महिलाओं में गर्भधारण की शक्ति खत्म कर देता है यह बीज, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

कल्याण आयुर्वेद- शादी के बाद महिला व पुरुष की चाहत होती है कि वे माता-पिता बनें. लेकिन 2-3 बच्चे होने के बाद फिर वह बच्चे नहीं चाहते है और अनचाहे गर्भ से बचने के लिए या तो गर्भनिरोधक गोलियों की सहायता लेते हैं या फिर बंध्याकरण की सहायता लेते हैं. ऐसे में बहुत से ऐसे भी लोग हैं जो ऑपरेशन कराना नहीं चाहते हैं और अनचाहे गर्भ से बचने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का लगातार सेवन करते हैं. जिसका अधिक दिनों तक सेवन करना सेहत पर बुरा असर डालने लगता है.

महिलाओं में गर्भधारण की शक्ति खत्म कर देता है यह बीज, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि कभी गर्भधारण ना हो तो आज हम आपको एक ऐसे आयुर्वेदिक बीज के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसकी मदद से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं.

जी हां, हम जिस बीज के बारे में बात करने जा रहे हैं वह है ढ़ाक यानी पलाश का बीज. आयुर्वेद के अनुसार इसके विधि अनुसार सेवन करने से महिला सदा के लिए बाँझ हो जाती है और वह बच्चा पैदा नहीं कर सकती है.

कैसे करें इस्तेमाल-

पलाश के बीजों को जलाकर राख बना लें और इस राख से आधी मात्रा हिंग को घी में भूनकर मिलाकर सुरक्षित रख लें, अब इसमें से 3 ग्राम तक की मात्रा में माहवारी प्रारंभ होते ही शुरू कर दें और उसके कुछ दिन बाद तक इसका सेवन करते रहने से स्त्री की गर्भ धारण करने की शक्ति खत्म हो जाती है. ( लगभग 10 दिनों तक )

इसके अलावे पलाश के बीच 10 ग्राम, शहद 20 ग्राम और घी 10 ग्राम सब को मिलाकर सुरक्षित रख लें.अब आप शारीरिक संबंध बनाने से 3 घंटे पहले रुई की बत्ती में भिगोकर योनि भाग में रखकर संभोग करने से गर्भ धारण नहीं होता है.

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है, इसका इस्तेमाल करना हानिकारक तो नहीं है फिर भी इस्तेमाल से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

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स्रोत- आयुर्वेद संग्रह.

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