, जुकाम, गले में खराश से होती है. यह सारे लक्षण सामान्य फ्लू, सर्दी, जुकाम या फिर कोरोना वायरस संक्रमण के हो सकते हैं.
लेकिन सच्चाई यह है कि इन इन्फेक्शन में अंतर होता है. जब मौसम बदलने लगता है तो हम में से ज्यादातर लोग सर्दी, जुकाम या सामान्य वायरल या फ्लू की चपेट में आ जाते हैं. वैसे इन्हीं के जैसे लक्षणों से कोरोनावायरस की भी शुरुआत होती है. जिसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने कोविड-19 का नाम दिया है.
हाल ही में जर्मन साइट डॉयचे वेले वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और विशेषज्ञों से बात करके एक रिपोर्ट पब्लिश की है. जिसमें उन्होंने बताया है कि आखिर आपको डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए ?
कोरोनावायरस के लक्षण-
अगर आप को बुखार तेजा आ रहा है, साथ में सूखी खांसी हो, सांस लेने में दिक्कत हो रही हो, मांस पेशियों में दर्द महसूस कर रहें हों, साथ ही थकान आपको लगातार घेर रही हो.
यह भी है कोरोनावायरस के संकेत-
आपको बलगम बनने लगे, खांसी से खून आए, लगातार सिर दर्द महसूस हो, साथ ही पेट खराब रहे और दस्त होने लगे.
यह कोरोना संक्रमण के संकेत नहीं है.
* आपकी नाक बह रही हो.
* गले में भारीपन या खराश महसूस कर रहे हैं.
अगर आपकी नाक बह रही हो और गले में खराश हो तो इसका मतलब यह हुआ कि आपको कोरोना ने नहीं बल्कि फ़्लू या कॉमन कोल्ड की दिक्कत है. इन दोनों में हमारी सांस की प्रणाली का ऊपरी हिस्सा प्रभावित होता है.
फ़्लू और जुकाम में फर्क है.
कई बार डॉक्टरों के लिए यह भी पता लगाना मुश्किल होता है कि मरीज को इनफ्लुएंजा हुआ है या कॉमन कोल्ड या फिर कुछ और. कॉमन कोल्ड में ज्यादातर गले में खराश होती है, नाक बहने लगती है, इसके दो-तीन दिन बाद खांसी शुरू होती है. कई दिनों तक सिर में दर्द और बुखार आपको चपेट में लिए रहता है. इससे कमजोरी भी महसूस होती है.
कॉमन कोल्ड कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है और 1 सप्ताह बाद तो सारे लक्षण गायब हो जाते हैं. वही फ़्लू  ( इनफ्लुएंजा ) लंबा समय लेता है. 1 सप्ताह तक तो आप भी स्तर से ही नहीं निकल पाते हैं पूरे लक्षण जाने में और फिर चुस्त-दुरुस्त होने में कई सप्ताह लग जाते हैं.
फ़्लू या फिर इन्फ्लूएंजा में सब कुछ एक ही साथ हो जाता है. इसमें सिर के साथ- साथ मांस पेशियों में भी दर्द होता है. सूखी खांसी होती है और गला बैठ जाता है. गले में बुरी तरह दर्द होता है. बुखार 105 डिग्री तक भी हो सकता है.
क्या होता है कोरोनावायरस में-
कोरोनावायरस या कोविड-19 में हमारी सांस प्रणाली का निचला हिस्सा फेफड़े प्रभावित होते हैं. इसी की वजह से सुखी खासी आने लगती है. सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होने लगती है. इसमें आपको निमोनिया भी हो सकता है और कोरोनावायरस संक्रमण भी.
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कैसे फैलता है कोरोना वायरस-
कोरोनावायरस ज्यादातर छींक या खांसी के दौरान मुंह से निकली बूंदों से फैलता है. यह किसी सतह कपड़े या त्वचा पर अलग-अलग समय तक रहता है. भारतीय विज्ञान संस्थान ने यूनिसेफ की मदद से एक बयान जारी किया है. इसके अनुसार कोरोनावायरस के सेल की परिधि 400- 500 माइक्रो होती है. इसके इस आकार के चलते कोई भी मास्क रोक सकता है.
कोरोनावायरस हवा से नहीं फैलता है जाने कैसे फैलता है?
* जब यह किसी धातु की सतह पर पड़ता है तो यह उस पर 12 घंटे तक जिंदा रहता है. इसलिए बार-बार हाथ को साबुन से धोने की सलाह दी जा रही है.
* जब यह किसी कपड़े पर पड़ता है तो वहां 9 घंटे तक सक्रिय अवस्था में रहता है. इसलिए प्रतिदिन धुले हुए कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है या फिर सूरज की रोशनी जरूर लें.
* आपके हाथ पर यह महज 10 मिनट तक रहता है. इसलिए हमेशा अपने पास अल्कोहल सेनीटाइजर रखें और गर्म पानी भी पीते रहें. अगर आप गर्म पानी पी रहे हैं और सूरज की गर्मी में आ रहे हैं तो आप अधिक सुरक्षित हैं. * ठंडी चीजों और आइसक्रीम के सेवन से दूर रहें.
आपको गरम पानी और नमक से गरारा करना कोरोना वायरस से बचाव करने में मददगार है.
ज्यादातर लोगों में नहीं दिखते हैं कोरोना संक्रमण के लक्षण-
अब तक हुए मामलों के रिकॉर्ड दिखाते हैं कि ज्यादातर संक्रमित लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. जर्मनी के रॉबर्ट कॉक इंस्टिट्यूट के अनुसार इस वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन का होता है. इनक्यूबेशन पीरियड उस अवधि को कहते हैं जिसमें संक्रमण के बाद बीमारी के लक्षण दिखाई देने शुरू हो जाते हैं.
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इसका टेस्ट कैसे होता है?
कोरोना वायरस टेस्ट बहुत ही आसान है. इसे आसानी से पता किया जा सकता है कि आप नोबेल कोरोनावायरस से संक्रमित हैं या नहीं ? आपके जिला अस्पतालों में इसके टेस्ट की जानकारी आपको मिल जाएगी. इसलिए आपको संदेह होते ही अस्पताल से संपर्क करनी चाहिए.
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स्रोत- news 18

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