जानें- महिलाओं के स्तनों का ढीला होकर लटक जाने के कारण और टाईट करने की आयुर्वेदिक उपाय

कल्याण आयुर्वेद- यदि किसी युवती के स्तन ढीले पड़ जाते हैं तो उसकी समग्रता पूर्ण रूप से खराब लगने लगती है. स्तन ढीले होकर रुए के फाहा के समान कोमल प्रतीत होने लगता है. स्तनों में तनाव एवं कड़ापन नाम मात्र को भी नहीं रहता है. स्तनों के अत्यधिक ढीले होने पर दूध उत्पादन में भी बाधा पड़ती है.
जानें- महिलाओं के स्तनों का ढीला होकर लटक जाने के कारण और टाईट करने की आयुर्वेदिक उपाय
स्तनों के ढीला होकर लटक जाने के कारण-
शरीर में जब कफ की अधिकता होती है. तब स्तन अत्यधिक ढीले एवं बड़े हो जाते हैं. स्तनों के अत्यधिक हिलने डुलने से भी वह ढीले पड़ जाते हैं, पति के द्वारा बार-बार अधिक मर्दन करने से भी स्तन बढ़कर ढीले हो जाते हैं. जिन महिलाओं को अधिक संतान होती है. प्रायः उनके स्तन भी ढीले पड़ जाते हैं अधिक समय तक बच्चे को दूध पिलाते रहने से भी स्तन ढीले होकर लटक जाते हैं.
जानें- महिलाओं के स्तनों का ढीला होकर लटक जाने के कारण और टाईट करने की आयुर्वेदिक उपाय
लटके हुए स्तन टाइप करने के आयुर्वेदिक उपाय-
* फिटकरी, काफूर 12-12 ग्राम, अनार का छिलका 36 ग्राम को पीसकर छान लें और पतला लेप बनाकर इसे स्तनों पर लगाएं. इसे 20 से 25 मिनट के लिए रहने दे और फिर ठंडे पानी से धो लें. ऐसा नियमित करने से लटके हुए स्तन टाइट हो जाते हैं.
* इमली के बीजों की गिरी, अनार का छिलका, कच्चे आम का टिकोरा, बबूल की कच्ची फलियां सबको छाया में सुखाकर पीस लें. इसके बाद 5 ग्राम को एक चम्मच घी में भूनकर 60 ग्राम खांड मिलाकर हलवा बना लें. इस हमले को प्रतिदिन सुबह-शाम 40 दिनों तक सेवन करें. इससे लटका हुआ स्तन सामान्य आकार में आ जाता है.
* महिला को बॉडी पहनने की आदत डालनी चाहिए. इससे लटके हुए स्तन को सामान्य आकार में आने में मदद मिलती है.
जानें- महिलाओं के स्तनों का ढीला होकर लटक जाने के कारण और टाईट करने की आयुर्वेदिक उपाय
नोट- यह पोस्ट शैक्षिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले आप योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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स्रोत- स्त्री रोग चिकित्सा.

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