लिंग टेड़ापन के कारण, लक्षण और उपचार

लिंग टेड़ापन के कारण, लक्षण और उपचार
कल्याण आयुर्वेद- पुरुषों में होने वाले यौन रोगों में लिंग का टेड़पन एक ऐसी स्थिति है जो लिंग के ऊतकों में क्षति के कारण उत्पन्न होती है. इस विकार से ग्रसित लोगों में लिंग में तनाव आने के दौरान काफी दर्द का एहसास होता है. जिससे उनके लिए सेक्स करना काफी मुश्किल हो जाता है. लिंग में टेढ़ापन की शुरुआत गांठ बनने और दर्द के साथ होती है. लिंग में तनाव आने के दौरान इस स्थिति का अनुभव होता है. इस समस्या को इसके लक्षणों के आधार पर देखा जा सकता है.
लिंग टेढ़ापन के लक्षण-
* लिंग को ऊपर या नीचे की ओर मुड़ जाना.
* लिंग पर गांठ या उतको में कठोरता.
* लिंग का छोटा होना.
* लिंग में तनाव के दौरान दर्द का अनुभव होना.
उपर्युक्त लक्षणों में से अगर आपको किसी का भी अनुभव हो तो आपको अपने चिकित्सक से जल्द से जल्द सलाह लेनी है.
लिंग सामान्य स्थिति में होता है तो इसमें किसी प्रकार के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. लिंग में उत्तेजना में आने की स्थिति में इसका अनुभव होता है, तनाव आने के बाद यह एक ओर मुड़ जाता है, यह अवस्था काफी दर्द उत्पन्न करने वाली भी होती है, ज्यादातर मामलों में समय के साथ-साथ दर्द कम होने लगता है. लेकिन टेढ़ापन की समस्या बनी ही रहती है. लिंग में टेढ़ापन की समस्या को निम्न स्थितियों के रूप में देखा जा सकता है.
* संभोग के दौरान दर्द और कठिनाई महसूस होना.
* लिंग में उत्तेजना के दौरान दर्द का होना.
* लिंग का छोटा पड़ जाना या संकुचित हो जाना कुछ मामलों में.
* लिंग के टेढ़ापन के कारण शारीरिक संबंध बनाने में सक्षम नहीं होना.
* लिंग के टेढ़ापन वाले स्थान के नीचे कोई कठोर जगह है या गांठ जैसा महसूस होना.
लिंग टेढ़ापन के कारण-
लिंग टेड़ापन कोई ठोस कारण स्पष्ट नहीं है हालांकि ऐसा माना जाता है कि यह किसी प्रकार के आघात यानी चोट लगना या सेक्स करते समय लिंग अचानक से मूड जाना के कारण होता है. ऐसी स्थिति में लिंग के अंदर रक्त स्राव होने लगता है. यह भी हो सकता है कि आपको चोट लगने के दौरान का पता भी न चला हो सामान्य रूप से लिंग में टेढ़ापन के लिए निम्न कारणों को जिम्मेदार माना जाता है.
लिंग पर बार- बार चोट लगना-
खेल, दुर्घटना या संभोग के दौरान लिंग स्थान पर आघात की स्थिति में उस हिस्से में सूजन आ जाती है जो धीरे-धीरे प्लेक ( उत्तकों में किसी प्रकार की क्षति के बाद वहां पर एक स्थाई चिन्ह बनना ) में बदल जाता है दूसरा कारण एक अनुवांशिक समस्या भी हो सकता है.
लिंग टेढ़ापन के उपचार-
लिंग टेड़ापन के समस्या के कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपको कुछ जांच कराने के लिए कह सकते हैं. इसके लिए आपको मूत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना होता है, जांच के दौरान उसको के कठोर हिस्सों और हाथ लगाने पर दर्द होने जैसी स्थितियों का पता लगाया जाता है. जांच के बाद स्थिति को देखते हुए दवाइयां, सर्जरी और मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के माध्यम से इलाज किया जा सकता है.
कभी-कभी लिंग का अल्ट्रासाउंड किया जाता है. अगर लिंग में कैल्शियम जमा है तो एक्सरे की मदद से उसको देखा जा सकता है.
अल्ट्रासोनोग्राफी में मधुमेह या हार्मोनल फ्लकचुएशन वाले व्यक्तियों को खून की जांच की सलाह भी दी जाती है.
आमतौर पर डॉक्टर उन दवाइयों के सेवन की सलाह देते हैं जो फाइब्रॉएड के आकार को कम कर सकते हैं. हां इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी दवाई बिना डॉक्टर की सलाह का प्रयोग में न लाएं. गैस, सर्जिकल थेरेपी के रूप में निम्न उपचार माध्यमों को प्रयोग में लाया जा सकता है.
पेनाइल ट्रेक्शन-
* वेक्यूम इरेक्टाइल डिवाइस.
* रेडिएशन थेरेपी.
* हाइपर्थर्मिया थेरेपी,
* एक्स्ट्रा कार्पोरल शॉक वेव थेरेपी.
नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए आप ऐसे लक्षण मिलने पर डॉक्टर की सलाह लें.
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