इन कारणों से पुरुषों को होती है स्पर्म काउंट की कमी, न करें नजरअंदाज

कल्याण आयुर्वेद- आज कई ऐसे पुरुष हैं जिनके स्पर्म यानी शुक्राणु की संख्या कम होती है. इसका मतलब यह है कि शारीरिक संबंध के दौरान उनके वीर्य में सामान्य से कम शुक्राणु होते हैं. कम शुक्राणु की संख्या को ओलिगोस्पर्मिया कहा जाता है. अगर एक पुरुष के स्पर्म में प्रति मिलीलीटर 15 मिलियन से कम शुक्राणु है तो इससे शुक्राणु की सामान्य संख्या से कम मानी जाती है.
इन कारणों से पुरुषों को होती है स्पर्म काउंट की कमी, न करें नजरअंदाज
पुरुष के वीर्य में स्पर्म काउंट कम होने पर पुरुष के साथी महिला को गर्भधारण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वैसे तो यह एक मेडिकल कंडीशन है और इसलिए इसके इलाज के लिए दवाओं का सहारा लिया जाता है. लेकिन फिर भी कुछ ऐसी बीमारियां या आदतें होती है जो पुरुषों के स्पर्म काउंट में कमी का कारण बनती है.
तो चलिए जानते हैं उन कारणों के बारे में-
मोटापा-
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कम स्पर्म काउंट अधिक मोटापा और एक उच्च बीएमआई से जुड़ा होता है. मोटापा टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करता है जो शुक्राणुओं के उत्पादन को बढ़ाता है. वजन कम करना आसान नहीं है लेकिन वजन कम करने और कमर का आकार कम करने से पुरुषों को प्रजनन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है.
मधुमेह-
टाइप 2 मधुमेह जो अक्सर अधिक वजन या मोटापे के कारण होता है. यह भी कम टेस्टोस्टेरोन के स्तर और बांझपन के साथ जुड़ा हुआ है. वजन कम करने और मधुमेह को नियंत्रित करने से टेस्टोस्टेरोन उनके स्तर में सुधार हो सकता है.
धूम्रपान-
धूम्रपान भी स्पर्म काउंट को प्रभावित करता है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मानें तो सिगरेट पीने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता सीधे तौर पर प्रभावित होती है. यह पुरुषों में स्पर्म वॉल्यूम से लेकर स्पर्म काउंट और स्पर्म मोतलिटी को प्रभावित करता है. इतना ही नहीं जो पुरुष स्पर्म काउंट को बढ़ाना चाहते हैं उन्हें सबसे पहले स्मोकिंग से दूरी बना लेनी चाहिए. वैसे धूम्रपान के अलावा शराब पीने से भी पुरुषों में नपुंसकता की समस्या हो सकती है.
हॉट टब या सौना-
सुनने में आपको थोड़ा अजीब लगे. लेकिन हॉट टब या सौना का बहुत अधिक इस्तेमाल भी पुरुषों के स्पर्म काउंट को प्रभावित करता है. शुक्राणु के निर्माण के लिए एक आदमी के अंडकोष को उसके शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में ठंडा रहना चाहिए. यही कारण है कि वे अपने शरीर की गुहा के अंदर होने के बजाय अंडकोष में बाहर लटका होते हैं. जब वह एक गर्म टब, जकूजी या सौना में गर्म हो जाता है तो उसके शुक्राणु की संख्या कम हो जाती है.
स्पर्म काउंट को बेहतर बनाना हो तो रखें इन बातों का ध्यान-
1 .स्पर्म काउंट अगर बेहतर करना है तो खानपान का विशेष ध्यान रखें. विशेषज्ञों के मुताबिक सही समय पर हेल्दी डायट लेना बेहद जरूरी होता है. हेल्दी डायट में हरी सब्जियां, फल, दाल, चावल, रोटी, स्प्राउट, मीट और सलाद शामिल है. तला- भूना खाने पीने से बचें. साथ ही मसालेदार चीजें भी लेना ऐसे में सही विकल्प नहीं है.
2 .स्ट्रेस या टेंशन जितना कम लें उतना बेहतर है, इस स्ट्रेस के कारण हार्मोन्स में बदलाव आता है. जिसका असर स्पर्म काउंट पर भी पड़ता है. ऐसे में आपको प्रतिदिन एक्सरसाइज करना चाहिए और खुश रहना चाहिए.
3 .कई पुरुषों की आदत होती है कि वे लैपटॉप जैसी चीजें गोद में रखकर काम करते हैं. ऐसा बिल्कुल भी ना करें. द फर्टिलिटी चार्ल्स टोन की एक रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा तापमान की वजह से स्पर्म काउंट में कमी आती है.
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