किडनी में पथरी की समस्या से परेशान हैं तो आजमाएं ये घरेलू नुस्खा, निश्चित मिलेगी छुटकारा

कल्याण आयुर्वेद- किडनी, मूत्राशय, मूत्र नलिका आदि में पथरी का होना या बनना कोई नया या अनजान रोग नहीं है. लेकिन अब तक इसके इलाज के लिए कोई चुनौतीपूर्ण और सटीक उत्पाद का बाजार में ना होना परेशानी की बात होती है. पथरी मुख्यतः कैल्शियम फास्फेट, कैल्शियम ऑक्सलेट, यूरिक एसिड और मैग्नीशियम अमोनिया फास्फेट जैसे रसायनों के क्रिस्टल के जमाव के कारण होती है. ज्यादातर जमीन में पाए जाने वाले कठोर पानी और ज्यादा मिनरल्स युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से पथरी होने की संभावना अधिक हो जाती है.

किडनी में पथरी की समस्या से परेशान हैं तो आजमाएं ये घरेलू नुस्खा, निश्चित मिलेगी छुटकारा

किडनी में पथरी के सामान्य लक्षण-

किडनी में पथरी होने के कारण पेट दर्द का सामना करना पड़ सकता है. यह पीठ की तरफ या फिर पेट के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है शुरुआत में दर्द कम होता है लेकिन अचानक दर्द अधिक हो जाता है.

पेशाब में खून आने की समस्या.

बार-बार पेशाब आना.

पेशाब के रंग में बदलाव, पथरी होने पर पेशाब का रंग भूरा या लाल हो सकता है.

पेशाब से अजीब तरह के गंध आना.

बुखार और उल्टी.

पेशाब के रास्ते में संक्रमण.

किडनी स्टोन दूर करने के घरेलू नुस्खे-

नींबू और जैतून के तेल-

नींबू और जैतून के तेल से किडनी स्टोन की समस्या को खत्म किया जा सकता है. कैल्शियम की वजह से होने वाले किडनी स्टोन से छुटकारा पाने के लिए यह सबसे अच्छा और आसान तरीका है. नींबू में साइट्रिक एसिड पाई जाती है जो कैल्शियम से बने पत्रों को तोड़ने में मदद करती है. इसके लिए तीन से चार बड़े चम्मच नींबू के रस में बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिलाएं. अब इस मिश्रण को पानी में मिलाएं और पानी गुनगुना करके इस पानी को रोजाना दिन में दो बार पीने से इस समस्या से छुटकारा मिलती है.

गिलोय-

गिलोय को गुरीच, गुडूची के नाम से भी जाना जाता है. यह वनों में पाई जाने वाली एक तरह का बेल ( लर ) है जो पथरी और पथरी से जुड़े अन्य विकारों के इलाज के लिए मददगार होता है. पेशाब करते समय यदि जलन महसूस हो तो गिलोय के तने का चूर्ण 10 ग्राम, आंवला के फलों का चूर्ण 10 ग्राम, 5 ग्राम गोखरू के बीजों का चूर्ण 3 ग्राम, अश्वगंधा की जड़ का चूर्ण 5 ग्राम पानी में उबालकर इस पानी को दिन में एक बार दिया जाना चाहिए. इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाती है.

पुनर्नवा-

पुनर्नवा जिसे ग़दह पुरैना के नाम से भी जाना जाता है. यह पौधा किडनी में पथरी के लिए महत्वपूर्ण पौधा है. पथरी की वजह से कमर और पेट में दर्द होने पर पुनर्नवा, कचूर और अदरक की बराबर मात्रा लेकर पीसकर पाउडर बना दें अब एक चम्मच की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से दर्द से तुरंत आराम मिलता है. कुछ दिनों तक इसके इस्तेमाल से स्टोन टूट- टूट कर निकल जाती है.

आंवला-

पेशाब करते समय जलन या कम पेशाब होने की समस्या है तो आंवले से बेहतर उपचार कोई नहीं है. आंवले के फलों का रस शक्कर और घी का मिश्रण काफी लाभदायक होता है. हर्बल जानकार भू-आंवले के रस के साथ इलायची के दानों को मिलाते हैं और हल्का गर्म करके पीने की सलाह देते हैं. इनके अनुसार उल्टियां, चक्कर या पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत देता है. दारू हल्दी और आंवले के फलों का चूर्ण बराबर मात्रा में लेने से पेशाब से संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिलती है.

अश्वगंधा-

अश्वगंधा की जड़ का रस पीने से पथरी का दर्द तुरंत कम हो जाता है. अश्वगंधा की जड़ों का रस और आंवला के फलों का रस बराबर मात्रा में आधा-आधा कप लिया जाए तो मूत्राशय और मूत्र मार्ग में पेशाब करते समय जलन की शिकायत दूर हो जाती है और यह पथरी को गलाकर पेशाब के साथ बाहर निकाल देता है. अच्छे परिणामों के लिए इस नुस्खे का इस्तेमाल कम से कम 2 माह तक किया जाना चाहिए.

नोट- यह पोस्ट शैक्षिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले आप जानकार डॉक्टर की सलाह अवश्य लें.

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