तनाव ( डिप्रेशन ) से बचने के 10 उपाय, जानें और स्वस्थ रहें

कल्याण आयुर्वेद- आज के समय में डिप्रेशन यानी तनाव लोगों के बीच एक आम समस्या बनते जा रहा है. खासकर युवा वर्ग के लोग अधिक तनाव में रहते हैं.

तनाव ( डिप्रेशन ) से बचने के 10 उपाय, जानें और स्वस्थ रहें

आपको बता दें कि तनाव की तुलना में अवसाद में गहरी और अधिक गहन स्थिति है और इसका शिकार किसी भी उम्र का व्यक्ति हो सकता है. अगर किसी को चिंता या तनाव अधिक समय तक रहता है तो चिंता अवसाद का रूप ले लेती है जिसके कारण वह व्यक्ति लंबे समय तक ( कभी-कभी महीनों और वर्षों तक) परेशान रहने लगता है. नाखुश या लोगों से दूर रहना पसंद करता है और अकेले में ज्यादा रहना पसंद करता है. इस स्थिति में लोगों का मन जिंदगी से भर जाता है उस व्यक्ति की उन सभी गतिविधियों में रुचि खत्म हो जाती है जिससे वह सामान्य रूप से आनंद लेता है. उस इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी काम- कार्य और व्यवहार पर बुरा प्रभाव पड़ता है और बहुत से बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

इसलिए हर किसी को डिप्रेशन के बारे में समझना चाहिए. उससे निकलने का तरीका मालूम होना चाहिए. जिससे हम अपनी और अन्य लोगों की मदद कर सकें.

तो चलिए जानते हैं डिप्रेशन से छुटकारा पाने के उपाय-

यदि आप डिप्रेशन से बचना चाहते हैं तो सबसे पहले शुरुआत आपको ही करना होगा इस बारे में. अपने प्रियजनों या डॉक्टर से खुलकर बातें करें. साथ ही अपनी प्रतिदिन के कामों में और अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाएं. हो सके तो खुद को दूसरे कामों में व्यस्त कर लें. इससे आपको उस वजह से बारे में सोचने का समय ही ना मिले जिसकी वजह से आप डिप्रेशन में है. लेकिन इसी बीच आपको अपनी सेहत का भी ध्यान रखना है और खुद के लिए भी एक अच्छा समय निकालना है तो आप डिप्रेशन के दौरान कैसे कर सकते हैं जानें 10 तारीके-

1 .अपने प्रिय जनों से बात करें और मांगे मदद-

अगर आप डिप्रेशन से गुजर रहे हैं तो आपको इससे उबरने के लिए प्रतिदिन या नियमित अंतराल पर ऐसे व्यक्ति से बात करें जिनसे बात करना अपनी परेशानी साझा करना अच्छा लगता हो. लेकिन साथ ही आप उन पर भरोसा भी करते हो. यह उपाय सच में एक रामबाण साबित हो सकता है. आप ऐसे भरोसेमंद लोगों से खुलकर अपनी समस्याएं शेयर करें और इस परिस्थिति से लड़ने के लिए उनसे मदद भी मांगे और इस बात की चिंता ना करें कि यह लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे. क्योंकि अपनों से मदद लेने में हमें जरा भी शर्म या संकोच नहीं करना चाहिए. ऐसे बुरे समय में ही अच्छे और विश्वास योग्य लोगों की पहचान होती है. अगर हमारे अपने ही हमारी मदद नहीं करेंगे तो भला कौन करेगा.

2 .रोजाना योगा या व्यायाम करें-

आपको मालूम होगा कि बहुत से वैज्ञानिक शोध में यह साबित हो चुका है कि योगा या व्यायाम आपके डिप्रेशन को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है. जब हम व्यायाम करते हैं तब टेस्टोस्टेरोन और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन्स हमारे शरीर में रिलीज होते हैं जो कि हमारे दिमाग को स्थिर करने का काम करते हैं. जिससे हमारे डिप्रेशन को बढ़ाने वाले नकारात्मक विचार आने कम हो जाते हैं. योगा या ध्यान करने से हम ना केवल मानसिक और शारीरिक रूप से सेहतमंद और मजबूत बनते हैं बल्कि हमारे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

