कितना भी पुराना गठिया हो सिर्फ 21 दिन में ठीक कर सकता है यह पौधा, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

कल्याण आयुर्वेद- आज हम आपको जिस पौधे से गठिया ठीक करने के बारे में बताने जा रहे हैं वह है मदार का पौधा. इस पौधे से आप भली-भांति परिचित होंगे. इसे विभिन्न क्षेत्रों में श्वेतार्क, अकवन, आंकड़ा, आक आदि नामों से जाना जाता है. इस पौधे का रोपण कोई नहीं करता है यह स्वतः ही उगता है. फिर यह पौधा हर जगह मिल जाता है. यह दो रंगों में पाया जाता है नीला और सफेद. सफेद मदार की जड़ अक्सर गणेश जी की आकृति में स्वतः ही बन जाती है. अनेक स्थानों पर मदार गणेश जी की मूर्तियां मिल जाएगी. इनकी पूजा से भी मनोकामनाएं सिद्ध होती है. ऐसा शास्त्रों में बताया गया है. सफेद मदार के पौधे में गणेश जी का वास माना जाता है. जिस घर में यह पौधा लगा होता है वहां किसी भी प्रकार के तंत्र- मंत्र या जादू, टोने- टोटके का असर नहीं होता है. इसमें  अनेक औषधीय गुण भी मौजूद होते हैं. लेकिन आज हम आपको गठिया में प्रयोग करने के तरीके बताने जा रहे हैं.

कितना भी पुराना गठिया हो सिर्फ 21 दिन में ठीक कर सकता है यह पौधा, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

तो सबसे पहले जान लेते हैं गठिया क्या होता है?

जब हड्डियों के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो वह गठिया का रूप धारण कर लेता है. यूरिक एसिड कई तरह की आहार को खाने से बनता है. रोगी की एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाती है. इस रूप में जोड़ों में गाठें बन जाती है और चुभने जैसा दर्द होता है इसलिए इस रोग को गठिया कहते हैं. यह कई तरह का होता है जैसे एक्यूट, ओस्टियों, रूमेटाइड गाउट आदि.

गठिया के लक्षण-

गठिया के किसी भी रूप में जोड़ों में सूजन दिखाई देने लगती है. इस सूजन के चलते जोड़ों में दर्द, जकड़न और फुलाव होने लगता है. रोग के बढ़ जाने पर तो चलना- फिरना, हिलाना- डुलाना भी मुश्किल होने लगता है.

कैसे करें गठिया में मदार का इस्तेमाल-

2 किलो मदार की जड़ 4 लीटर पानी में उबालें. जब पानी आधा रह जाए तो उसमें से जड़ निकाल लें अब पानी में 2 किलो गेहूं डालकर छोड़ दें. जब पानी गेहूं सोख ले तो उसे अच्छी तरह से सुखाकर पिसवा लें. इस गेहूं के आटे की रोटी गुड़ और घी के साथ खाने से गठिया में राहत मिलता है. गठिया कितना भी पुराना है अधिकतम 1 दिन में ठीक हो जाता है.

इसके अलावा आप 200 ग्राम मदार की जड़ 1 लीटर पानी में उबालें. जब यह उबलकर 200ml रह जाए तो जड़ को छानकर अलग कर लें और बचे हुए पानी में 200 ग्राम सरसों का तेल, 25 ग्राम लहसुन, लगभग 10 ग्राम धतूरे का बीज, 10 ग्राम कनेर जड़ और थोड़ा सा खैनी डालकर पकाएं. जब सभी जलकर सिर्फ तेल रह जाए तो इस तेल को छानकर गठिया पर मालिश करें. इससे दर्द से तुरंत ही आपको राहत मिलनी शुरू हो जाएगी.

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. किसी भी प्रयोग से पहले योग्य वैध की सलाह जरूर लें.

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