कई जटिल बीमारियों का रामबाण इलाज है मेथी, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

कल्याण आयुर्वेद- भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए लगभग हर किचन में मेथी का प्रयोग किया जाता है. मेथी को सब्जी तथा इसके दानों को मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. मेथी की खेती लगभग हर प्रदेश में की जाती है. मेथी का पौधा 1 से 2 फुट लंबा होता है. जिसमें जनवरी से मार्च के महीने में फूल लगते हैं.
कई जटिल बीमारियों का रामबाण इलाज है मेथी, जानें इस्तेमाल करने के तरीके
आयुर्वेद के अनुसार मेथी की तासीर गर्म होती है और स्वाद में कड़वा होता है तथा गुण में भारी होता है. यह बात, कफ, ज्वर तथा दाह नाशक होती है. मेथी कृमि, भूख न लगना, कब्ज, मोटापा, मधुमेह, गठिया, साइटिका, सर्दी, खांसी आदि रोगों को दूर करने में मददगार होता है.
स्तर तथा जनन पीड़ा, रक्तातिषार, जलने, दुर्बल काम शक्ति के उपचार में भी मेथी का प्रयोग किया जाता है. इसमें गर्भाशय संकोच का का गुण होता है.
कई जटिल बीमारियों का रामबाण इलाज है मेथी, जानें इस्तेमाल करने के तरीके
मेथी स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है. पाचन तंत्र की समस्याओं को दूर करने के लिए मेथी बहुत ही फायदेमंद चीज है. मेथी के प्रयोग से अपच, गैस व पेट दर्द दूर करने में मदद मिलती है. पेट के छालों को दूर करने के लिए मेथी के काढ़े का नियमित रूप से प्रयोग किया जाना चाहिए. यह एसिडिटी तो दूर करती ही है साथ ही अपेंडिक्स में एकत्रित गंदगी को भी दूर करती है. कब्ज से छुटकारा पाने के लिए सुबह-शाम भोजन में मेथी की सब्जी बनाकर खानी चाहिए और रात के समय एक चम्मच साबुत दाने को पानी के साथ निगलना चाहिए.
आमातिसार के इलाज के लिए रोगी को मेथी के पत्ते घी में तलकर खाने को दें. साथ ही चार चम्मच मेथी के रस को मिश्री की एक चम्मच मिलाकर रोगी को पीने के लिए दें. इससे बहुत जल्द लाभ होता है.
मुंह के छालों की समस्या में मेथी के अर्क से गरारे करने से लाभ होता है. मेथी के पानी को दांतों पर रगड़ने से दांत मजबूत होते हैं तथा दंत रोग नहीं होता है. मेथी दानों के कारण से दिन में तीन- चार बार गरारे करने से गले की सूजन, दर्द तथा टॉन्सिल्स की परेशानी दूर होती है.
मेथी की सब्जी का सेवन करने से खून की कमी दूर होती है. पेचिश, पथरी, रक्तचाप, पेशाब का अधिक होना तथा मानसिक तनाव को दूर करने के लिए मेथी का काढ़ा तथा मेथी का चूर्ण बहुत फायदेमंद होता है. इससे महिलाओं में प्रदर की शिकायत दूर होती है.
किसी प्रकार की अंदरूनी चोट के दर्द को दूर करने के लिए प्रभावित अंगों पर मेथी के पत्तों को पीसकर लेप लगाना चाहिए. इससे सूजन भी दूर होती है. मेथी के दाने के चूर्ण एक चम्मच सुबह-शाम नियमित रूप से सेवन करने से घुटने, जोड़ों, आमबात, लकवा तथा गठिया एवं साइटिका में आराम मिलता है.
मेथी के दानों के लड्डू बनाकर 3 सप्ताह तक सुबह-शाम खाने से कमर दर्द में राहत मिलता है तथा मेथी के तेल की मालिश करना भी लाभदायक होता है.
सर्दी- जुकाम के कष्टों को दूर करने में भी मेथी बहुत ही मददगार होता है. इसके लिए सुबह- शाम मेथी की सब्जी का सेवा करने के साथ ही मेथी के एक चम्मच दाने गर्म दूध के साथ खाने चाहिए.
मेथी के दानों का लेप रात को बालों में लगाने से बालों के रोग दूर होते हैं तथा उनकी जड़ें मजबूत होती है. जलन या दाह को शांत करने के लिए भी मेथी के पत्तों का रस 4 चम्मच दिन में लगभग 3 बार पीने को दिया जाता है. साथ ही मेथी के पत्तों का पेस्ट भी लगाना चाहिए.
कई जटिल बीमारियों का रामबाण इलाज है मेथी, जानें इस्तेमाल करने के तरीके
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मेथी के लड्डू या मेथी की सब्जी अथवा मेथी के दाने के चूर्ण का नियमित रूप से सुबह- शाम सेवन करना चाहिए. इससे दुग्ध स्राव में बढ़ोतरी होती है. वे महिलाएं जिनके स्तन अविकसित रह गए हैं उनके लिए भी प्रयोग लाभदायक है. प्रसव के दौरान होने वाले कष्टों को दूर करने में भी यह मददगार होती है. प्रजनन के बाद अंगों की शिथिलता को दूर करने के लिए भी मेथी का प्रयोग किया जाता है.
कई जटिल बीमारियों का रामबाण इलाज है मेथी, जानें इस्तेमाल करने के तरीके
मेथी में खून और पेशाब में ग्लूकोज की मात्रा को कम करने के विशेष गुण होते हैं. इसी कारण मधुमेह के उपचार में भी मेथी महत्वपूर्ण है. मधुमेह के रोगियों को प्रतिदिन दो चम्मच मेथी दानों का चूर्ण दूध में मिलाकर सेवन करना चाहिए. यदि संभव हो तो दो चम्मच मेथी के दानों को पानी के साथ निकल लेना चाहिए.
मधुमेह के रोगी को जामुन के सूखे बीजों में मेथी मिलाकर पीसकर पाउडर बना लें. इस मिश्रण को एक चम्मच की मात्रा में सेवन करें. इससे शरीर में शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है. साथ ही शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी नियंत्रित रहती है.
मेथी में ट्रस्मेथाईमिलमीन नामक तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इस कारण यह शाकाहारियों के लिए मछली के तेल का सर्वोत्तम विकल्प है. मेथी में पाया जाने वाला लेसीथीन नामक तत्व दिमागी कमजोरी को दूर करता है.
भूख ना लगने, बहुमूत्र, साइटिका, दम्मा, पेट तथा मांसपेशियों के दर्द के लिए रोजाना मेथी के दाने की एक चम्मच मात्रा दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है. मेथी और हमारे स्वास्थ्य का सीधा संबंध है इसलिए मेथी को हमें अपने भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए.
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