जानें- सिर्फ 2 हप्ते में बवासीर को जड़ से खत्म करने के रामबाण उपाय

कल्याण आयुर्वेद- बवासीर एक ऐसी समस्या है जो काफी कष्टदायक होती है जो किसी जमाने में ज्यादा उम्र के लोगों को होती थी. लेकिन अब तो यह समस्या युवाओं और बच्चों में भी होना आम हो गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बवासीर क्यों होती है और किस वजह से. तो चलिए जानते हैं विस्तार से-

जानें- सिर्फ 2 हप्ते में बवासीर को जड़ से खत्म करने के रामबाण उपाय

क्या होती है बवासीर की बीमारी?

बवासीर को अंग्रेजी में पाइल्स कहते हैं. बवासीर रोग में गुदाद्वार में मस्से निकल आते हैं और मल त्याग के दौरान उनके साथ खून भी निकलता है. बवासीर दो प्रकार की होती है भीतरी और बाहरी बवासीर.

बवासीर होने के कारण और बचाव के उपाय-

* अगर आपके पिता या दादा में से किसी को बवासीर की समस्या रही है तो यह बीमारी आपको भी हो सकती है. इसलिए अगर आपके परिवार में कुछ ऐसा मेडिकल इतिहास रहा हो तो अपने चिकित्सक से जरूर संपर्क करते रहें क्योंकि यह समस्या एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जा सकती है.

* अगर आप ज्यादा तेल मसाला खाने के शौकीन हैं तो आप इस आदत को बदल दे क्योंकि इसकी वजह से भी बवासीर की समस्या हो सकती है और कई बार बवासीर हो जाने के बाद गलत खाने की वजह से बवासीर बड़ा रूप धारण कर लेता है जो आपको काफी परेशान करने लगता है.

* अगर आपकी दिनचर्या भागम भाग वाली है या फिर आप शारीरिक व्यायाम को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हैं तो भी बवासीर की समस्या हो सकती है, भले ही आपके परिवार में किसी और को यह समस्या नहीं रही हो. लेकिन आपकी गलत आदतें इसका कारण बन सकती है इसलिए आप इन आदतों में सुधार लाएं.

* अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है. लेकिन अगर आप जंक फूड के शौकीन हैं तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. इससे पेट में कब्ज की शिकायत हो सकती है और अधिक दिनों तक कब्ज रहने के कारण पेट साफ ना होने की वजह से बवासीर की समस्या हो सकती है.

बवासीर को जड़ से खत्म करने के रामबाण उपाय-

इस उपाय को करने के लिए आपको इन चीजों की आवश्यकता होगी.

बेल के पत्ते 10 ग्राम.

छाछ 100 ग्राम.

कलमी शोरा 1 ग्राम.

चित्रकमूल का चूर्ण 2 ग्राम.

बनाने और इस्तेमाल करने के तरीके-

सबसे पहले बेल के पत्तों को चटनी की तरह पिसें. अब भैंस के दूध से तैयार छाछ में पिसे पत्तों को निचोड़ लें. अब आप इसमें 1 ग्राम कलमी शोरा तथा 2 ग्राम चित्रक मूल का चूर्ण मिला लें. अब इस नुस्खे को प्रतिदिन सुबह खाली पेट सेवन करें. 2 सप्ताह तक इसी प्रकार से इस नुस्खे को तैयार करके सेवन करते रहने से बवासीर खत्म हो जाती है.

इसके अलावा यदि बवासीर की समस्या से परेशान है तो एक चम्मच त्रिफला चूर्ण में एक चुटकी कलमी शोरा अच्छी तरह से मिलाकर रात को खाना खाने के बाद गुनगुना पानी के साथ सेवन करें. बाबासीर की समस्या से काफी राहत मिलेगी.

नोट- यह पोस्ट शैक्षिक उद्देश्य से लिखा गया है. हालांकि इसका सेवन करना नुकसानदायक नहीं है फिर भी किसी भी प्रयोग से पहले आप योग्य डॉक्टर की सलाह अवश्य लें. धन्यवाद।

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