मकरसंक्रांति पर क्यों खाए जाते हैं तिल और गुड़, जानकर चौंक जायेंगे

कल्याण आयुर्वेद- सभी तरह के त्योहारों में एक संक्रांति भी त्यौहार है जिस दिन तील और गुड़ खाने का रिवाज है. लेकिन और त्योहारों में तरह-तरह के पकवान बनाकर खाते है और खुशियाँ मनाते है. लेकिन आखिर संक्रांति में तील और गुड़ ही खाए जाते है क्या आपको पता है ऐसा क्यों ? अगर नही तो आज हम बताने जा रहे हैं तील और गुड़ खाने का रहस्य.

मकरसंक्रांति पर क्यों खाए जाते हैं तिल और गुड़, जानकर चौंक जायेंगे
तो आइये जानते हैं तील और गुड़ खाने का रहस्य-

मकर संक्रांति के दिन कहीं पर तील और गुड़ के लडडू बनाये खाए जाते हैं तो कही इससे टिकिया बनाये जाते है. कही पर तील और गुड़ के गजक का मजा लेते हैं. लेकिन संक्राति में तील और गुड़ का ही सेवन किया जाता है. इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है सर्दी के मौसम में शरीर को गर्मी की आवश्यकता होती है और तील में तेल की मात्रा ज्यादा होती है. यह तेल जब शरीर में पहुचता है तो यह शरीर को गर्माहट देता है. इसी प्रकार गुड की तासीर भी गर्म होता है और तील और गुड़ शरीर को आवश्यक गर्मी पहुचाते है. यही कारण है कि मकर संक्रांति पर तील और गुड़ का व्यंजन सेवन करने का रिवाज है.

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