पेट के इस तरफ हो तेज दर्द तो हो सकता है अपेंडिक्स, जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

कल्याण आयुर्वेद- पेट में तेज व असहनीय दर्द होने पर सतर्क हो जाना चाहिए. क्योंकि पेट दर्द होने पर ज्यादातर लोग इसे आम समस्या समझकर हल्के में लेते हैं. लेकिन कई बार यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है.
पेट के इस तरफ हो तेज दर्द तो हो सकता है अपेंडिक्स, जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
सामान्य तौर पर अपच, गैस या कब्ज की परेशानी के कारण पेट में दर्द होता है जो कुछ समय बाद स्वतः भी ठीक हो जाता है. वहीं कई बार पेट के एक तरफ ज्यादा दर्द होना किसी और खतरे की ओर भी इशारा कर सकता है.
पेट के इस तरफ हो तेज दर्द तो हो सकता है अपेंडिक्स, जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पेट के दाहिनी तरफ दर्द रहना अपेंडिसाइटिस के खतरे की ओर इशारा करता है. इस बीमारी का इलाज अगर तुरंत न हो पाए तो अपेंडिक्स फट भी सकता है. इसके अलावा इस बीमारी में पेट में भी असहनीय दर्द होता है.
तो चलिए जानते हैं अपेंडिसाइटिस के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके-
अपेंडिक्स के कारण-
जो लोग मांसाहारी नहीं है उनमें यह रोग बहुत ही कम देखा जाता है. इस रोग का मुख्य कारण कब्ज होता है. अपेंडिक्स आंत में रुकावट आने से, हालाकि आधुनिक चिकित्सा पद्धति के मतानुसार जो जीवाणुओं को अपेंडिक्स का कारण कहा जाता है वह सभी स्वस्थ व्यक्तियों की आंतों के भीतर दिखाई पड़ते हैं. इसके साथ ही हम यह भी बता दें कि कब्जियत होने से ही यह रोग हो जाता है, ऐसा भी नहीं है बल्कि जिनका शरीर पहले से विजातीय द्रव्यों से भरा होता है केवल उन्हीं को यह रोग होता है.
पेट के इस तरफ हो तेज दर्द तो हो सकता है अपेंडिक्स, जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
पेट के दाहिनी तरफ दर्द के पीछे अपेंडिसाइटिस को सबसे आम वजह माना जाता है. इस बीमारी में हमारी बड़ी आंत से जुड़े अंगुली के आकार का थैला होता है. जिसे अपेंडिक्स के नाम से जाना जाता है. उसमें सूजन की समस्या हो जाती है. अपेंडिसाइटिस का दर्द नाभि से शुरू होकर पेट के नीचे दाहिने हिस्से में होता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह दर्द किसी भी वजह से हो सकता है. इस दर्द से लोगों को बैठने और उठने में भी काफी तकलीफ होती है. अपेंडिसाइटिस के दर्द से छुटकारा पाने के लिए लोग अपेंडिक्स को ऑपरेशन के जरिए हटा देते हैं.
पेट में तेज व असहनीय दर्द होने पर लोगों को इस बीमारी के प्रति सतर्क हो जाना चाहिए. इस बीमारी में मरीजों को नाभि से आगे नीचे दाहिनी तरफ होने पर होने वाला दर्द ही अपेंडिक्स का दर्द हो सकता है.
ज्यादा खांसते, चलते या किसी उछाल के कारण अगर दर्द बढ़ जाए और मरीज असहज महसूस करें तो समझ लेना चाहिए कि अपेंडिक्स की समस्या गंभीर हो गई है और यह किसी भी समय फट सकता है. इसके अलावा उल्टी, भूख नहीं लगना, तेज बुखार और ठंड लगना भी अपेंडिक्स के लक्षण हैं. वही कब्ज, दस्त या गैस जैसी पेट से संबंधित समस्याएं भी अपेंडिसाइटिस की ओर इशारा करता है.
अगर अपेंडिसाइटिस की समस्या गंभीर ना हो तो दवाइयों के अलावा कई घरेलू उपाय भी अपेंडिस की परेशानी से निजात दिलाने में कारगर साबित हो सकते हैं.
* इस बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए लहसुन का सेवन करना बहुत लाभदायक होता है. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक प्रतिदिन खाली पेट दो से तीन लहसुन की कच्ची कली खाने से आप अपेंडिसाइटिस से बच सकते हैं.
* इसके अलावा प्रतिदिन सुबह खाली पेट चार से पांच तुलसी के पत्ते खाने से भी राहत मिलेगा.
* उबला हुआ दूध ठंडा करके पीने से इस बीमारी की समस्या कम हो जाती है.
* दर्द और सूजन को कम करने में अदरक का सेवन भी लाभकारी है. पेडू पर अदरक के तेल से मालिश करने से भी दर्द से राहत मिलती है.
* पुदीना गैस, उल्टी जैसा लगना या फिर चक्कर जैसे लक्षणों को दूर करता है. वही पेट को ठंडा रखने में रोजाना छाछ पीना मददगार होता है.
* अधिक मिर्च- मसाले आदि तेल से बने चटपटे पकवानों से परहेज रखना चाहिए और कठिनाइयों और देर से पचने वाले खाद पदार्थों तथा जल्दबाजी से खाने की आदत को भी सदैव के लिए त्याग देना चाहिए, क्योंकि खानपान की गड़बड़ी से यह बीमारी फिर से उभर सकती है. रोगी को प्रतिदिन मौसम के उपलब्ध हुआ रुचिकर ताजा फल, सलाद और उबली हुई सब्जी खानी चाहिए.
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