हेमंत- विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो सरकार देगी छात्रवृति

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले मेधावी छात्र- छात्राओं के मार्ग में अब गरीबी बाधक नहीं बनेगी. राज्य सरकार ऐसे बच्चों की विदेश में भी शिक्षा के लिए खर्च उठाएगी. बच्चों को सरकार स्कॉलरशिप देगी.

हेमंत- विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो सरकार देगी छात्रवृति

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में टॉपरों के समान कार्यक्रम में यह बातें कही है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि विदेश में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप देने वाला झारखंड देश का पहला राज्य होगा.

मुख्यमंत्री ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय का जिक्र करते हुए कहा है कि यहां से पढ़ाई करने वाले दो हजार से अधिक छात्र आईएएस, आईपीएस बन चुके हैं. राज्य में ऐसे अनेक विद्यालयों है. जिन्हें इस स्तर तक लाने की चिंता सरकार कर रही है.

मुख्यमंत्री कहा है कि कोरोना काल में विद्यालयों के बंद रहने की ऑनलाइन क्लास पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में कोरोना ख़त्म नहीं होता है तो बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों को शिक्षा में कई बदलाव के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर तीनों बोर्ड की 10वीं व 12वीं की परीक्षा में पहले स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया. स्वच्छता के विभिन्न मांगों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 119 विद्यालयों में सांकेतिक रूप से 9 विद्यालयों को स्वच्छता पुरस्कार प्रदान किया. इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, बाल संसद के स्वच्छता मंत्री तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्षों ने विद्यालयों के लिए पचास हजार से ₹200000 तक के पुरस्कार. प्रशस्ति पत्र व प्रमाण पत्र प्राप्त किए. बाकी 110 जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम सम्मानित किया गया.

मुख्यमंत्री इस अवसर पर ऑनलाइन शिक्षा के लिए दो ऐप की भी लॉन्चिंग की. इसमें प्रारंभिक कक्षाओं के लिए डीजी स्कूल तथा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए लर्निटिक एप शामिल है.

विद्यालय प्रमाणीकरण योजना के तहत कास्य श्रेणी में चयनित 569 विद्यालयों सांकेतिक रूप से 3 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किया. साथ ही दो कनीय अभियंता बरहेट के विजय कुमार मंडल और जमशेदपुर की श्वेता कुमारी को सम्मानित किया.

स्रोत- दैनिक जागरण.

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