डायबिटीज के मरीज चावल खा सकते हैं या नहीं ? और खा सकते हैं तो कैसे, यहाँ जानिए

कल्याण आयुर्वेद- डायबिटीज आज एक आम बीमारी होते जा रही है. इससे काफी लोग प्रभावित हो रहे हैं. यह महिला व पुरुषों में लगभग सामान्य रूप से होने वाली बीमारी है.
डायबिटीज के मरीज चावल खा सकते हैं या नहीं ? और खा सकते हैं तो कैसे, यहाँ जानिए
डायबिटीज के मरीजों को खानपान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि खानपान शुगर लेवल को तुरंत प्रभावित करती है. जिससे शुगर लेवल अचानक बढ़ या घट जाता है.
इसलिए यदि आप डायबिटीज के मरीज है तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप प्रतिदिन क्या खाते हैं और आप जो खा रहे हैं उस खाद पदार्थ का लाइसेंस इंडेक्स यानी जीआईएस को क्या है और आप प्रतिदिन कितने कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन कर रहे हैं अगर उसे कम कर लिया जाए तो डायबिटीज को कंट्रोल करना आसान हो जाता है. अगर आप अपनी डाइट पर कंट्रोल ना रखें तो डायबिटीज की वजह से अन्य बीमारियां हो सकती है. जैसे- ह्रदय रोग, किडनी डैमेज और कई तरह की दूसरी गंभीर बीमारियां भी हो सकती है.
डायबिटीज के मरीज चावल खा सकते हैं या नहीं ? और खा सकते हैं तो कैसे, यहाँ जानिए
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर इंसुलिन हार्मोन का सही मात्रा में उत्पादन नहीं कर पाता है. जिसकी वजह से शरीर में ग्लूकोज या ब्लड शुगर लेवल का असर अधिक हो जाता है. आपने अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि डायबिटीज के मरीजों के लिए चीनी तो जहर समान है साथ ही उन्हें चावल भी नहीं खाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है और इसका जीआई स्कोर भी काफी ज्यादा होता है. जी आई एक माप है जो यह बताता है कि कौन सा खाना ब्लड शुगर लेवल को किस तरह से प्रभावित करता है. ज्यादा जी आई रैंक वाले खाद पदार्थों की वजह से ब्लड शुगर बढ़ता है और डायबिटीज का खतरा ज्यादा रहता है.
क्या डायबिटीज के मरीजों को पूरी तरह से चावल खाना बंद कर देना चाहिए? क्या चावल की कोई और वैरायटी है जिसका सेवन डायबिटीज के मरीजों को करना चाहिए? इन सब के बारे में हम आपको विस्तार से बताने की कोशिश करेंगे.
डायबिटीज में ज्यादा चावल खाने के नुकसान-
ब्रिटिश मेडिकल जनरल में प्रकाशित एक स्टडी की माने तो वैसे लोग जो सफेद चावल का बहुत अधिक मात्रा में सेवन करते हैं उन्हें टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा 10% तक ज्यादा हो जाता है. ऐसे में अगर आपको भी डायबिटीज है या फिर डायबिटीज डायग्नोज हो चुका है तो आपको चावल खाने में संयम बरतने की आवश्यकता है. इतना ही नहीं आप जो चावल खा रहे हैं उसका जीआई स्कोर क्या है और उसमे कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कितनी है. इसके बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए.
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं का भी कहना है कि अगर आप चाहते हैं कि आपको भविष्य में डायबिटीज ना हो तो आपको सफेद चावल कम मात्रा में सेवन करने चाहिए. इस स्टडी में पहले हो चुकी 4 स्टडी के नतीजों की जांच की गई जिसमें चीन, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के 3,52,000 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल किया गया था. जिन लोगों ने सफेद चावल का सेवन ज्यादा किया उन्हें डायबिटीज होने का खतरा 27% ज्यादा था और यह खतरा एशिया महाद्वीप के लोगों में ज्यादा था. स्टडी की शुरुआत में सभी प्रतिभागी डायबिटीज फ्री थे.
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के मुताबिक डायबिटीज के मरीजों को अपने प्रतिदिन के कार्बोहाइड्रेट की जरूरत हो साबुत अनाज से पूरा करना चाहिए. साबुत अनाज में मुश्किल कार्बोहाइड्रेट होते हैं जिसे तोड़ने में शरीर को अधिक समय लगता है और इस कारण ब्लड शुगर लेवल के अचानक बढ़ने का खतरा काफी कम हो जाता है.
डायबिटीज के मरीजों को कौन सा चावल करना चाहिए सेवन?
