कई रोगों का एक दवा है त्रिफला चूर्ण, जानें किन- किन बिमारियों को करता है दूर

कल्याण आयुर्वेद- त्रिफला आयुर्वेद में बहुत बड़ी औषधि के रूप में जानी जाती है क्योंकि यह वात,पित और कफ तीनो दोषों को दूर करने का काम करता है. इसके नियमित सेवन से पाचन ठीक रहता है एवं शारीरिक कमजोरी दूर होती है.

कई रोगों का एक दवा है त्रिफला चूर्ण, जानें किन- किन बिमारियों को करता है दूर
ऐसे तो त्रिफला चूर्ण कई आयुर्वेद कंपनियों का बना हुआ बाजार में मिलता है पर आप इसे घर में भी आसानी से बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं और पंसारी के यह इसके बनाने के सामान भी मिल जाता है.

सामग्री - 200 ग्राम हरे, 200 ग्राम बहेड़ा और 100 ग्राम सूखा आंवला को गुठली निकालकर धुप में सूखा लें इसके बाद आप इसे आसानी से मिक्सचर में पीसकर सुरक्षित रख लें. आपका त्रिफला चूर्ण तैयार है.

आइये जानते है त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल कैसे करें-

1 .पेट सम्बन्धी बीमारी- एक चम्मच त्रिफला चूर्ण रात खाना खाने के बाद गुनगुने पानी से सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत होती है और कब्ज,गैस,भूख न लगना ठीक होकर लटकता हुआ पेट अन्दर चला जाता है.

2 .बबासीर- बबासीर दो तरह की होती है खुनी और बादी. अगर बादी बबासीर की शिकायत हो तो एक चम्मच त्रिफला चूर्ण में एक चुटकी खाने का सोडा मिलाकर गुनगुने पानी के साथ रात को सोते समय सेवन करने से बादी बवासीर ठीक हो जाता है.

3 .यादास्त- त्रिफला चूर्ण के सेवन से शारीरिक शक्ति ही नही बल्कि यादास्त शक्ति भी बढती है इसके लिए त्रिफला चूर्ण एक चम्मच घी और शक्कर के साथ सेवन करना चाहिए.

4 .मधुमेह- 3 से 4 ग्राम की मात्रा में रात को त्रिफला चूर्ण सोते समय खाने से मधुमेह,हाई ब्लडप्रेशर और ह्रदय रोग में बहुत फायदेमंद साबित होता है.

5 .प्रतिरोधक क्षमता- एक चम्मच रोजाना त्रिफला चूर्ण सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है जिससे शरीर को कई बीमारियों से लड़ने का ताकत मिलता है.

यह पोस्ट अच्छी लगे तो लाइक और शेयर करें. धन्यवाद.

Post a Comment

0 Comments