बिच्छू के काटने पर अचूक है यह अचूक उपाय, मात्र 2 सेकंड में खत्म कर देता है दर्द

कल्याण आयुर्वेद- बिच्छू का डंक मारना बहुत ही आम बात है और यह किसी के साथ एवं कहीं भी हो सकता है. आपने देखा होगा कि जैसे ही गर्मी शुरु होती है कुछ जहरीले कीड़े- मकोड़े जमीन के अंदर से निकलकर बाहर घूमने लगते हैं. उन्हें अपने लिए जहां भी सही वातावरण मिलता है वहीं पर अपना ठिकाना बना देते हैं. ठीक उसी तरह बिच्छ भी जमीन से बाहर निकल कर अपने वातावरण के अनुसार घूमने लगते हैं और जब कोई व्यक्ति गलती से या जैसे भी शरीर का कोई अंग बिच्छू से टच कर देता है तो वे डंक मार देते हैं.

बिच्छू के काटने पर अचूक है यह अचूक उपाय, मात्र 2 सेकंड में खत्म कर देता है दर्द

जी हां, बिच्छू का जहर बहुत ही खतरनाक होता है क्योंकि इसके काटने के बाद इसका जहर कुछ ऐसा होता है कि पूरे शरीर में जलन होने लगती है और व्यक्ति दर्द से तड़पने लगता है. कई बार बिच्छू का जहर इतना तेज असर करता है की जान भी जा सकती है. हालांकि ऐसा बहुत कम ही होता है. आज हम आपको एक ऐसे नुस्खे के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप बिच्छू के जहर को 2 सेकंड में शांत कर सकते हैं.

जी हां, हम जिस उपाय के बारे में बात कर रहे हैं वह है होम्योपैथिक दवा इसका नाम सिलिसिया 200 है जो होम्योपैथिक दवा दुकान पर आसानी से मिल जाती है. आप इसे लाकर अपने घर में रख सकते हैं और जब भी आपको जरूरत पड़े इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

कैसे करें इस्तेमाल-

जब किसी को बिच्छू ने डंक मार लिया हो तो आप इस दवा को हर 10 मिनट में जीभ पर एक- एक बूंद देते रहें. यह दवा बस तीन बार ही सेवन करना है. अक्सर जब बिच्छू डंक मारता है तो उसका डंक टूटकर शरीर के अंदर ही रह जाता है. इस ढंग की वजह से ही शरीर जदा दर्द होता है. लेकिन इस दवा के सेवन से डंक शरीर से खुद ही बाहर निकल आता है.

इस दवा का इस्तेमाल सिर्फ बिच्छू के काटने पर ही नहीं बल्कि कांटा लगने पर. कांच घुसने पर. ततैया या मधुमक्खी काटने पर भी प्रयोग में ला सकते हैं. यह बहुत ही कारगर सिद्ध होता है.

Note- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है अधिक जानकारी के लिए आप किसी जानकार होम्योपैथ डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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