जानें- कड़वा करेला है गुणों की खान, कई बीमारियों की है एक दवा

कल्याण आयुर्वेद- आज के समय में करेला लगभग 12 महीना बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है. लेकिन कई लोग कड़वा होने के कारण करेले का सेवन करना पसंद नहीं करते हैं, जबकि यह हमारे सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. स्वस्थ रहने के लिए खट्टे, मीठे, कसैले रस हमारे शरीर को जरूरत होती है. उसी तरह कड़वे रस की जरूरत भी हमारे शरीर को होती है. स्वस्थ शरीर के लिए रस की उचित मात्रा जरूरी है. इसमें से रस का आभाव होने पर शरीर विकार उत्पन्न हो जाते हैं.

जानें- कड़वा करेला है गुणों की खान, कई बीमारियों की है एक दवा

आपको बता दें कि करेला बात, पित्त विकार, पांडु, प्रमेह एवं मिर्गी विनाशक होता है. बड़े करेले के सेवन से प्रमेह, पीलिया और अफारा में लाभ होता है. छोटा करेला बड़े करेले की तुलना में ज्यादा गुणकारी होता है. इसलिए औषधि के रूप में छोटे करेले का ही इस्तेमाल करना चाहिए. करेला शीतल, भेदक, हल्का कड़वा व बात कारक होता है और पीत,कफ, बुखार, रुधिर विकार, पांडू, प्रमेह, मिर्गी रोग को नाश करता है. करेली के करेले के समान ही है. करेली का साग उत्तम पथ्य है. यह आमबात, वातरक्त, यकृत, प्लीहा वृद्धि एवं जीर्ण त्वचा रोग में लाभदायक होता है.

करेले में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है. इसमें लोहा, फास्फोरस तथा कम मात्रा में विटामिन सी भी मौजूद होता है. छोटे करेले में लौह तत्व अधिक होता है. करेले के कुछ उपयोग नीचे बता रहे हैं.

* मधुमेह के रोगियों के लिए करेला विशेष फायदेमंद होता है. प्रतिदिन सुबह खाली पेट करेले के रस पीने से मधुमेह में काफी लाभ होता है.

* 50 ग्राम करेले का रस कुछ दिन लगातार पीने से खून साफ होता है और रक्त विकार दूर होकर त्वचा रोगों से छुटकारा मिलता है.

* करेले का रस गर्म पानी के साथ पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं.

* करेले के पत्ते का रस मालिश करने से पैरों की जलन दूर होती है.

* करेले के फूल पीसकर सेंधा नमक मिलाकर घाव के सूजन पर बांधने से काफी लाभ होता है.

* करेले का रस एक कप पानी में मिलाकर पीने से कब्ज दूर होता है.

* करेले के पत्ते के 50 ग्राम रस में थोड़ा सा हिंग मिलाकर पीने से पेशाब खुलकर होता है और मुत्राघात दूर हो जाता है.

* करेले की सब्जी खाने तथा दो करेले का रस लगातार कुछ दिन पीने से वृक्क और मूत्राशय की पथरी टूटकर पेशाब के साथ निकल जाती है.

* जॉन्डिस होने पर एक करेला पानी में पीसकर सुबह-शाम पीने से काफी लाभ होता है.

* करेले के पत्तों या फल का रस शक्कर मिलाकर एक चम्मच लेने से खूनी बवासीर में काफी लाभ होता है.

* करेले के तीन पत्तों के साथ तीन काली मिर्च पीसकर पीने से मलेरिया का बुखार दूर होता है. इसके अलावा करेली के पत्तों का रस शरीर पर मलना भी फायदेमंद होता है.

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