ब्रेन को डैमेज होने से बचाने के लिए हर किसी को रखना चाहिए इन बातों का ध्यान

कल्याण आयुर्वेद- हर किसी की चाहत होती है कि उनका स्वास्थ्य ठीक रहे वह फिट हो. लेकिन जाने- अनजाने हम कई ऐसी गलतियां करते हैं जो हमारे सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होता है. आज हम आपको ब्रेन से जुड़ी कुछ सावधानियों के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसका सही ध्यान रखा जाए तो इसे डैमेज होने से बचाया जा सकता है.

ब्रेन को डैमेज होने से बचाने के लिए हर किसी को रखना चाहिए इन बातों का ध्यान

चलिए जानते हैं विस्तार से-

हमारे शरीर में दिमाग एक ऐसा अंग है यदि खराब हो जाता है तो हमारे सभी अंग बेकार हो जाते हैं. इसलिए हमें अपने दिमाग को स्वस्थ रखना जरूरी होगा. यदि हमारा मन स्वस्थ है तो हम मन को नुकसान पहुंचने के शिकार से दूर रहेंगे. आज हम आपको चार ऐसे व्यवहार से अवगत कराने की कोशिश करेंगे जो मन को नुकसान पहुंचा सकता है और हमारे ब्रेन को क्षति पहुंचा सकते हैं.

नमक का अधिक सेवन करना-

एक जांच में कहा गया है कि नमक का अत्यधिक सेवन कई बीमारियों का कारण बन सकता है. जैसे- ब्लड प्रेशर और स्मरण शक्ति की कमी होना, माइंड स्ट्रोक इसके कारण आपका दिमाग असाधारण रूप से क्षतिग्रस्त हो सकता है. इसलिए चिकित्सक इस बात का समर्थन करते हैं कि भोजन के साथ नमक की मात्रा संतुलित होनी चाहिए.

सुबह का नाश्ता ना करना-

अक्सर आजकल ज्यादातर लोग भाग दौड़ भरी जिंदगी में सुबह का नाश्ता करना बंद कर देते हैं. लेकिन क्या आप पहले से ही जानते हैं कि सुबह का नाश्ता बंद करने से आपके दिमाग को मिलने वाले विटामिंस नहीं मिलेंगे. जिसके कारण दिमाग अतिरिक्त रूप से ठीक से काम करना बंद कर देता है और बाद में दिमाग को नुकसान जैसी परेशानियां भी हो सकती है. अगर आयुर्वेद की मानें तो सुबह देर से भोजन करने से हमारे शरीर में पित्त की बढ़ोतरी होती है जो कई बीमारियों का कारण बनता है.

टेलीफोन या स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग करना-

शोध के अनुसार सेलुलर टेलीफोन के उपयोग से भी नींद और अवसाद के साथ तीव्र संदूषण हो सकता है. यह सबसे प्रभावी नहीं है. स्मार्टफोन के संपर्क में अधिक रहने से माइंड ट्यूमर का खतरा अधिक होता है.

अत्यधिक अंतर ग्रहण-

अतिरिक्त और तीव्र भोजन का सेवन करना भी नुकसानदायक होता है. इससे आपका वजन तो बढ़ेगा ही साथ ही आपके दिमाग की परिचालन क्षमता को भी कम कर देता है. भोजन में ऊर्जा की अधिक खपत से व्यक्ति में याददाश्त होने की संभावना अधिक हो जाएगी.

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है अधिक जानकारी के लिए योग्य विशेषज्ञ की सलाह लें. यह जानकारी अच्छी लगे तो लाइक, शेयर जरूर करें. धन्यवाद.

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