अगर आपके घर के आसपास है यह पेड़ तो आप बहुत भाग्यशाली हैं, हर मनोकामनाएं हो सकती है पूरी

ज्योतिष शास्त्र- घर के आसपास पेड़ पौधे का होना ना सिर्फ वातावरण को शुद्ध रखता है बल्कि हमारे घरों की सुंदरता को भी बढ़ाता है. घर के आस-पास पेड़- पौधे होने से पॉजिटिविटी बनी रहती है.

अगर आपके घर के आसपास है यह पेड़ तो आप बहुत भाग्यशाली हैं, हर मनोकामनाएं हो सकती है पूरी

यदि आपके घर में या घर के आसपास यह पेड़ हो तो घर के सभी सदस्य स्वस्थ रहते हैं. आपके काम में तरक्की होती है तथा किसी भी प्रकार की मुश्किल आपके घर में नहीं आती है.

जी हां हम जिस पेड़ की बात कर रहे है वह है बेल का पेड़. बेल के पेड़ की पत्तियां यानी बेलपत्र शिवजी को अर्पण किया जाता है. खासकर जब शिवजी की पूजा की जाती है एक अलग ही महत्व होता है. इस पर शिवजी की असीम कृपा होती है तो अगर आपके घर में या घर के पास बेलपत्र का पौधा है या फिर पेड़ है तो यह आपके हर तरह की आपदा और विपत्ति से बचाता है.

बेलपत्र के बारे में बहुत सी बातें बताई गई है. जैसे कि बेलपत्र को आप शिवजी पर चढ़ा सकते हैं. ऐसा कहा जाता है कि बेलपत्र के पत्ते जब तक सुख नहीं जाते तब तक आप धोकर दोबारा से शिव जी पर चढ़ा सकते हैं क्योंकि शिवजी को बेलपत्र बहुत ही प्रिय है. बेलपत्र के पत्तों को सोमवार को अष्टमी पूर्णिमा के दिन नहीं तोड़ना चाहिए.

शिव पुराण के अनुसार घर में बेल वृक्ष लगाने से पूरा कुटुंब विभिन्न प्रकार के पापों के प्रभाव से मुक्त हो जाते हैं. जिस स्थान पर बेल का पेड़ होता है उसे काशी तीर्थ के समान पूजनीय और पवित्र माना गया है. ऐसे स्थान पर साधना आराधना करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

शास्त्रों के अनुसार बेल वृक्ष की जड़ों में मां गिरिजा, तने में महेश्वरी, इसकी शाखाओं में मां दक्षयायणी, बेलपत्र की पत्तियों में मां पार्वती, इसके फूलों में माँ गौरी और बेलपत्र की फलों में मां कात्यायनी का वास होता है.

बेल का पेड़ संपन्नता का प्रतीक, बहुत पवित्र तथा समृद्धि देने वाला है. मान्यता है कि बेल के पेड़ में मां लक्ष्मी का वास है. अतः घर में बेलपत्र लगाने से देवी महालक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती है. जातक में शौभाग्यशाली बनता है.

बेलपत्र से भगवान शिव का पूजन करने से समस्त सांसारिक सुख की प्राप्ति होती है. धन- संपत्ति की कभी कमी नहीं होती है.

यह जानकारी अच्छी लगे तो लाइक, शेयर जरूर करें. धन्यवाद.

Post a Comment

0 Comments