3 .खाएं सेहतमंद खाना-

जब एक व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो वह खाना- पीना भी कम कर देता है या बिल्कुल ही खाना छोड़ देता है. अच्छा खाना हर किसी के लिए जरूरी है. लेकिन जब आप किसी शारीरिक या मानसिक समस्या से पीड़ित हो चुके हो तो आपके लिए सेहतमंद खाना और भी ज्यादा आवश्यक हो जाता है. क्योंकि सेहतमंद और संतुलित खानपान से आपकी सेहत तो अच्छी रहती ही है साथ ही आपका मन भी खुश रहता है. अगर ऐसे में आपकी पसंद का खाना मिल जाए तो उससे अच्छा और आपके लिए क्या हो सकता है. इसलिए ऐसे समय में अपनी पसंद की सेहतमंद खाने पीने का पूरा ध्यान रखें.

4 .अपने अंदर की कलाकार और विचारों को बाहर आने दे-

आपके अंदर नकारात्मक विचार सबसे अधिक तब आते हैं जब आपके पास खाली समय होता है. इसलिए ऐसे खाली समय को इस्तेमाल करें और अपने अंदर की कलाकार को बाहर आने दे. ऐसे काम करें जो करना आपको पसंद है जैसे अगर आपको लिखने का शौक है तो पेन और पेपर लेकर आपके मन में चल रही भावनाओं और नकारात्मक विचारों को लिख डाले. साथ ही खुद से बात करें कि अगर यह समस्या किसी अन्य व्यक्ति के साथ घटित होती तो आप उसे क्या सलाह देते. हमारे ख्याल से इससे अच्छा शायद ही कुछ होगा क्योंकिडिप्रेशन से निकलने के बारे में आपको खुद भी पता होता है क्योंकि आपको कौन सी चीज ज्यादा परेशान करती है और क्या चीज आपको सबसे अधिक खुशी देती है इसके बारे में आप से बेहतर कोई और नहीं जानता है. इसलिए आपको खुद समझना है और उसे अपनी कलम से एक कागज पर लिखकर प्रतिदिन फॉलो करना है. देखना आप जल्द ही इस स्थिति से बाहर निकल जाएंगे. आपको बता दें कि आजकल ब्लॉग और अन्य कंटेंट को साझा करने के लिए बहुत से विकल्प मौजूद हैं जैसे आप ट्विटर, फेसबुक या अन्य मीडिया का इस्तेमाल करके अपने विचारों को दूसरे के साथ साझा कर सकते हैं ताकि वह लोग जो इस स्थिति से जूझ रहे हैं. आपके विचारों को पढ़कर उत्साहित हो सके.

5 .नकारात्मक लोगों से बनाकर रखें दूरी और दोस्तों के जाएं नजदीक-

आपके अच्छे दोस्त आपके भाव और विचारों को अच्छा बनाने में आपकी मदद करते हैं. साथ ही ऐसे दोस्तों से अपने विचारों को साझा करके आपको आवश्यक सहानुभूति भी मिलती है. वही लोग आपकी बातों को ध्यान से सुनते हैं और उसके प्रति अपने विचार देते हैं. डिप्रेशन के दौर में जब हम बिल्कुल अकेला महसूस करते हैं तो ऐसे में अगर कोई हमारे मन में चल रही बातों और मनोभावों को समझें या मन से सुन भी ले तो हमें बहुत अच्छा लगता है. अपने ऐसे सकारात्मक दोस्तों से जुड़ने के साथ-साथ आप उन लोगों से दूर रहें जो खुद परेशान है या नकारात्मकता विचारों से भरे होते हैं. ऐसे लोग खुद के साथ- साथ हमेशा दूसरों का भी मनोबल घटाने का काम करते हैं.

6 .अपनी नौकरी की करें समीक्षा-

इन दिनों कार्यालयों में अपने कर्मचारियों को खुश रखने की बड़ी-बड़ी बातें की जाती है. लेकिन आजकल ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है कि आप अपनी नौकरी या अन्य कर्मचारियों से खुश रहते हैं. यदि आप भी अपने कार्यस्थल पर चिंता या तनाव महसूस करते हैं तो अपनी नौकरी की समीक्षा करें. क्योंकि हो सकता है कि आपकी नौकरी ही आपकी चिंता की असली वजह हो. अगर यह चिंता समय पर नहीं छोड़ी गई तो आगे चलकर ये अवसाद का कारण बन सकती है. इसलिए हो सके तो ऐसी नौकरी को बदल दें और अपने क्षेत्र से संबंधित नौकरी करें जो आपको खुशी और संतुष्टि दे ना की चिंता और तनाव. और आप एक सुकून भरी और तनावमुक्त जिंदगी जी सकें हमेशा ऐसी ही नौकरी करें जो आपको खुशी हो संतुष्टि दे ना की चिंता और तनाव.

