गर्भावस्था में क्यों आती है बार-बार पेशाब ? जानें कारण और उपाय

कल्याण आयुर्वेद- हर महिला के लिए गर्भावस्था जिंदगी का सबसे खास पल होता है. लेकिन इस समय महिलाओं के लिए बहुत ही कठिन समय होता है. ऐसे में महिलाओं को अपने खानपान से लेकर स्वास्थ्य तक सभी तरह का ध्यान रखना होता है. इतना ही नहीं इस दौरान महिला को मॉर्निंग सिकनेस से लेकर मूड स्विंग्स जैसी कई छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन्हीं समस्याओं में से एक है बार-बार पेशाब आने की समस्या. बार बार पेशाब आने की समस्या दरअसल गर्भावस्था के मानसिक बदलाव होते हैं. जिसके कारण उसे कई तरह की समस्याएं आती है. बार-बार पेशाब आने की समस्या के कारण महिला खुद को काफी असहज महसूस करती हैं.
गर्भावस्था में क्यों आती है बार-बार पेशाब ? जानें कारण और उपाय
गर्भावस्था में बार- बार पेशाब आने के कारण-
गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक पेशाब आने की कुछ निम्नलिखित कारण है-
1 .हार्मोन परिवर्तन-
एचसीजी ( ह्यूमन कोरियोनिक गोनाड़ोट्रोपिन ) हार्मोन जो गर्भावस्था के दौरान पेशाब आने के प्रमुख कारणों में से एक है. यह पेल्विक क्षेत्र और गुर्दे की तरफ रक्त प्रवाह बढ़ाता है जो फिर ज्यादा अच्छे से काम करते हैं. आपका शरीर विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने की कोशिश करता है.
2 .मूत्राशय पर दबाव पड़ना-
आपका मूत्राशय बिना गर्भावस्था के करीब 500 मिलीलीटर मूत्र एकत्रित रख सकता है. लेकिन पहली तिमाही के दौरान आपका गर्भाशय फैलता है और इसे मूत्राशय पर ले जाने के लिए संकुचित करता है. एक संकुचित मूत्राशय अधिक मूत्र एकत्रित नहीं रख सकता है इसलिए जितनी जल्दी हो सके मूत्राशय खाली करने की कोशिश करता है. गर्भावस्था की शुरुआत में बार-बार पेशाब आने का प्रमुख कारण हो सकता है.
गर्भावस्था में क्यों आती है बार-बार पेशाब ? जानें कारण और उपाय
3 .अतिरिक्त तरल पदार्थ-
आपके पूरी गर्भावस्था के दौरान रक्त का स्तर बढ़ता है और यह प्रेगनेंसी के पहले से लगभग 50% अधिक होता है. इसलिए अतिरिक्त तरल पदार्थ बनते हैं जो किडनी में एकत्रित होते हैं और बार- बार पेशाब आती है.
4 .मूत्र पथ संक्रमण-
यूटीआई या मूत्राशय के संक्रमण का उपचार न किया जाए तो यह गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है. बार- बार पेशाब आना उनमें से ही एक है. अन्य लक्षणों में पेशाब के दौरान जलन, पेशाब के अंत में दर्द और मूत्र में रक्त आता है.
यदि यूटीआई का इलाज नहीं किया जाता है तो यह किडनी संक्रमण ( पायलो नेफ्राइटिस ) का कारण बन सकता है. जिसमें बुखार, उल्टी और गंभीर पीठ दर्द हो सकता है. इसके लिए अंतः स्रावी एंटीबायोटिक दवाओं और अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है. इससे समय पूर्व प्रसव और मिसकैरेज का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.
गर्भावस्था में पेशाब कंट्रोल करने के उपाय-
तरल पदार्थों का सेवन-
जिन महिलाओं को गर्भावस्था में बार- बार पेशाब जाने की समस्या होती है, वह इससे परेशान होकर तथा तरल पदार्थों को सेवन कम कर देती हैं हालांकि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए. तरल पदार्थ आपके और आपके गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है. इसके अलावा गर्भावस्था में निर्जलीकरण के कारण आपको मूत्र पथ में संक्रमण की समस्या भी हो सकती है.
गर्भावस्था में क्यों आती है बार-बार पेशाब ? जानें कारण और उपाय
पेशाब के दौरान झुके आगे की ओर-
पेशाब के दौरान आप अपने बॉडी पोस्चर पर ध्यान देकर भी इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकती हैं. इसके लिए आप मूत्र त्याग के समय थोड़ा आगे की तरफ झुकें. इससे आपको अपने मूत्राशय को पूरी तरह खाली करने में मदद मिलेगी और आपको बार-बार पेशाब करने की इच्छा नहीं होगी.
रात में दें ध्यान-
कुछ गर्भवती महिलाओं को रात में बार- बार पेशाब जाने की इच्छा होती है और उनकी नींद टूटती है और फिर दोबारा ठीक से नींद नहीं आती है. इस समस्या से निपटने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप रात में सोने से पहले बहुत अधिक पानी न पिए.
कैफीन से बनाएं दूरी-
आपको शायद पता ना हो. लेकिन कैफीन से दूरी बना कर भी आप गर्भावस्था के दौरान बार-बार पेशाब जाने की समस्या को कम कर सकती हैं. बेहतर होगा कि आप कैफीन युक्त पेय और खाद पदार्थों से बचें. इससे आपको अधिक बार पेशाब करने की इच्छा नहीं होगी.
करें केगेल एक्सरसाइज का अभ्यास-
अपनी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए केगेल एक्सरसाइज का अभ्यास करें. ज्यादातर महिलाओं को बच्चे को जन्म देने से पहले और बाद में खास ने छिकते, खांसते, हंसते समय कई बार पेशाब निकल जाता है. लेकिन अगर आप केगेल एक्सरसाइज करती हैं तो इससे आपकी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां मजबूत होती है और फिर आपको यह समस्या नहीं होती है.
गर्भावस्था में क्यों आती है बार-बार पेशाब ? जानें कारण और उपाय
Note- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से परामर्श लें. धन्यवाद.

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