स्तन कैंसर कैसे होता है? जानें कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

कल्याण आयुर्वेद- महिलाओं को स्तन कैंसर का लक्षण जानना और इसकी पहचान करना बहुत जरूरी हो गया है. क्योंकि आज कल हर 10 में से 2 महिलाओं में स्तन कैंसर के लक्षण देखने को मिलते हैं. हालांकि महिलाएं खुद घर पर भी स्तन कैंसर की पहचान कर सकती हैं, क्योंकि इसे पहचान करना बहुत ही आसान है.
स्तन कैंसर कैसे होता है? जानें कारण, लक्षण और बचाव के तरीके
स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा फैलने वाला कैंसर है और हर साल लाखों महिलाएं इस कैंसर से ग्रसित होती हैं और मरती है. इसलिए महिलाओं को स्तन कैंसर की जानकारी होना आवश्यक है, इसलिए महिलाएं सचेत रहें और स्वयं समय-समय पर अपने स्तनों की जांच करती रहें.
हालांकि बहुत सारी महिलाएं आज भी स्तनों के बारे में बात करना पसंद नहीं करती हैं और कई बार तो कैंसर के लक्षण पाए जाने पर भी वे डॉक्टर से बताने में हिचकिचाती हैं, उन सभी महिलाओं से निवेदन है कि स्तन ईश्वर का बनाया हुआ अंग है. जैसे आपके शरीर में अन्य अंग हैं ठीक वैसे ही स्तन भी है तो आपको इसमें शर्माने व झिझकने की कोई बात नहीं है. इसलिए यदि आपको भी स्तनों में किसी प्रकार की परेशानी हो तो खुलकर बात करें और स्तन कैंसर से खुद को बचाएं.
कैसे होता है स्तन कैंसर?
स्तन कैंसर यू तो महिलाओं को ज्यादा होता है लेकिन यह बीमारी पुरुषों में भी देखने को मिल रही है. स्तन कैंसर ज्यादातर अधिक उम्र की महिलाओं में ही होता है. कम उम्र की महिलाओं में स्तन कैंसर के चांस बहुत कम होते हैं.
स्तन कैंसर कैसे होता है? जानें कारण, लक्षण और बचाव के तरीके
चलिए जानते हैं स्तन कैंसर के मुख्य कारण-
* अनुवांशिक यानी आपके परिवार में अगर किसी को स्तन कैंसर है या हो चुकी है तो आपको ही स्तन कैंसर होने की संभावना अधिक हो जाती है.
* स्तनपान नहीं कराना.
* कम उम्र में माहवारी का हो जाना.
* मां बनने में बहुत देरी का होना.
* धूम्रपान करना और शराब पीना.
* भरपूर नींद नहीं लेना.
यह सभी स्तन कैंसर के मुख्य कारण हैं. कई बार खराब जीवनशैली भी महिलाओं में स्तन कैंसर का कारण बन सकती है, इसलिए स्तनों का देखरेख करना जरूरी हो जाता है.
स्तन कैंसर के लक्षण-
शुरुआती अवस्था में ही स्तन कैंसर का पता आसानी से लगाया जा सकता है. इसलिए यदि महिलाएं जागरूक हो जाएं तो बिना डॉक्टर के पास गए भी स्वयं जांच कर सकती हैं. हालांकि स्तन कैंसर का इलाज अब संभव है. लेकिन इलाज के लिए ऑपरेशन कराना होता है और ऑपरेशन में स्तन निकाल दिए जाते हैं. महिलाओं का सुंदरता उनके स्तनों से ही होता है, इसलिए इनकी देखभाल करना जरूरी है, ताकि आपका सुंदरता भी बना रहे और स्तन कैंसर से भी बचाव हो सके.
1 .स्तन में गांठ होना-
महिलाएं प्रतिदिन नहाते समय या कभी भी अपने स्तनों को छुएं और देखें कि कहीं कोई गांठ जैसी तो नहीं है. आपको बता दें कि इस गांठ में कोई दर्द नहीं होता है, इसलिए महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती है लेकिन अगर स्तन में किसी प्रकार का गांठ हो तो इसे नजरअंदाज न करें बल्कि डॉक्टरी सलाह लें.
2 .स्तनों में गड्ढे होना-
अपने स्तनों पर थोड़ा ध्यान दें कि अगर स्तनों में किसी प्रकार का कोई गड्ढा प्रतीत हो या निप्पल अंदर धसते जा रहे हैं तो आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आपको स्तन कैंसर हो सकता है.
3 .स्तनों में दर्द होना-
कई बार टाइट अंडर गारमेंट्स की वजह से भी स्तनों में दर्द होने लगता है और यह एक सामान्य बात है. लेकिन अगर आपको बिना वजह और लगातार स्तनों में दर्द रहता है तो आपको किसी अच्छे कैंसर स्पेशलिस्ट से जांच कराने की आवश्यकता है.
4 स्तनों से स्राव होना-
अगर स्तनों से किसी प्रकार का रस जैसे मवाद या खून या अन्य तरल जैसा निकलता हो तो सावधान हो जाएं. अपने स्तनों को हाथ से छुए और हल्का सा दबाए अगर ऐसा कोई तरल पदार्थ निकलता है तो यह भी कैंसर की निशानी है.
5 .स्तन और कांख के बीच दर्द होना-
जिन महिलाओं को कांख में दर्द रहता है तो अपने स्तनों की जांच अवश्य करवाएं, हो सकता है कि यह कैंसर का दर्द न हो लेकिन स्तन और कांख में दर्द होना कैंसर की संभावना को बढ़ा देता है.
