जानिए- शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है तनाव और सामना करने के तरीके

कल्याण आयुर्वेद- हर किसी के शरीर में तनाव को झेलने की क्षमता होती है. लेकिन एक सीमित समय तक. ताजा अध्ययन से पता चला है कि तनाव जब लंबे समय तक बना रहता है तो यह कई तरह से घातक साबित होता है. इसका सबसे ज्यादा प्रभाव हृदय, मस्तिष्क और अहम अंगों पर पड़ता है.
जानिए- शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है तनाव और सामना करने के तरीके
ऐसे तो दुनिया भर में तनाव के खतरों पर रिसर्च हो ही रही है. साथ ही कम करने के उपाय भी तलाशे जा रहे हैं. लेकिन यह भी सच है कि नई पीढ़ी पर इसका जोरदार हमला हो चुका है. इससे भारत भी अछूता नहीं है.
तो चलिए जानते हैं तनाव से शरीर को होने वाले नुकसान और बचने के उपायों के बारे में-
शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है तनाव?
शरीर में लंबे समय तक तनाव बना हुआ है तो यह दिमाग पर असर डालता है. इंसान की मानसिक शक्ति कमजोर होती चली जाती है, उसका मूड बनता- बिगड़ता रहता है. थोड़ा तनाव अच्छा होता है. इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लेकिन तनाव लंबे समय से बना हुआ है तो प्रतिरोधक क्षमता पर उल्टा प्रभाव पड़ता है और घटा देता है. ऐसे इंसान पर बीमारी हावी होने लगती है लंबे समय से शरीर में तनाव है तो इसका असर एक किस्म की वाइट ब्लड सेल्स साइटोटॉक्सिक t-lymphocytes की कार्यक्षमता पर पड़ता है जो शरीर को कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने की ताकत देता है.
जानिए- शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है तनाव और सामना करने के तरीके
हार्ट पर कैसे अटैक करता है तनाव?
जब कोई इंसान तनाव में होता है तो शरीर का नर्वस सिस्टम सिंपैथेटिक अल्फा एड्रिनर्जिक रिसेप्टर्स रिलीज करता है. साथ ही गुर्दे से जुड़ी ग्रंथियां रक्त में कैटेकोलामाइन या तनाव हार्मोन जारी करती है. इन दोनों के मिलने से हृदय की धड़कन बढ़ती है. इस कारण हाथ पैर और हार्ट की तरफ रख का प्रवाह बढ़ता है. जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन की जरूरत बढती है और वह जरूरत पूरी नहीं होती है तो सीधा असर हार्ट पर पड़ता है और हार्ट अटैक की आशंका रहती है.
भूख नहीं लगेगी और ना ही खाया हुआ पचेगा-
तनाव का एक बड़ा हमला गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम यानी जठराग्नि प्रणाली या पाचन प्रणाली पर होता है. यह हमला दो मोर्चों पर होता है. पहला तनाव में इंसान को भूख नहीं लगती है और दूसरा वह जो भी खाता है वह पचता नहीं है. इसके कारण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसे डिसऑर्डर पैदा होते हैं. इरिटेबल बाउल सिंड्रोम से सबसे ज्यादा नुकसान बड़ी आंत को होता है यानी तनाव हमारी आंतों पर नकारात्मक असर डालता है.
तनाव का सामना करने के तरीके-
विभिन्न रिसर्च में कहा गया है कि थोड़ा बहुत तनाव जिंदगी का हिस्सा होता है. हमें यह समझना होगा कि तनाव से कैसे निपटा जाए. परिस्थितियों का सामना सही तरीके से करेंगे तो तनाव का बुरा असर नहीं होगा. कितना भी काम हो कितना भी तनाव हो. रिलैक्स होने का समय निकालें. कोई समस्या है तो अपने रिश्तेदारों- दोस्तों से बात करें. समस्याओं का सही हल तनाव से निजात दिला सकता है.
तनाव को दूर रखना है तो खुद को सेहतमंद रखे, अच्छा खाएं, योगा- प्राणायाम, एक्सरसाइज करें, पैदल चलें, स्विमिंग करें, दौड़े, किसी भी तरह की ऐसी वर्जिश दिन में कम से कम 35 मिनट जरूर करें. ऐसा करने पर अच्छा महसूस होगा और शरीर में खुशी पैदा करने वाला एंडोर्फिन यानी हैप्पी हार्मोन दिनभर बना रहेगा.
तनाव से छुटकारा पाना चाहते हैं तो रात में कम से कम 7 से 8 घंटे जरूर सोए. वैज्ञानिकों ने अब पता लगा लिया है कि अच्छी नींद का हेल्दी हार्ट और हेल्दी ब्रेन के साथ पक्का संबंध है. जब हम सोते हैं तब हमारा दिमाग सूचनाओं को संभालता है. अगली बार यदि कोई आईडिया चाहिए तो संबंधित टॉपिक पर रिसर्च करने के बाद सो जाएं. उठेंगे तो शानदार आईडिया मिलेगा, हां यह जरूर देखें कि आईडिया मिलने के बाद प्रेजेंटेशन बनाने के लिए कितना समय मिलेगा. क्योंकि जो लोग जरूरी काम को अंतिम समय तक डालते हैं. यह ज्यादा तनाव में रहती हैं.
जानिए- शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है तनाव और सामना करने के तरीके
अपने काम का प्लान अच्छी तरह से करें. किसी भी योजना पर काम शुरू करने से पहले अच्छी और बुरी बातों का अध्ययन जरूर कर लें. इससे आप गैरजरूरी तनाव से बचे रहेंगे.
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