बड़े काम का है यह पौधा, कहीं मिल जाए तो तुरंत ले आयें घर

कल्याण आयुर्वेद- प्रकृति ने इस पृथ्बी पर कई ऐसे पेड़ पौधे पैदा किये जो हमारे लिए बहुत उपयोगी है. जिसमे एक सत्यनाशी भी बहुत बड़ी औषधि है जो कई रोगों का रामबाण उपाय है. यह कटीला पौधा होता है जो अक्सर नदी-नालों के किनारे होता है. कई बार यह नई भरावट वाले भूमि पर भी मिलता है. सत्यानाशी का पौधा लगभग 3-4 फिट ऊचा होता है. फूल पीले और पत्ते तेज नुकीले होते हैं और बीज सरसों जितने बड़ी काले रंग के निकलते हैं. सत्यानाशी के जड़,फूल और पत्ते आदि का इस्तेमाल औषधीय के रूप में किये जाते हैं.

बड़े काम का है यह पौधा, कहीं मिल जाए तो तुरंत ले आयें घर
तो आइये जानते है सत्यनाशी द्वारा रामबाण उपाय-

1 .घाव-किसी भी तरह से घाव हो जाने पर या काट छिल जाने पर सत्यानाशी के फूल,पत्ते,और दूध रामबाण उपाय है इनका रस घाव पर लगाने से घाव जल्दी भरता है और संक्रमित होने से बचाता है.

2 .जौंडिस-सत्यनाशी के बीज से एक तेल निकलता है जो जौंडिस को दूर करने में बहुत गुणकारी है इसके लिए सत्यानाशी तेल को गन्ने के जूस के साथ एक चम्मच तेल पीना चाहिए.

3 .जलोदर-कभी-कभी पेट,फेफड़े,या शरीर में पानी हो जाता है जिसे जलोदर कहते हैं इस समस्या को दूर करने के लिए सत्यनाशी असरकारक उपाय है सत्यनाशी के फूल,पत्ते और तने का रस एक-एक चम्मच सुबह-शाम सेवन करने से जलोदर की समस्या जल्दी दूर हो जाती है या एक चम्मच सत्यनाशी का तेल और एक चुटकी सेंधानमक एक गिलास गुनगुने पानी के साथ पिने से भी फायदा होता है और जलोदर जल्द ठीक हो जाता है.

4 .मुंह के छाला-मुंह में चाल हो जाने पर सत्यानाशी आपकी बहुत मददगार है इसके लिए सत्यनाशी के कोमल डंठल या पत्तियां चबाकर और 20 मिनट बाद दही मिश्री पीना चाहिए और तेल मशाले और तीखा चीजों से परहेज रखना चाहिए.

5 . पेट के गैस-पेट में गैस बनना एक आम समस्या है जिसमे सत्यानाशी रामबाण उपाय है इसके लिए सत्यनाशी की जड़ और अजवायन का काढ़ा बनाकर पिने से गैस की समस्या से छुटकारा मिलता है.

6 .दम्मा रोग-सत्यानाशी दम्मा रोगों का शर्तिया उपाय हो सकता है इसके इलाज के लिए सत्यानाशी के फूल और काटों को धूप में सुखाकर पाउडर बना कर आधा चम्मच सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से दम्मा और खांसी से जल्दी आराम मिलता है.

7 .दर्द-सत्यानाशी का तेल 30 बूँद और एक ग्राम सोठ का चूर्ण मिलाकर खाने से हर प्रकार का दर्द मिट जाता है.

8 .नपुंसकता-एक ग्राम सत्यानाशी और बरगद का दूध दोनों को गर्म करके चने बराबर गोलियां बना कर पानी के साथ सुबह-शाम 14 दिनों तक सेवन करने से नपुंसकता दूर हो जाती है.

9 .रतौंधी- सत्यानाशी पंचांग से दूध निकाल लें. एक बूंद पीले दूध में तीन बूंद घी मिलाकर आंखों में काजल की तरह लगाने से रतौंधी और मोतियाबिंद में काफी लाभ होता है.
10 .सफेद दाग- सत्यानाशी फूल को पीसकर अथवा सत्यानाशी दूध का लेप करने से सफेद दाग में काफी लाभ होता है.
11 .पेशाब में जलन होना- यदि किसी को पेशाब में जलन हो रहा हो तो सत्यानाशी के पंचांग को 200 मिलीलीटर पानी में भिगो लें. अब इसका काढ़ा बनाकर 10 से 20 मिलीलीटर मात्रा में सेवन करें. इससे मूत्र विकारों में लाभ होता है और पेशाब में जलन दूर हो जाती है.
12 .पेट दर्द-सत्यानाशी के 3 ml दूध को घी के साथ सेवन करने से पेट दर्द ठीक हो जाता है.
नोट-सत्यानाशी का इस्तेमाल गर्भवती महिला और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चो को नही करना चाहिए.
यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है प्रयोग से पहले किसी योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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