कार्तिक मास में ही क्यों मनाई जाती है दीपावली, जानें

जैसा कि आपको मालूम है कि दीपावली बहुत नजदीक पहुंच चुकी है और लोग घर, दुकान, ऑफिस इत्यादि के साफ- सफाई में जुटे हुए हैं. लेकिन सवाल यह उठता है कि कार्तिक माह में ही दीपावली क्यों मनाई जाती है.

कार्तिक मास में ही क्यों मनाई जाती है दीपावली, जानें

तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार्तिक माह में सूर्य सर्वाधिक कमजोर होता है. इसलिए इस समय ऊर्जा और प्रकाश दोनों ही कमजोर हो जाता है. इसलिए इस समय दीपक जलाकर हम ईश्वर, ऊर्जा और प्रकाश से संबंध स्थापित करते हैं. दीपक से ईश्वर की कृपा, उर्जा और समृद्धि सब कुछ मिल सकता है और कार्तिक मास में किया गया दीपदान कभी भी निष्फल नहीं होता है. इस महीने में अलग-अलग मुखी दीपक जलाकर अलग-अलग तरह की मनोकामनाएं पूरी की जा सकती है.

कार्तिक मास में दीपदान में बरतें ये सावधानियां-

* दीपक जलाते समय सिर खुला न रखें. पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके ही दीपक जलाएं.

* कभी भी घर में सरसों के तेल का दीपक ना जलाएं, घर में तिल के तेल का या घी का दीपक जलाएं.

* दीपक को मुंह से फूककर कभी न बुझायें, अगर बुझाना ही है तो आंचल या कपड़े से हवा करके बुझायें.

कार्तिक महीने में खान-पान और जीवनशैली या का क्या महत्व और नियम है-

कार्तिक मास आते ही खानपान में भी बदलाव आ जाता है. यह माना जाता है कि कार्तिक मास से ही सर्दियों की शुरुआत होती है. इसलिए इस महीने से अस्निग्ध चीजें और मेवे खाने की सलाह दी जाती है. जिन चीजों का तासीर गर्म हो और लंबे समय तक ऊर्जा देने का काम करता है. ऐसी चीजों को खाना चाहिए. इस महीने में दाल ( दलहन ) खाने की मनाही की गई है. सूरज की किरणों का स्नान भी इस महीने से उत्तम माना जाता है. कार्तिक महीने में दोपहर में सोने की भी मनाही की गई है इससे शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है.

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