अस्थमा का रामबाण इलाज है धतूरा, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

कल्याण आयुर्वेद- धतूरे का पौधा लगभग हर क्षेत्रों में पाया जाता है. इसका प्रयोग तांत्रिक विद्या ओं से लेकर कई बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है. धतूरे का इस्तेमाल तो जैसे अस्थमा रोगियों के लिए अमृत समान गुणकारी होती है. लेकिन इसके प्रयोग करने का तरीका मालूम होना चाहिए.
अस्थमा का रामबाण इलाज है धतूरा, जानें इस्तेमाल करने के तरीके
चलिए जानते हैं प्रयोग करने के तरीके-
इसके लिए बराबर मात्रा में धतूरे की पत्तियों व फल को सुखाकर कूट लें. फिर इस मिश्रण को मिट्टी की हडिया में भरकर कपड़े से हडिया के मुंह को बंद कर ऊपर से मिट्टी लगाएं. उपले कोयले का लकड़ी के अंगारे पर इस पात्र को रखें. जब पत्तियां और फल जलकर भस्म यानी राख बन जाए तो उतार कर पीसकर सुरक्षित रख ले.
अब इस राख की आधा ग्राम तक की मात्रा को सुबह- शाम शहद के साथ नियमित अस्थमा के रोगियों को चटाएं ऐसा करने से अस्थमा व कफ रोगों में काफी लाभ होता है.
इतना ही नहीं धतूरे के पत्तों को चिलम में तंबाकू की तरह भरकर पीने से भी अस्थमा से तुरंत राहत मिलती है.
नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. आप किसी भी प्रयोग से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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