सेक्स पावर कम होने के कारण, लक्षण और बढ़ाने के अचूक आयुर्वेदिक उपाय

कल्याण आयुर्वेद- इंसानी शारीरिक ऊर्जा के जिस भाग को आप सेक्स यानी संभोग में लगाते हैं उसको सेक्स पावर कहा जाता है. सेक्स सभी की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. इसको आनंद पूर्ण बनाने के लिए आपको अपनी सेक्स पावर को सही तरीके से रखना होगा. सेक्स में शामिल होने वाले महिला- पुरुष दोनों ही लोगों की सेक्स ताकत स्वस्थ होने से शारीरिक व मानसिक स्तर पर कई तरह के लाभ मिलते हैं.

सेक्स पावर कम होने के कारण, लक्षण और बढ़ाने के अचूक आयुर्वेदिक उपाय

लेकिन आज के इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में अस्वस्थ जीवनचर्या और दूषित वातावरण के कारण लोगों को कई तरह की बीमारियां हो जाती है. जिसके वजह से भी सेक्स पावर में कमी आ जाती है तो ऐसे में यदि आप भी सेक्स पावर की कमी महसूस करते हैं तो आज हम आपको आयुर्वेदिक नुस्खे के बारे में बताने जा रहे हैं जो सेक्स पावर के लिए किसी चमत्कार से कम साबित नहीं होगा. साथ ही यह आपकी शारीरिक और मानसिक क्षमता में भी बढ़ोतरी करेगा.

सेक्स पावर कम होने के कारण-

सेक्स पावर कम होने के कई कारण हो सकते हैं जिनमें से कुछ मुख्य कारणों के बारे में बता रहे हैं.

टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होना.

सेक्सुअल पावर में कमी आना.

नपुंसकता का होना.

उम्र का ज्यादा होना.

तनाव व चिंता होना.

पुराने रोग जैसे- डायबिटीज, ह्रदय रोग, मोटापा इत्यादि.

सेक्स पावर कम होने के लक्षण-

यौन उत्तेजना ना होना.

सेक्स के दौरान अधिक देर तक नहीं टिकना यानी शीघ्रपतन होना.

चर्मसुख का समय कम होना.

सेक्स के दौरान संतुष्टि की प्राप्ति का नाम होना.

यौन प्रदर्शन में कमी का आ जाना.

सेक्स पावर बढ़ाने के अचूक आयुर्वेदिक उपाय-

1 .अश्वगंधादि चूर्ण-

इस चूर्ण को बनाने के लिए 100 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण और 100 ग्राम विधारा का चूर्ण लेना है. अब इसे अच्छी तरह से मिलाकर सुरक्षित रख लें.

मात्रा- इस चूर्ण में से 3 से 6 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध या जल के साथ नियमित सेवन करें.

फायदे-

इस चूर्ण के सेवन से वीर्य विकार, शुक्रविकार, वीर्य का पतलापन, लिंग शिथिलता, शीघ्रपतन, प्रमेह आदि विकार नष्ट होकर वीर्य गाढ़ा और निर्दोष बनता है. इस चूर्ण का सबसे उत्तम प्रभाव वीर्य वाहिनी नाड़ियों, वात वाहिनी नाड़ियों और मस्तिष्क तथा हृदय पर होता है. जिसके कारण यह चूर्ण मस्तिष्क को परिपुष्ट करता है. अनिद्रा, हृदय की कमजोरी एवं धड़कन को नष्ट करता है. यह चूर्ण उत्तम शक्ति वर्धक तथा वाजीकरण है. यह शरीर को हृष्ट-पुष्ट बनाकर शरीर के वजन को बढ़ाता है एवं उत्तम वयःस्थापक है.

2 .मकरध्वज वटी-

यह वटी आयुर्वेद में बनी बनाई मिलती है. इस वटी का एक एक गोली सुबह- शाम मधु या मिश्री या मक्खन, मलाई या दूध के साथ सेवन करना है.

फायदे-

इस वटी का विशेष प्रभाव मस्तिष्क, वात वाहिनी तथा शुक्र वाहिनी गाड़ियों पर होता है. अतः समस्त प्रकार के शुक्र विकृति, अधिक मैथुन जनित या अप्राकृतिक मैथुन जनित, इंद्रिय शैथिल्य को दूर करता है. इसके अतिरिक्त प्रमेह, शीघ्रपतन, वीर्य का पतलापन आदि विकार नष्ट होते हैं. यह उत्तम पुष्टि कारक, स्तंभन शक्ति वर्धक और नपुंसकता नाशक है. यह शरीर में बल, वीर्य. ओज को वृद्धि करता है.

नोट- ऊपर बताए गए दोनों औषधियों का एक साथ नियमित सेवन करने से सेक्स से जुड़ी सभी समस्याएं कुछ ही दिनों में दूर हो जाती है यह आजमाया हुआ आयुर्वेदिक उपाय है.

यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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