चाणक्य नीति- गरीबी के रास्ते पर ले जाती है व्यक्ति की ये आदतें

चाणक्य नीति- आचार्य चाणक्य बहुत बड़े विद्वान थे. आचार्य चाणक्य नीति शास्त्र में तरक्की, धन, बिजनेस, वैवाहिक जीवन, परिवार, नौकरी आदि से जुड़े सवालों का सरलता से जवाब दिया है. हालांकि आचार्य चाणक्य की नीतियों को अपनाना कठिन होता है. लेकिन जिस व्यक्ति ने उनके नीति को अपना लिया उसे सफल होने से भी कोई रोक नहीं सकता है. नीति शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की कुछ आदते ही उनके गरीबी के कारण बनते हैं. उनके इन आदतों के कारण जीवन मुश्किलों से भर जाता है.

चलिए जानते हैं विस्तार से-

1 .आचार्य चाणक्य का कहना है कि व्यक्ति चाहे जितना गरीब हो उसे साफ- सुथरा रहना चाहिए, उनका कहना है कि गंदे- मैले कपड़े पहनने वाले व्यक्ति के पास मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है. ऐसे लोग समाज में भी अपमानित होते हैं.

2 .नीति शास्त्र में उन्होंने कहा है कि जो व्यक्ति दांतो को गंदा रखता है और उनकी सफाई नहीं करता है. उन्हें गरीबी का सामना करना पड़ता है. वहीं दांत साफ रखने वाला व्यक्ति खुशहाल रहता है.

3 .आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्यादा खाने वाला व्यक्ति कभी धनवान नहीं बन पाता है. वे कहते हैं कि ज्यादा खाने वाले व्यक्ति की सेहत भी खराब रहती है. नीति शास्त्र के अनुसार व्यक्ति को हमेशा मीठा बोलना चाहिए, कड़वा बोलने वाले व्यक्ति को लोग पसंद नहीं करते हैं और उनके दुश्मनों की संख्या भी बढ़ती जाती है जो कभी भी खतरनाक साबित हो सकती है.

4 .चाणक्य का कहना है कि अच्छी तरीके से कमाया गया धन ज्यादा दिनों तक टिकता है. वही गलत तरीके से कमाया गया धन व्यक्ति को हमेशा परेशान रखता है. चाणक्य कहते हैं कि धूर्त और चालाक व्यक्ति ज्यादा दिनों तक खुशहाल नहीं रह सकते हैं.

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