गरीबी की मार झेलते-झेलते थक चुकें हैं तो धनतेरस के दिन करें ये 2 काम, हो जाएंगे मालामाल

वास्तु शास्त्र- कहा जाता है कि जो भी चीज धनतेरस पर खरीदी जाती है वह 13 गुना और अधिक बढ़ जाती है. इसलिए ज्यादातर लोग धनतेरस पर सोना, चांदी, भूमि, वाहन और बर्तन आदि खरीदते हैं. लेकिन जो धनतेरस पर इन महंगी चीजों को नहीं खरीद सकते हैं उन्हें धनतेरस के दिन झाड़ू जरूर खरीदना चाहिए.

गरीबी की मार झेलते-झेलते थक चुकें हैं तो धनतेरस के दिन करें ये 2 काम, हो जाएंगे मालामाल

धनतेरस का पर्व हिंदू परंपराओं में बहुत ही खास माना जाता है. इस पर्व से ही दिपावली का त्यौहार मनाने की परंपरा शुरू हो जाती है जो धनतेरस के 2 दिन बाद तक मनाया जाता है. धनतेरस कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की तेरस तिथि को मनाया जाता है. दीपावली के 1 दिन पहले झाड़ू खरीदने की परंपरा है जो सदियों से चली आ रही है कहा जाता है कि धनतेरस पर खरीदी गई चीजें जल्दी खराब नही होती है.

क्यों खरीदी जाती है धनतेरस पर झाड़ू-

झाड़ू को माना जाता है मां लक्ष्मी का रूप-

* मत्स्य पुराण के अनुसार झाड़ू को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है जबकि बृहद संहिता में झाड़ू को सुख- शांति बढ़ाने और बुरी शक्तियों का सर्वनाश करने वाली बताया गया है. झाड़ू घर से वास्तुदोष दूर करती है. धनतेरस के दिन झाड़ू लेने से कर्ज से भी मुक्ति मिलती है.

* यदि धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदी जाए तो बहुत शुभ फलदाई माना जाता है. झाड़ू कभी भी दो या चार के जोड़े में नहीं खरीदना चाहिए. इसके अलावा धनतेरस पर खरीदी गई झाड़ू दीपावली के दिन सूर्योदय से पहले मंदिर में दान करना चाहिए. जिससे घर में लक्ष्मी का वास रहे.

* इसके अलावा धनतेरस की रात घर की चौखट पर दीपक जलाने से मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती है और कहा जाता है कि जहां माता लक्ष्मी का वास होता है. वहां धन-संपत्ति की कभी कमी नहीं होती है. इसलिए धनतेरस की रात घर की चौखट पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है.

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