महिलाओं के लिए ख़ास- दो बच्चों में 2-3 साल अन्तराल के फायदे

कल्याण आयुर्वेद- वैसे तो बच्चों में कोई आदर्श अंतर नही माना जाता है लेकिन अपने परिवार बढ़ाने के पहले अपना भला-बुरा का ख्याल रखना खासकर महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है कुछ महिलाएं सालभर के अन्तराल में भी बच्चे को जन्म दे देते हैं जो उनके साथ उनके बच्चे के लिए भी नुकसानदेह होता है बच्चों में कम से कम 2 से 3 साल के अंतर रखने से होने वाले फायदे जानने के लिए आगे पढ़ें.

महिलाओं के लिए ख़ास- दो बच्चों में 2-3 साल अन्तराल के फायदे
तो आइये जानते हैं 2 से 3 साल बच्चे में अंतराल के फायदे-

1 .गर्भावस्था या प्रसव के समय महिलाओं में खून की कमी का होना स्वाभाविक होता है जो 2 से 3 साल के अन्तराल रखने से शरीर को मैच्योर होने का मौका मिलता है जिससे आने वाले बच्चे के साथ माँ का भी स्वास्थ ठीक रहता है.

2 .गर्भावस्था या प्रसव के समय आयरन और कैल्सियम की ज्यादा क्षति होती है जिससे एनिमियां एवं जोड़ों के दर्द हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्या उत्पन्न कर सकती है जो 2 -3 साल के अन्तराल रखने से इन बिमारियों की संभावना कम हो जाती है.

3 .छोटे-छोटे बच्चे रहने से मानसिक एवं शारीरिक संतुलन बिगड़ सकती है क्योंकि दो बच्चों का देख-भाल करने में माँ ज्यादा व्यस्त हो जाती है अकुर खुद के स्वास्थ पर ध्यान नही दे पति है जिससे तनाव जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है.

4 .आपको पहले बच्चे के समय जो भी शारीरिक क्षति होती है बच्चों में अंतर रखने से पूरी तरह रिकवर कर जाता है इसलिए दूसरा प्रसव सुरक्षित और सामान्य होने के चांसेज ज्यादा रहती है.

5 .पहला बच्चा जब 3 साल का हो जाता है तो थोडा बड़ा हो जाने के कारण वह खेलने -कूदने में व्यस्त रहता है जिससे माँ को दुसरे बच्चे की देख-भाल करने का मौका ज्यादा मिलता है.

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