डायबिटीज वालों के लिए रामबाण है ये 4 जड़ी- बूटियां,सेवन करने से नियंत्रित रहता है शुगर लेबल

कल्याण आयुर्वेद- आजकल की बदलती लाइफ स्टाइल में डायबिटीज बहुत ही आम बीमारी होती जा रही है. डायबिटीज के बीमारी से बहुत से लोग ग्रसित हो रहे हैं, इनकी संख्या दिनोंदिन हमारे देश में बढ़ती ही जा रही है. आज हम वैसे 4 आयुर्वेदिक जड़ी- बूटियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप डायबिटीज की बीमारी से राहत पा सकते हैं.
डायबिटीज वालों के लिए रामबाण है ये 4 जड़ी- बूटियां,सेवन करने से नियंत्रित रहता है शुगर लेबल
चलिए जानते हैं विस्तार से-
डायबिटीज हमारे शरीर में ब्लड शुगर लेवल और इंसुलिन को प्रभावित करती है. यह बीमारी दो तरह की होती है. पहली- टाइप-1 डायबिटीज और दूसरी टाइप-2 डायबिटीज.
दुनिया भर में डायबिटीज के 90 फ़ीसदी मामले इसी प्रकार के हैं. डायबिटीज का तीसरा प्रकार है गैस्टेशनल डायबिटीज जो गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को होता है. डायबिटीज विशेष रुप से टाइप-2 होने के कई कारण हैं. जैसे- तनाव, वंशानुगत, मोटापा और अधिक समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली या निष्क्रियता.
हालांकि, डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है. लेकिन आप इसे स्वस्थ और संतुलित भोजन और एक्सरसाइज के माध्यम से नियंत्रित कर सकते हैं. उचित एक्सरसाइ उचित खान-पान और शरीर के वजन पर नियंत्रण बनाए रखकर डायबिटीज को नियंत्रण में रखा जा सकता है.
अगर डायबिटीज को ठीक से नियंत्रण न रखा जाए तो डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को अन्य बीमारियां होने की संभावना अधिक हो जाती है. जैसे- दिल के रोग, गुर्दे, आंखें, पैर एवं तंत्रिका संबंधी कई तरह की बीमारियां.
आयुर्वेद में कुछ हर्बल उपायों का भी सुझाव देता है जो ब्लड शुगर के लेबल को नियंत्रित करने में मदद करता है. इन हर्बल उपायों को इंसुलिन के उत्पादन को प्रोत्साहित करने और पैंक्रियाज को मजबूत करने में मदद करने के लिए जाना जाता है. जिससे ब्लड ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है.
1 .विजय सार-
डायबिटीज वालों के लिए रामबाण है ये 4 जड़ी- बूटियां,सेवन करने से नियंत्रित रहता है शुगर लेबल
विजय सार को ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए जाना जाता है. इस जड़ी- बूटी में मौजूद एंटी हाईपरलिपेडिक गुण शरीर में कोलेस्ट्रॉल, लो डेंसिटी, लिपॉप्रोटीन और सिरम ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को कम करने में मददगार होते हैं. इसके अलावा यह डायबिटीज से जुड़े लक्षणों को कम करने में भी मददगार होता है. इसके सेवन से बार- बार पेशाब आना, ओवर ईटिंग और जलन दूर होती है. यह पाचन तंत्र में सुधार करने और पेनक्रियाज में इंसुलिन उत्पादन स्तर को नियंत्रित करने में मददगार होता है. डायबिटीज के लिए विजयसार का इस्तेमाल इतना कठिन भी नहीं है. आपको केवल टंबलर में पानी भरकर विजयसार को रात भर रखना है. सुबह सबसे पहले इस पानी को पी लें. आप विजय सार को पाउडर के रूप में भी सेवन कर सकते हैं.
2 .सदाबहार-
डायबिटीज वालों के लिए रामबाण है ये 4 जड़ी- बूटियां,सेवन करने से नियंत्रित रहता है शुगर लेबल
आपके बाग- बगीचों व घरों की सुंदरता बढ़ाने वाला सदाबहार फूल औषधीय गुणों से भरपूर होता है. सदाबहार का नाम पेरीविंकल भी है. सदाबहार आमतौर पर भारत में बहुतायत पाया जाता है. इसके फूलों और चिकने रंग के हरे पत्तों को टाइप-2 डायबिटीज के लिए प्राकृतिक चिकित्सा के रूप में जाना जाता है. डायबिटीज में सदाबहार से लाभ लेने के लिए सदाबहार की पतियों को चबाना फायदेमंद होता है. इसके अलावा आप सदाबहार के फूलों को पानी में उबालकर पानी छान लें. इस पानी को प्रतिदिन खाली पेट सुबह- शाम पिएं. इससे डायबिटीज नियंत्रण में रहता है.
3 .गिलोय-
डायबिटीज वालों के लिए रामबाण है ये 4 जड़ी- बूटियां,सेवन करने से नियंत्रित रहता है शुगर लेबल
गिलोय जिसे वैज्ञानिक रूप से टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया कहा जाता है. इसे अमृता के नाम से भी जाना जाता है. इस पौधे की पत्तियां ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर करने और डायबिटीज को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसके सेवन से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हानिकारक कणों से लड़ते हैं. यह जड़ी- बूटी इम्यूनोमोड्यूलेटरी के रूप में काम करता है जो शरीर में ग्लाइसेमिक कंट्रोल करता है. यह एक प्राकृतिक anti-diabetic दवा है जो चीनी की इच्छा को दबाती है. इसके अलावा पेनक्रियाज के बीटा कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाती है. यह ब्लड में इंसुलिन और ग्लूकोज के प्रभाव को स्मूथ करता है.
गिलोय पाचन तंत्र में सुधार करने में भी मददगार होता है जो ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण है. डायबिटीज के मरीजों को गिलोय का सेवन करने के लिए रात को एक गिलास पानी में गिलोय के पाउडर या पतियों को डालकर रख दें. सुबह इसे छानकर पी लें. लाभ होगा.
4 .गुड़मार-
डायबिटीज वालों के लिए रामबाण है ये 4 जड़ी- बूटियां,सेवन करने से नियंत्रित रहता है शुगर लेबल
गुड़मार एक आयुर्वेदिक जड़ी- बूटी है जिस का वानस्पतिक नाम जिमनेमा सिल्वेस्टर है. एक सदाबहार बेल होती है. गुड़मार भारत, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती है. गुड़मार डायबिटीज के लिए बहुत ही लाभदायक साबित होता है. गुड़मार की पत्तियां चबाने के कुछ घंटों बाद तक आपको मीठे स्वाद का पता भी नहीं चलेगा. चाहे आप गुड़ या चीनी कुछ भी खा लें.
डायबिटीज के मरीजों को दोपहर और रात के खाने की 1 घंटे बाद एक चम्मच गुड़मार की पत्तियों का पाउडर पानी के साथ सेवन करना चाहिए. आयुर्वेद के अनुसार गुडमार शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को नियंत्रित करने का काम करता है.
Note- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. हालांकि ऊपर बताए गए सभी जड़ी- बूटियां डायबिटीज मरीजों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है फिर भी प्रयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
यह जानकारी अच्छी लगे तो लाइक, शेयर जरूर करें. धन्यवाद.

Post a Comment

0 Comments