7 .अधिक चिंता महसूस होने पर छुट्टियां लें-

एक ही ऑफिस, शहर और दिनचर्या, प्रतिदिन ऐसा करके आप काफी बार बोरियत महसूस करने लगते हैं जो आगे चलकर आपके मन में नकारात्मक विचार और फिर डिप्रेशन उत्पन्न करता है. इसलिए अपनी जॉब के काम के साथ-साथ इंजॉय भी करें. क्योंकि माहौल बदलते रहने से आपके मन में चल रहे नकारात्मक विचारों को दूर रखने में मदद मिलती है. यदि आपको लंबी छुट्टी नहीं मिल रही है तो वीकेंड में ही कहीं बाहर घूमने निकल लें या परिवार को अधिक समय दें. रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि जो लो नियमित रूप से महीने में मिलने वाली छुट्टी लेते हैं ऐसे लोगों की कार्यकुशलता लगातार कई सप्ताह तक काम करने में लगे रहने वाले लोगों की तुलना में अधिक होती है.

8 .भरपूर और अच्छी नींद लें-

जब आप परेशान होते हैं तो एक अच्छी नींद आपके मन की नकारात्मक विचारों को कम करके फिर से आपके मन को तरोताजा बना देती है. एक अच्छी और पूरी रात की नींद हमें सकारात्मक ऊर्जा देती है. अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि प्रतिदिन 7 से 8 घंटे सोने वाले लोगों में डिप्रेशन के लक्षण कम देखे गए हैं. इसलिए अगर आप चिंतित है या अधिक व्यस्त रहने के कारण भरपूर नींद नहीं ले पाते हैं तो आज भ इस बुरी आदत को छोड़ दें क्योंकि आपकी डिप्रेशन की समस्या का समाधान एक अच्छी और भरपूर नींद हो सकती है.

9 .पसंद का सुनें संगीत-

जब लोग डिप्रेशन में होते हैं तो अच्छा संगीत सुनकर काफी बेहतर महसूस करते हैं. यह एक साबित तथ्य है और कई वैज्ञानिक शोध द्वारा प्रमाणित भी हो चुका है तो आप जब भी मानसिक रूप से परेशान हो तो अपनी पसंद का गाना सुनें. क्योंकि संगीत में मन को अवसाद से निकालने की अद्भुत शक्ति होती है. अच्छा और आपकी पसंद का संगीत आपके नकारात्मक भाव को शांत करके आपके मूड को बदल देता है. लेकिन जरूरी नहीं है कि संगीत हमेशा ही आपके मन को शांत करता है क्योंकि यह बात ध्यान रखने योग्य है कि जरूरत से ज्यादा गम में डूबे हुए गाने आपको डिप्रेशन में बढ़ोतरी कर सकता है.

10 .पुरानी बातों को ज्यादा ना सोचे और ना ही अकेले रहें-

जब आप परेशान या डिप्रेशन में होते हैं तो आप अपने अंदर कमियां खोजने लगते हैं या पुरानी बातों को याद कर सोचने लगते हैं जो कि बिल्कुल भी सही नहीं है. क्योंकि बीती हुई बातों को याद करके हम कुछ बदल तो नहीं सकते पर अपनी नकारात्मक सोच को बढ़ा कर अपने डिप्रेशन को और भी अधिक गंभीर बना सकते हैं. अपनी पुरानी भूलो और गलतियों को सोचना आपको पूरी तरह से अवसाद के चंगुल में फंसा सकता है. यह सब पुरानी बातें सोचने से कुछ बदलने वाला नहीं है क्योंकि आप भूतकाल को नहीं बदल सकते हैं. पर इतना ज्यादा सोच कर अपनी सेहत जरूर खराब कर देंगे. इसलिए पुरानी बातों को याद करके सोचने की बजाय आज की बातों पर फोकस करें और आगे बढ़े.

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स्रोत- H.O.D. BLOG.

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