नदी, नहर, तालाब पर नहीं बल्कि यहां मनाए छठ पर्व, झारखंड सरकार द्वारा गाइडलाइंस जारी

छठ पूजा 2020- दीपोत्सव का पर्व दीपावली खत्म होती हैं लोग छठ महाव्रत की तैयारी में जुट चुके हैं लेकिन इस वर्ष नदी, नहर, तालाब में नहीं बल्कि घर पर ही छठ पर्व मनाने का झारखंड सरकार द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है. चलिए जानते हैं विस्तार से-

नदी, नहर, तालाब पर नहीं बल्कि यहां मनाए छठ पर्व, झारखंड सरकार द्वारा गाइडलाइंस जारी

कोरोना महामारी को देखते ही छठ महापर्व को लेकर झारखंड सरकार ने गाइडलाइंस जारी कर चुकी है. गाइडलाइंस में बताया गया है कि लोग नदी, नहर, तालाब में नहीं बल्कि वे अपने घर में ही छठ महापर्व का त्योहार मनाए, क्योंकि महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं के लिए नदियों और तालाबों में केंद्र सरकार के निर्देश और सोशल डिस्टेंसिंग यानी 2 गज दूरी का पालन संभव नहीं है, ऐसे में लोगों को अपने घरों में ही इस बार छठ पर्व का आयोजन करना होगा,

गाइडलाइंस के अनुसार इस बार छठ महापर्व के दौरान किसी की नदी, तालाब या डैम की छठ घाट पर किसी तरह के कार्यक्रम के आयोजन की इजाजत नहीं दी गई है. छठ घाट के पास कोई दुकान और स्टॉल लगाने की भी इजाजत नहीं है.

इसके अलावा पर्व के दौरान सार्वजनिक जगहों पर पटाखा, लाइटिंग और मनोरंजन संबंधी कार्यक्रम पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.

गाइडलाइंस में बताया गया है कि घाट पर भीड़ और एक साथ स्नान से कोरोना संक्रमण का खतरा है. नदी और तालाब की एक ही पानी में सैकड़ों श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए उतरते हैं. ऐसे में कोरोना का संक्रमण फैल सकता है. सरकार का कहना है कि बेहतर होगा कि लोग अपने घरों में ही इस वर्ष छठ महापर्व मनाएं.

आपको बता दें कि चार दिवसीय छठ महापर्व 18 नवंबर से शुरू होगा. 18 नवंबर को नहाए- खाए और 19 नवंबर को खरना है. 20 नवंबर को पहला अर्घ्य और 21 नवंबर को दूसरा अर्घ्य के साथ छठ महापर्व की समाप्ति होगी.

आपको बता दें कि कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए झारखंड सरकार ने यह गाइडलाइंस जारी की है. सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस से साफ हो गया है कि इस बार नदी नहर तालाबों पर नहीं बल्कि घर में ही छठ महापर्व का आयोजन किया जा सकता है.

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स्रोत google.com.

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