वीर्य में शुक्राणु को तेजी से बढ़ाता है धातु पौष्टिक चूर्ण, जानें बनाने एवं सेवन करने की विधि

कल्याण आयुर्वेद- आजकल के बदलते लाइफस्टाइल में ज्यादातर पुरुष गुप्त रोगों की समस्या से परेशान रहते हैं. नपुंसकता, शीघ्रपतन, वीर्य पतलापन, शीघ्र स्खलन, काम इच्छा में कमी, सेक्स के दौरान थकान महसूस करना इत्यादि लक्षण सामने आते हैं जो गुप्त रोग कहे जाते हैं. इतना ही नहीं कई ऐसे लोग हैं जिनके वीर्य में शुक्राणु कमजोर होते हैं तो कुछ लोगों में शुक्राणु की संख्या नहीं के बराबर हो जाती है. ऐसे में पिता नहीं बन पाते हैं.

वीर्य में शुक्राणु को तेजी से बढ़ाता है धातु पौष्टिक चूर्ण, जानें बनाने एवं सेवन करने की विधि

आज हम इस पोस्ट के माध्यम से एक ऐसे चूर्ण के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसका सेवन पुरुषों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है. यह आजमाया हुआ उपाय है. इसे आयुर्वेद में धातु पौष्टिक चूर्ण के नाम से बना कर बेचा जाता है.

वीर्य में शुक्राणु को तेजी से बढ़ाता है धातु पौष्टिक चूर्ण, जानें बनाने एवं सेवन करने की विधि

तो चलिए जानते हैं धातु पौष्टिक चूर्ण बनाने और सेवन करने की विधि-

असगंध 100 ग्राम.

शतावर 100 ग्राम.

कौंच का बीज 100 ग्राम.

सफेद मुसली 100 ग्राम.

गोखरू 100 ग्राम.

दरियाई ताल मखाना 100 ग्राम.

छोटी इलायची 25 ग्राम.

दालचीनी 25 ग्राम.

तुलसी बीज 100 ग्राम,

गिलोय सत 25 ग्राम,

ताल मिश्री 200 ग्राम.

उपर्युक्त सभी चीजों को धूप में अच्छी तरह से सुखाकर पीसकर पाउडर बना लें. इसमें 10 ग्राम शिलाजीत और 10 ग्राम बंग भस्म मिलाया जाए तो यह अति गुणकारी होता है.

सेवन विधि-

3 से 5 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें.

इसके नियमित सेवन करने से शारीरिक एवं मानसिक कमजोरी दूर होती है और पुरुषों में गुप्त रोग दूर हो जाते हैं इसके अलावा सेक्स के बाद पेशाब में जलन होना या पेशाब में बार-बार जलन होने की समस्या को भी यह दूर करता है. इस चूर्ण के साथ यदि आयुर्वेद की चंद्रप्रभा वटी का सेवन किया जाए तो काफी असरकारी सिद्ध होता है यह आजमाया हुआ उपाय है.

वीर्य में शुक्राणु को तेजी से बढ़ाता है धातु पौष्टिक चूर्ण, जानें बनाने एवं सेवन करने की विधि

Note- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. हालांकि इसका सेवन करना किसी भी तरह से नुकसानदायक नहीं है फिर भी योग्य वैध की सलाह जरूर लें.

यह जानकारी अच्छी लगे तो लाइक, शेयर करें. ताकि किसी परेशान व्यक्ति को काम आ जाए. धन्यवाद.

आयुर्वेद चिकित्सक- डॉ. पी.के. शर्मा.

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