वनवास के दौरान सिर्फ पीले कपड़ों में ही क्यों थी सीता माता, जानें कारण

शास्त्र- हर कोई यह जानता है कि भगवान राम और माता सीता को 14 वर्षों के लिए वनवास जाना पड़ा था. लेकिन इस बनवास से जुड़ी कई ऐसी छोटी-छोटी बातें हैं जिनसे ज्यादातर लोग अनजान हैं.

वनवास के दौरान सिर्फ पीले कपड़ों में ही क्यों थी सीता माता, जानें कारण

आपको बता दें कि चर्चित शो कौन बनेगा करोड़पति में एक प्रतियोगिता के सवाल में पूछा गया था कि रावण द्वारा अपहरण के दौरान माता सीता ने कौन से रंग के कपड़े पहने हुए थे. इसका जवाब भी नहीं दे पाए कई लोग आज भी इस बारे में नहीं जानते हैं कि भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने पूरे वनवास के दौरान केवल पीले रंग के ही वस्त्र धारण किए थे और इस रंग की वस्त्र धारण करने के पीछे भी एक बड़ी वजह है.

रामायण से जुड़े इस सवाल के जवाब नहीं दे पाने पर हॉट सीट पर बैठे प्रतिभागी ने प्रतियोगिता से बाहर निकलने का फैसला कर लिया. वैसे इस सवाल का सही जवाब पीला रंग है. भगवान श्री राम, सीता माता और लक्ष्मण जी ने पूरे वनवास के दौरान केवल पीले रंग के वस्त्र धारण किए थे.

वैसे साधु-संतों में गेरुवे रंग के कपड़े पहनने की परंपरा सदियों से है. माना जाता है कि गेरुवे रंग के कपड़े संसार त्याग को दर्शाते हैं. गेरुवे रंग के कपड़े पहने का मतलब केवल गृह त्याग ही नहीं बल्कि गृहस्थ जीवन को भी छोड़ देना होता है. आपको बता दें कि राम, सीता सन्यास लेकर नहीं बल्कि वचनबद्ध होकर वनवास जा रहे थे. लिहाजा उन्होंने गेरुवे रंग की जगह पीले रंग के वस्त्रों को चुना.

बता दें कि भारतीय संस्कृति खासकर हिंदू धर्म में भगवा और पीले रंग का बहुत खास महत्व है. धार्मिक और महत्वपूर्ण कामों में इन दोनों रंगों की महत्व सबसे ऊपर रखा गया है. माना जाता है कि यह दोनों ही रंग देवी देवताओं को बहुत प्रिय है.

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