6 .स्तनों में बदलाव होना-
अगर आपके स्तन अचानक पहले से काफी ज्यादा मुलायम या फिर बेहद सख्त होते जा रहे हैं तो यह भी चिंता का विषय है. स्तनों की लगातार देखरेख करें और ज्यादा मुलायम या ज्यादा सख्त जैसा महसूस हो तो जांच कराएं क्योंकि यह भी कैंसर की ओर इशारा करता है.
7 .स्तनों का बड़ा छोटा होना-
कई महिलाओं की शिकायत होती है कि उनका एक स्तन छोटा प्रतीत होता है और एक बड़ा या फिर पिछले कुछ समय में स्तनों के आकार में कुछ अजीब सा बदलाव प्रतीत होता है तो यह कैंसर के शुरुआती लक्षण है.
8 .स्तनों में सूजन होना-
स्तनों में सूजन आना कोई सामान्य बात नहीं है. अगर किसी महिला को अपने स्तनों में सूजन प्रतीत हो तो बिना देरी किए उन्हें कैंसर स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए.
9 .स्तनों पर निशान होना-
अगर स्तनों पर नाखून जैसे निशान या फिर कुछ खुरचने जैसा निशान उभर रहे हो या किसी अन्य प्रकार के अजीब से निशाना स्तनों पर बढ़ रहे हो तो यह भी कैंसर की ओर इशारा करता है.
10 .निप्पल का मुड़ना-
आप अपने स्तनों का प्रतिदिन जांच करें, अगर निप्पल अंदर धंसते या फिर मुड़ी प्रतीत हो तो इसे नजरअंदाज ना करें और डॉक्टर की सलाह लें. यह भी स्तन कैंसर की ओर इशारा करता है.
11 .स्तनों में खुजली होना-
कई बार गंदे अंडर गारमेंट्स की वजह से स्तनों में खुजली हो सकती है, लेकिन अगर महिला को बिना वजह स्तनों में खुजली होती है और यह खुजली काफी समय से चली आ रही है तो आपको डॉक्टरी जांच की जरूरत है यह स्तन कैंसर की विशेष लक्षण है.
स्तन कैंसर कैसे होता है? जानें कारण, लक्षण और बचाव के तरीके
स्तन कैंसर से बचाव के तरीके-
1 .सामान्य वजन-
अधिक वजन और मोटे महिलाओं को स्तन कैंसर से पीड़ित होने का अधिक संभावना होता है. इस समस्या का सरल उपाय अपने अतिरिक्त वजन को कम करना है. शोध से पता चलता है कि स्तन कैंसर की घटनाएं उन महिलाओं में थोड़ी कम है जो स्वस्थ सीमाओं के भीतर शरीर के वजन को बनाए रखते हैं, फल और सब्जियों के साथ अपने आहार को समृद्ध करें. नियमित अंतराल पर पानी और अन्य स्वस्थ तरल पदार्थ जैसे- नारियल पानी, ताजा फल का रस पिएं.
2 .स्वस्थ स्तन के लिए स्तनपान कराएं-
बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य के लिए स्तनपान महत्वपूर्ण है, जबकि बच्चों को आवश्यक पोषण मिलता है. स्तनपान कराने वाली महिलाएं को स्तन कैंसर से ग्रस्त होने की संभावना कम होती है. इस प्रकार सभी स्वस्थ स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने बच्चों को स्तनपान कराना चाहिए.
3 .बुरी आदतों से रखे दूरी-
अत्यधिक धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है, इसके दुष्प्रभावों में से एक स्तन कैंसर है. अगर आप कभी- कभी शराब का सेवन करते हैं तो वह स्वीकार है, लेकिन अत्यधिक शराब पीना आपको उम्मीद से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है.
4 .इससे भी रहे दूर-
इमेजिंग और डायग्नोस्टिक परीक्षण उनमें से कुछ आपके शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं. सीटी स्कैन से बार-बार होने वाले रेडिएशन भी स्तन कैंसर का एक कारक बन सकती है. ऐसे भी किरणों के संपर्क को सीमित करने से स्तन कैंसर की घटनाओं की जांच करने में मदद मिलती है.
5 .शारीरिक रूप से रहें सक्रिय-
शारीरिक व्यायाम में कमी और अस्वस्थ जीवन शैली से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां होती है. उनमें एक स्तन कैंसर भी शामिल है. अपने शरीर को शारीरिक रूप से सक्रिय रखना जरूरी है. हल्की से मध्यम व्यायाम, जोगिंग, साइकिल चलाना, तैराकी और अन्य शारीरिक गतिविधियां आपके शरीर के लिए उपयोगी हो सकती है. तनाव और चिंता से बचें. उचित आराम और एक अच्छी नींद भी स्तन कैंसर से बचाव करने के लिए जरूरी है.
6 .हार्मोन थेरेपी से बचें-
विभिन्न शोध और अध्ययन बताते हैं कि महिलाएं जो हार्मोन थेरेपी में है वह स्तन कैंसर के लिए अधिक संवेदनशील हैं. ऐसे रोगियों को अक्सर वैकल्पिक उपचार के साथ हार्मोन थेरेपी से बचने और बदलने की सलाह दी जाती है, हालांकि अत्यधिक स्थितियों  में थेरेपी की अवधी को कम करना व उसकी खुराक को कम करना भी सहायक होती है, यदि आप विशिष्ट समस्या के बारे में चर्चा करना चाहते हैं तो आप एक ऑंकोलॉजिस्ट से परामर्श ले सकते हैं.
7 .समय-समय पर जांच-
आप अपने स्तनों को समय-समय पर जांच करती रहें उपर्युक्त कोई भी लक्षण पाए जाने पर आप तुरंत ही डॉक्टर की सलाह लें. यह स्तन कैंसर से बचने का सबसे सरल वह सस्ता उपाय है.
यह जानकारी अच्छी लगी तो लाइक, शेयर करें. धन्यवाद.

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