गर्भावस्था के दौरान अधिक थूक आने की समस्या को दूर करता है ये आयुर्वेदिक उपाय

कल्याण आयुर्वेद- एक महिला को गर्भ धारण करना उसके लिए सबसे खुशी की बात होती है. लेकिन इस दौरान महिलाओं को कई तरह की शारीरिक व मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. उन्हीं समस्याओं में से एक समस्या है बार- बार थूक का आना. गर्भवती महिला को इस समस्या से अत्यंत ही कष्ट होता है. यह समस्या गर्भावस्था के कारण ही उत्पन्न होती है. रात- दिन में महिला को लगभग 1 लीटर तक थूक निकलता है. गर्भावस्था के प्रारंभिक दिनों में प्रायः इतना थूक आता है कि महिला थूकते- थूकते परेशान हो जाती है. इस समस्या से छुटकारा पाने में आयुर्वेद औषधी आपकी मदद कर सकती है.
गर्भावस्था के दौरान अधिक थूक आने की समस्या को दूर करता है ये आयुर्वेदिक उपाय
चलिए जानते हैं उन औषधियों के बारे में-
1 .आयुर्वेद की एलादि वटी एक से दो गोली दिन में दो-तीन बार चूसने से इस समस्या से राहत मिलती है.
2 .मयूरपंख का भस्म 3 ग्राम, बड़ी इलायची के छिलके का भस्म 1 ग्राम ऐसी एक मात्रा दिन में दो-तीन बार मधु के साथ चाटने से बेहतर लाभ होता है.
3 .तालीसदी चूर्ण 2 से 3 ग्राम शहद के साथ दिन में दो-तीन बार चाटने से कुछ ही दिनों में थूक आना बंद हो जाता है.
4 .इंद्रजव, इलायची, भाभी रंग इन सब का चूर्ण शहद के साथ सुबह-शाम चाटने से गर्भवती महिलाओं को बार- बार थूक आने की समस्या दूर होती है. साथ ही सौंफ के अर्क के साथ चंदन घिस कर पिलाना फायदेमंद होता है.
5 .लवंगादि चूर्ण 2- 3 ग्राम मधु के साथ दिन में दो-तीन बार चटाने से पर्याप्त लाभ होता है.
6 .अगर बार- बार थूक आने के कारण उल्टी महसूस होने लगे तो खाने वाला सोडा 600 मिलीग्राम धान की खार 12 ग्राम इन को पानी में मिलाकर दिन में दो तीन बार पीना फायदेमंद होता है. अथवा प्रवाल और मुक्ता भस्म 180 मिलीग्राम की मात्रा में शहद या पुदीना की चटनी के साथ सेवन करने से यह समस्या दूर हो जाती है.
Note- यह पोस्ट शैक्षणक उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी प्रयोग से पहले आप योग्य वैध की सलाह जरूर लें ताकि उचित दिशा निर्देश मिल सके और आप इसका लाभ उठा सकें.
यह जानकारी अच्छी लगे तो लाइक, शेयर जरूर करें. धन्यवाद.
स्रोत- स्त्री रोग चिकित्सा.

Post a Comment

0 Comments