शुक्र नीति- ये 8 बातें जिसे भूल कर भी नहीं बताना चाहिए किसी को, पड़ सकते हैं खतरे में

शुक्र नीति- ये 8 बातें जिसे भूल कर भी नहीं बताना चाहिए किसी को, पड़ सकते हैं खतरे में
शुक्राचार्य न सिर्फ एक महान विद्वान थे बल्कि बहुत बुद्धिमान भी थे. उन्होंने कई ऐसी बातें और नीतियां बताई है जिसका मनुष्य अध्ययन कर ले और पालन करे तो कई समस्याओं से बच सकता है. उन्होंने शुक्र नीति में बताया है कि प्रत्येक मनुष्य के जीवन में कुछ निजी बातें हैं, जिन्हें दूसरों के साथ कभी भी साझा नहीं करना चाहिए. भविष्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
चलिए जानते हैं वे 8 बातें कौन से हैं?
1 .अपमान-
यदि किसी वजह से हमें अपमान सहना पड़ा हो तो इस बात को हमेशा गुप्त रखना ही फायदेमंद होता है. यदि दूसरों को यह मालूम होगा कि हमें अपमान का सामना करना पड़ा है तो लोग हमारा मजाक उड़ा सकते हैं.
2 .घर- परिवार के झगड़े-
अक्सर घर परिवार में कुछ न कुछ बातों को लेकर वाद- विवाद होते रहते हैं यह होना बहुत ही आम बात है. लेकिन आपसी झगड़े घर के बाहर किसी को भी नहीं साझा करने चाहिए. ऐसा करने पर समाज में परिवार की प्रतिष्ठा कम होती है. परिवार का अहित चाहने वाले लोग इसका फायदा आसानी से उठा सकते हैं.
3 .गुप्त दान-
गुप्त दान का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा कहा जाता है कि जो लोग गुप्त रूप से दान करते हैं उन्हें अक्षय पुण्य के साथ साथ देवी- देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और सभी सुख- सुविधाएं प्राप्त होती है. दूसरों को बता बता कर दान करने पर पुण्य प्राप्त नहीं हो पाता है.
4 .मंत्र-
गुरु द्वारा दिए गए मंत्र को हमेशा गुप्त रखना चाहिए. गुरु मंत्र तभी सिद्ध होते हैं जब इन्हें गुप्त रखा जाता है. मंत्रों को गुप्त रखने पर जल्द ही शुभ फल की प्राप्ति होती है.
5 .धन हानि-
आज के समय में धन को किसी भी व्यक्ति की शक्ति का पैमाना माना जाता है. अधिकांश परिस्थितियों में धन के आधार पर ही रिश्ते निभाए जाते हैं और मित्रता भी की जाती है अतः यदि हमें कभी धन की हानि हो जाए तो इस बात को हमेशा गुप्त रखना चाहिए. धन हानि की बात दूसरों को बता दी जाएगी तो कई लोग हम से दूरियां बढ़ा लेंगे. धन हानि से उबरने के लिए धन की आवश्यकता होती है. इस बात के जाहिर होने पर कोई धन की मदद भी नहीं करेगा. साथ ही यदि हमारे पास बहुत सारा धन है तो इस बात को भी हमेशा गुप्त रखना चाहिए क्योंकि इससे जान का खतरा भी हो सकता है.
6 .रति क्रिया ( शारीरिक सम्बन्ध)-
स्त्री- पुरुष को रति क्रिया के समय एकांत का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस कर्म से जुड़ी बातें भी हमेशा गुप्त रखनी चाहिए. यदि यह बातें दूसरों को मालूम हो जाती है तो यह हमारे चरित्र और सामाजिक जीवन के लिए अच्छा नहीं होता है.
7 .पद- प्रतिष्ठा-
यदि हम किसी बड़े पद पर हैं और समाज में हमें बहुत मान- सम्मान मिलता है तो इस बात को भी हमेशा गुप्त रखना चाहिए. किसी अन्य व्यक्ति के सामने इस बात को जाहिर करेंगे तो इससे अहंकार का भाव उत्पन्न होता है और अहंकार पतन का कारण बनता है और इससे हमारी प्रतिष्ठा कम हो सकती है.
8 .अपने स्वास्थ्य के बारे में-
अगर आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो वह आपको अपने तक ही सीमित रखनी चाहिए. आपके डॉक्टर को आपके स्वास्थ्य के बारे में सब कुछ पता होता है इसलिए कभी भी भूल से भी किसी को अपने स्वास्थ्य और अपने डॉक्टर के बारे में डिटेल मत देना. इस बात का फायदा आपके शत्रु उठा सकते हैं.
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