कद्दू के बेमिसाल फायदे, कई रोगों को करता है दूर

कल्याण आयुर्वेद- कद्दू तो आपने जरूर देखा होगा और खाया भी होगा. इससे बनी हुई डिस खाने में काफी स्वादिष्ट होती है. हालांकि कुछ लोग इसे खाना नहीं पसंद करते हैं. लेकिन इसके बेमिसाल फायदे को जानने के बाद शायद ही आप खाने से परहेज करें.
कद्दू के बेमिसाल फायदे, कई रोगों को करता है दूर
कद्दू एक लाभकारी और पित्त शामक सब्जी है. कद्दू में दिमाग की कमजोरी को खत्म करने की क्षमता पाई जाती है. कद्दू ठंडक पहुंचाने वाला होता है. इसके सेवन से शरीर में जरूरी तत्वों की कमी नहीं होती है. इसके अलावा यह मोटापा होने से रोकता है.
कद्दू के बीज विष नाशक और उदर कृमि नाशक होते हैं. यह शरीर में पहुंचने वाले व उत्पन्न होने वाले अनेक विषैले पदार्थों को खत्म कर देते हैं.
कद्दू के बेमिसाल फायदे, कई रोगों को करता है दूर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कद्दू में आयरन, जिंक, पोटेशियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. साथ ही इसमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है जिससे पेट हमेशा साथ रहता है.
चलिए जानते हैं कद्दू के बेमिसाल फायदों के बारे में-
* कद्दू के बीज की गिरी के आटे को घी में भूनकर उसमें शक्कर मिलाकर लड्डू बनाए. अब प्रतिदिन सुबह एक लड्डू खाकर ऊपर से दूध पीए यह शारीरिक कमजोरी को दूर करने में आपकी मदद करेगा.
कद्दू के बेमिसाल फायदे, कई रोगों को करता है दूर
* पेशाब से जुड़ी समस्या हो तो 20 से 25 ग्राम कद्दू के बीजों की गिरी को शहद या मिश्री के साथ सेवन करने से काफी लाभ होता है.
* डायबिटीज के मरीजों को नियमित भूरे कद्दू का रस पीना फायदेमंद होता है क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखता है.
कद्दू के बेमिसाल फायदे, कई रोगों को करता है दूर
* उन्माद में जब मरीज की आंखें लाल हो, नाड़ी गति बढ़ी हुई हो और मरीज उत्तेजित हो तो भूरे कद्दू का रस पिलाने से राहत मिलता है.
* कद्दू के रस में शक्कर मिलाकर पीने से अम्लपित्त की शिकायत दूर हो जाती है, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है.
* भूरे कद्दू का साग भी में बनाकर खाने से या उसके रस में शकर मिलाकर आधा कप की मात्रा में सुबह-शाम पीने से महिलाओं को अत्यधिक मासिक धर्म की समस्या से राहत मिलता है. शरीर का दाह और खून की कमी भी दूर करने में मदद करता है.
* 20 से 40 ग्राम कद्दू के बीज को पीसकर सेवन करने से और ऊपर से विरेचन औषधि लेने से पेट और आंतों के कीड़े मर कर निकल जाते हैं.
* भूरे कद्दू को सुखाकर चूर्ण बनाकर खाने उसकी सब्जी बनाकर खाने या उसका पाक बनाकर सेवन करने से पीलिया दूर हो जाता है. यह पीलिया का सबसे बेहतर औषधि है.
* कद्दू में मुख्य रूप से beta-carotene पाया जाता है, जिससे विटामिन ए प्राप्त होता है, पीले और संत्री कद्दू में कैरोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है. बीटा कैरोटीन एंटी ऑक्सीडेंट होता है जो शरीर में फ्री रेडिकल्स से निपटने में मदद करता है.
* चोट, घाव आदि होने पर 50 से 100 ग्राम कच्ची कद्दू का सेवन सेप्टिक होने से बचाव करता है.
* कद्दू को डंठल की ओर से काटकर तलवों पर रगड़ने से शरीर की गर्मी खत्म होती है.
* कद्दू लंबे समय से आने वाले बुखार में काफी असरकारी होता है. इससे शरीर की हरारत या उसका आभास दूर होता है.
* शोध में पाया गया है कि कद्दू के छिलके में भी एंटीबैक्टीरियल तत्व होता है. यह सक्रमण फैलने वाले जीवाणुओं से बचाव करता है.
* कद्दू में कुछ ऐसे मिनरल्स मौजूद होते हैं जो दिमाग की नसों को आराम पहुंचाते हैं. यदि आपको रिलैक्स होना हो तो आप कद्दू का सेवन कर सकते हैं.
* यह आयरन की कमी को दूर करने में काफी मददगार होता है, जिससे एनीमिया से छुटकारा मिलती है. इसके लिए कद्दू बहुत ही सस्ता उपाय है और यह पौष्टिक भी होता है.
कद्दू के बेमिसाल फायदे, कई रोगों को करता है दूर
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