महिला व पुरुष बांझपन दूर करने के आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

 कल्याण आयुर्वेद- शादी के बाद हर महिला व पुरुष की चाहत होती है कि वह एक सुंदर और स्वस्थ बच्चे को जन्म देकर माता-पिता बनें. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि शादी होने के बाद कई साल बीत जाते हैं और भी माता-पिता नहीं बन पाते हैं. अगर शादी के बाद छह-सात महीने तक महिला गर्भधारण नहीं करती है तो उसे बाँझपन से ग्रसित समझना चाहिए. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं.

महिला व पुरुष बांझपन दूर करने के आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय
लेकिन ऐसा भी नहीं है कि महिला ही बांझपन का शिकार हो सकती है उसके पति के शुक्राणुओं में कमी होने के कारण भी महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है. इसलिए महिला व पुरुष दोनों को ही इसकी जांच करानी चाहिए.
महिलाओं में बांझपन होने के कई कारण हो सकते हैं?
अनियमित मासिक धर्म का होना, 22 दिनों से कम समय में मासिक धर्म का आना, मासिक धर्म में 2 दिन तक ब्लीडिंग होना, 35 दिनों से ज्यादा दिनों के बाद मासिक धर्म का आना, मासिक धर्म में ज्यादा ब्लीडिंग होना, महिला में गर्भाशय का ठीक से विकसित नहीं हो पाना, हार्मोन्स में परिवर्तन आने से, ठुड्ढी पर बाल आना, वजन अधिक होना, संभोग के दौरान दर्द होना और सामान्य मासिक धर्म आना, फैलोपियन ट्यूब के ठीक से काम नहीं करने से, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण.
कुछ महिलाओं में शरीर में गर्भाशय का निर्माण बचपन से ही ठीक तरह से नहीं हो पाता है. ऐसी महिला कभी मां नहीं बन पाती है. लेकिन जिन महिलाओं को ऊपर बताए गए कारणों की वजह से गर्भधारण नहीं हो रहा है तो उसका उपचार किया जा सकता है.
तो चलिए जानते हैं बांझपन दूर करने के उपाय-
1 .100 ग्राम शिवलिंगी के बीज, 100 ग्राम पुत्रजीवक की गिरी को पीसकर पाउडर बना लें. अब इसमें से एक 1 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें.
2 .एक- एक चम्मच फलघृत को सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें. अगर मासिक धर्म की अनियमितता है तो दशमूल क्वाथ या दशमूलारिष्ट का नियमित प्रयोग करें.
3 .इसके साथ ही महिलाएं जहां पर चूड़ियां पहनती है. उस हिस्से को दबाना चाहिए. यह प्रजनन की समस्याओं को दूर करने में मददगार होता है.
4 .लौकी का रस में 5-7 शीशम के पत्ते डालें. शीशम के पत्तों को बारीक पीसकर ही लौकी के रस में मिलाएं. अब इस तरह रोजाना बनाकर सुबह खाली पेट पिए तो इससे ब्लडिंग, अनियमित मासिक धर्म अत्यधिक मासिक धर्म का होना ठीक हो जाता है व बांझपन में लाभ होता है.
5 .बांझपन में केसर और नागकेसर को चार- चार ग्राम मिलाकर चूर्ण बना लें. अब इसकी तीन पुड़िया बना लें और मासिक धर्म खत्म होने के बाद लगातार तीन दिन तक खाएं तो गर्भधारण की संभावना अधिक हो जाती है.
6 .आधा कप गेहूं को 12 घंटे पानी में भिगोए फिर गीले मोटे कपड़े में बांधकर 24 घंटे के लिए रख दें. इस तरह गेहूं में अंकुर निकल आएंगे. इस अंकुरित गेहूं को बिना पकाए ही खाएं स्वाद के लिए इसमें आप गुड़ अथवा किशमिश मिला सकते हैं. इसका नियमित प्रयोग करने से पुरुषों की नपुंसकता और महिलाओं में बांझपन की समस्या से छुटकारा मिलता है.
7 .केवल संतान प्राप्ति के लिए 25 ग्राम अंकुरित गेहूं 3 दिन और फिर इतनी ही मात्रा में 3 दिन अंकुरित उड़द क्रम से खाने से कुछ ही महीनों के प्रयोग से गर्भधारण होती है. गेहूं के अंकुरित अमृत के समान है. यह विटामिन ई से भरपूर स्वास्थ्य एवं शक्ति का प्राकृतिक भंडार है.
8 .पियाबासा पुरुष व महिला बांझपन के लिए रामबाण है जो महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पा रहे हैं और जो पुरुष संतान सुख से वंचित है. उनके लिए यह बहुत फायदेमंद है. इसके लिए पियाबासा के पंचांग यानी इसके पत्ते, फूल, जड़ आदि को कूट कर रख लें. 10 ग्राम पंचांग को 400 ग्राम पानी में पकाएं. जब पानी 100 ग्राम रह जाए तो उसे छानकर पीएं. ऐसा 3 महीने तक करें इस दौरान संयम बरतें. इस से जल्दी ही उनकी मुराद पूरी होगी और वे माता-पिता बनेंगे.
9 .असगंध का चूर्ण 3 से 6 ग्राम तक मासिक धर्म के प्रारंभ में खाने से गर्भ धारण होता है या असगंध के काढ़े में दूध और घी मिलाकर 7 दिन पीने वाली महिला को अवश्य ही गर्भधारण होता है.
नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले आप डॉक्टर की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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