स्तनपान कराने वाले मां के लिए अमृत है शतावरी का सेवन, जानें फायदे

कल्याण आयुर्वेद- जैसा कि हम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान कराना कितना जरूरी होता है. हाल ही में डब्ल्यूएचओ ने माताओं को अनुशंसित किया है कि वह अपनी संतानों को शुरुआती छह महीनों तक स्तनपान जरूर करवाएं. लेकिन कई बार ऐसा देखा जाता है कि स्तन में दूध ही नहीं बन पाता है या फिर कम बनता है जिसके कारण बच्चे का पेट नहीं भर पाता है.
स्तनपान कराने वाले मां के लिए अमृत है शतावरी का सेवन, जानें फायदे
ऐसे में कई माओं को चिंता सताने लगती है कि अब वे अपने दूध की मात्रा को कैसे बढ़ाएं और इसके लिए न जाने कई तरह की दवाओं का भी सेवन करते हैं फिर भी कई बार भरपूर दूध नहीं बन पाता है.
ऐसे में शतावरी उनके लिए अमृत समान गुणकारी होता है क्योंकि शतावरी के सेवन से महिला के स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ जाती है. शतावरी में स्टेरॉयड सपोनिंस होता है जो दूध के उत्पादन को बढ़ा देता है.
स्तनपान कराने वाले मां के लिए अमृत है शतावरी का सेवन, जानें फायदे
शतावरी के फायदे-
* शतावरी का सेवन गर्भावस्था में करने से भ्रूण को पोषण की पूर्ति होती है और गर्भपात होने से रोकता है.
* जो महिलाएं शतावरी का सेवन करती हैं उनके शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन की मात्रा काफी बढ़ जाती है. यह वही हार्मोन है जो माताओं में स्तनपान की प्रक्रिया को सामान्य बना देती है.
स्तनपान कराने वाले मां के लिए अमृत है शतावरी का सेवन, जानें फायदे
* शतावरी के सेवन करने के बाद मां और बच्चे दोनों के ही शरीर का वजन थोड़ा बढ़ जाता है.
* शतावरी अनिद्रा की समस्या को दूर करने में काफी मददगार होता है. इसके लिए 2 से 4 ग्राम शतावरी चूर्ण को दूध में पका लें. अब इसमें घी मिलाकर खाने से नींद ना आने की परेशानी दूर होती है.
* कई महिलाओं को मां बनने के बाद स्तनों में दूध की कमी की शिकायत होती है ऐसी स्थिति में महिलाएं 10 ग्राम शतावरी चूर्ण को दूध के साथ सेवन करें. इससे स्तनों में दूध की बढ़ोतरी होती है.
* जो लोग शारीरिक कमजोरी या शरीर में ताकत की कमी महसूस कर रहे हैं. वह शतावरी को घी में पकाकर मालिश करें. इससे कमजोरी की समस्या दूर होती है. सामान्य कमजोरी दूर करने में शतावरी के फायदे बहुत ही लाभकारी सिद्ध होते हैं.

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