डायबिटीज के मरीजों को सिर्फ वैसा ही चावल खाना चाहिए जो पोषक तत्वों से भरपूर हो और वे तीन तरह के चावल जो मधुमेह के मरीजों को सेवन करना सही माना जाता है.
1 .ब्राउन राइस.
2 .वाइल्ड राइस.
3 .लंबी दानेवाला बासमती चावल.
छोटे दाने वाले सफेद चावल की तुलना में इन तीनों तरह के चावल में फाइबर, न्यूट्रिएंट्स और विटामिन की मात्रा ज्यादा होती है. छोटे दाने वाले सफेद चावल का न सिर्फ जीआई स्कोर ज्यादा होता है बल्कि इसमें किसी तरह का कोई पोषक तत्व भी नहीं पाया जाता है. बासमती ब्राउन और वाइल्ड राइस का जीआई स्कोर मध्यम होता है और इसका सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है.
अधिक खाने से करें कंट्रोल-
अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और चावल खाना चाहते हैं तो उन्हें बेहद ही कम मात्रा में खाना चाहिए. आधा कप चावल में करीब 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है. साथ ही सिर्फ चावल खाने की बजाय उसे हेल्दी चीजों के साथ मिलाकर खाएं जैसे चावल के साथ दाल, फलियां, बींस या हरे पत्तेदार सब्जियां. इनके साथ सेवन करने से जरूरी पोषण भी मिल पाएगा. वैसे भी दाल चावल को परफेक्ट संतुलित आहार के तौर पर देखा जाता है.
चावल को कैसे पकाएं?
चावल को प्रेशर कुकर में पकाने की जगह उसे किसी पेन या पतीले में अतिरिक्त पानी के साथ पकाएं और जब चावल पक जाए तो अतिरिक्त पानी या माड़ को फेक दें. ऐसा करने से चावल में मौजूद स्टार्च कम हो जाएगा और चावल का कार्बोहाइड्रेट लेवल कुछ हद तक कम हो जाएगा.
डायबिटीज के मरीजों के लिए क्यों फायदेमंद है ब्राउन राइस?
अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और चावल खाना चाहते हैं तो आपको सफेद वाले नॉर्मल चावल की बजाय ब्राउन राइस का सेवन करना चाहिए. इसकी वजह यह है कि ब्राउन राइस में फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन, फोलिक आदि मिनरल्स और पोषक तत्वों से भरपूर मात्रा पाई जाती है. इस वजह से अधिक वजन वाले लोग या टाइप 2 डायबिटीज के मरीज जिनके शरीर में भोजन करने के बाद ब्लड शुगर लेवल अधिक हो जाता है उसे कम करने में मददगार है ब्राउन राइस.
टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों पर की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि दो बार ब्राउन राइस का सेवन करने पर सफेद चावल खाने की तुलना में भोजन के बाद ब्लड शुगर लेवल और हीमोग्लोबिन a1c को भी कम करने में मदद मिली. साथ ही वजन कम करने में भी मददगार है. ब्राउन राइस और इस वजह से ही शरीर का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित करने में मदद मिलती है. डायबिटीज के लिए बेहद जरूरी है कि वह अपना वजन नियंत्रित रखें. डायबिटीज के मरीजों के लिए ही नहीं बल्कि वैसे लोग जिन्हें डायबिटीज नहीं है और अगर वह भी नॉर्मल सबसे चावल की जगह ब्राउन राइस का सेवन करती हैं तो इसमें मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होती है. जिसकी वजह से उन्हें टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है.
कुल मिलाकर कहा जाए तो डायबिटीज के मरीज चाहे टाइप वन डायबिटीज हो या फिर टाइप 2 चावल खाना पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं है. यह चाहे तो कम मात्रा में चावल का सेवन कर सकते हैं लेकिन बेहद जरूरी है कि आप चावल को कई दूसरे हेल्दी फूड्स जैसे प्रोटीन से भरपूर दाल हेल्दी फैट्स साथ मिलाकर खाएं और साथ ही संतुलित आहार का सेवन करें. ऐसा करने से आपका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहेगा.
आपको इस बात का भी हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जब भी चावल का सेवन करें तो ताजा बना हुआ है चावल  ( भात ) का सेवन करें.
यह जानकारी अच्छी लगी हो तो लाइक, शेयर जरूर करें और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां रोजाना पाने के लिए इस चैनल को अवश्य फॉलो कर लें. धन्यवाद.

Post a Comment

0 Comments